भविष्य की नौकरियों पर नजर      Publish Date : 19/01/2026

                     भविष्य की नौकरियों पर नजर

                                                                                                                                                                    प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

तेजी से हो रही तकनीकी प्रगति के बीच आने वाले वर्षों में विशेष कौशल रखने वाले पेशेवरों की मांग बढ़ेगी। ऐसे में जिन लोगों के पास डाटा प्रबंधन, विश्लेषण, साइबर सुरक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी आदि में बुनियादी कौशल होगा, उनके लिए बेहतर नौकरियों की उम्मीद है। आइए जानें, भविष्य की नौकरियों के लिए कैसे खुद को तैयार करने की जरूरत है-

एक विद्यार्थी ने जो इसी साल एक इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश लिया है, मुझ से पूछा, च्सर, मैं अगले चार साल में जो कुछ पढ़ाई करूंगा, क्या उसकी 2030 में या उससे आगे कोई प्रासंगिकता होगी? उसका यह सवाल वास्तव में प्रासंगिक और सच्चा था। मैंने उसे बताया कि उत्तरं प्राप्त करना मुश्किल है, क्योंकि भविष्य का अभी आगमन नहीं हुआ है और हर कोई सिर्फ एक वैज्ञानिक अंदाजा लगा सकता है कि संसार कैसा दिखाई देगा। डेल टेक्नोलॉजीज द्वारा एक अध्ययन के अनुसार, भविष्य की 85 प्रतिशत नौकरियां अभी तक ईजाद ही नहीं हुई हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग अनेक नौकरियों को घटा देंगे और बिल्कुल नए रोजगार अवसरों का सृजन करेंगे, जो फिलहाल मौजूद तक नहीं हैं।

                                                     

वैश्विक परामर्श फर्म पीडब्ल्यूसी का कहना है कि ऐसे काम करने वाले कामगार, जो अभी भी ऑटोमेशन द्वारा नहीं किए जा सकते हैं, ज्यादा केंद्रीय बन जाएंगे यानी नियोक्ताओं द्वारा इन नौकरियों के लिए अधिक रचनात्मकता, अभिनवता, कल्पना और डिजाइन कौशलों को प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे में युवाओंके लिए दुनिया में आगे के अवसर कहां हैं? इस लिहाज से अभी कोई सही और गलत उत्तर नहीं है, फिर भी यहां कुछ करियर विकल्प दिए जा रहे हैं जो आशाजनक प्रतीत हो रहे हैं और आपके लिए उपयोगी हो सकते हैं:

रोबोटिक काउंसलर्स

एक समय था जब आप एक काउंसलर के पास जाते थे और मार्गदर्शन मांगते थे। बहरहाल, अब समय काफी बदल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वे सारे तरीके बदल देंगे जिस तरीके से काउंसलिंग को एक सेवा के रूप में उपभोग किया जाता था। आज हमारे पास बोट काउंसलर्स हैं, जैसे- रोबोट, जो अपनी प्रोग्रामिंग के दम पर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मसलों के बारे में भविष्य सूचक बारीक परख पेश कर सकते हैं। इसी तरह, हमारे करियर संबंधी पूछताछ का जवाब देने वाले रोबोट्स भी हैं। यद्यपि काउंसलर्स का निजी अनुभव और बारीक परख एक मुख्य पहलू है। ऐसे में टेक्नोलॉजी का लाभ उठाने से उन्हें अपने करियर को बढ़ाने में और सहायता मिल सकेगी।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।