
इंटीरियर डिजाइनिंग: घर सजे और आपका करियर खिले Publish Date : 20/01/2026
इंटीरियर डिजाइनिंग: घर सजे और आपका करियर खिले
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
“आप में कलात्मकता एवं रचनात्मकता है और घर की सजावट में दिलचस्पी लेते हैं, तो इंटीरियर डिजाइनर बन सकते हैं”।
क्या आप हर समय अपने घर के इंटीरियर को बदलते रहते हैं? हमेशा घर के इंटीरियर डिजाइन के लिए दूसरों से तारीफें पाते हैं? अपने रिश्तेदारों या दोस्तों को भी घर की साज-सज्जा के बारे में आइडियाज देते रहते हैं? यदि इन सभी सवालों का जवाब 'हां' है, तो फिर आप इंटीरियर डिजाइनिंग के क्षेत्र में अपने करियर को संवारने के बारे में सोच सकते हैं।
इंटीरियर डिजाइनिंग का क्षेत्र उन्हीं लोगों के लिए बेहतर साबित हो सकता है, जिनमें डिजाइनिंग के प्रति जबरदस्त दिलचस्पी हो, साथ ही उनके अंदर एक कलाकार का गुण भी हो। इंटीरियर डिजाइनिंग में घर या प्रॉपर्टीज की अंदरूनी डिजाइनिंग के साथ-साथ उन डिजाइन्स को एग्जीक्यूट कर घर में एक ऐसा लुक, वातावरण और माहौल तैयार किया जाता है, जिसकी ख्वाहिश आपका क्लाइंट करता है।
इंटीरियर डिजाइनर के कार्य
मुख्य रूप से एक इंटीरियर डिजाइनर का काम घर, ऑफिस, मॉल्स, हॉस्पिटल, एयरपोर्ट, रेस्तरां, होटल आदि को खूबसूरत और आकर्षक तरीके से सजाना होता है। इंटीरियर डिजाइनिंग में खास तौर से प्लानिंग, कंस्ट्रक्शन, रेनोवेशन और डेकोरेशन पर ध्यान दिया जाता है। खासकर क्लाइंट्स की जरूरतों और पसंद को ध्यान में रखकर ही एक इंटीरियर डिजाइनर घर, ऑफिस आदि के लुक को डिजाइन करता है। क्लाइंट्स से मीटिंग करना, उनके बजट के अनुसार डिजाइन तैयार करना, स्केच बनाना, रंगों, फैब्रिक, फर्नीचर आदि का चुनाव करने के लिए सही राय देना भी इनका काम होता है।
स्केच पर क्लाइंट की सहमति मिलने के बाद ही एक इंटीरियर डिजाइनर आगे का कार्य करता है। अब तो कंप्यूटर की मदद से भी इस काम को किया जाने लगा है।
शैक्षणिक योग्यता और कोर्स
इंटीरियर डिजाइनिंग में यदि आप अपना उज्ज्वल भविष्य बनाना चाहते हैं, तो किसी भी स्ट्रीम से बारहवीं करने के बाद इसमें डिप्लोमा, डिग्री और सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं। आप चाहें तो ग्रेजुएशन के बाद भी इसमें पीजी डिप्लोमा एवं डिग्री कोर्स कर सकते हैं। इसमें ऐंडवांस डिप्लोमा इन इंटीरियर डिजाइन, बैचलर ऑफ इंटीरियर डिजाइन, सर्टिफिकेट कोर्स इन इंटीरियर डिजाइन, बी.एससी इन इंटीरियर डिजाइन, बीए इन इंटीरियर आर्किटेक्चर ऐंड डिजाइन, डिप्लोमा इन इंटीरियर स्पेस ऐंड फर्नीचर डिजाइन जैसे कोर्स भारत में मौजूद विभिन्न संस्थान करवाने लगे हैं।
व्यक्तिगत विशेषताएं
इसमें कामयाबी पाने के लिए आपका क्रिएटिव होना भी बहुत आवश्यक है। उच्च स्तर का डिजाइनिंग स्किल, सृजनात्मकता, संगठनात्मक कौशल, प्रबंधन क्षमता, धैर्य, खुश-मिजाज और मिलनसार व्यक्तित्व आदि गुण भी हों।

कहां-कहां काम के मौके: आर्किटेक्चर एवं बिल्डर फर्म, टाउन प्लानिंग ब्यूरो, होटल, रिसोर्ट, रेस्तरां, स्टूडियो वर्क प्लानर या कंसल्टेंसी में सहयोगी के तौर शुरुआत में काम किया जा सकता है। आप अपना काम भी शुरू कर सकते हैं। अब तो शादी, बर्थडे, एनिवर्सरी जैसे आयोजनों में सजावट करने के लिए इंटीरियर डिजाइनर की सेवाएं ली जाने लगी हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में काम की कोई कमी नहीं है।
कितनी हो सकती है आय
शुरुआत में 20-25 हजार रुपये एक इंटीरियर डिजाइनर को हर महीने सैलरी आसानी से मिल सकती है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
