
क्लीन एनर्जी ग्रीन करियर Publish Date : 10/01/2026
क्लीन एनर्जी ग्रीन करियर
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
“देश के समग्र विकास के ढांचे को रफ्तार देने और सभी तक बिजली पहुंचाने के लिए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को विकसित करने पर सरकार काफी जोर दे रही है। हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने एक संबोधन में इस पर काफी जोर दिया। ऐसे में इस फील्ड में नई नौकरियों की संभावना और बढ़ने की उम्मीद है”-
ऊर्जा संकट आज पूरे विश्व की संकट है। परंपरागत ऊर्जा पर अधिक निर्भरता के दुष्परिणाम असमय बारिश, बाढ़, कार्बन उत्सर्जन, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसे खतरे हमारे सामने हैं। यही कारण है कि बीते कुछ वर्षों से दुनिया भर में क्लीन एनर्जी-सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, हाइड्रोपावर, बायोमास और बायोफ्यूएल जैसे स्रोतों को विकसित करने पर अधिक जोर दिया जा रहा है। इसलिए रिन्यूएबल एनर्जी यानी अक्षय ऊर्जा सेक्टर में नौकरी की संभावनाएं तेजी से बढ़ती नजर आ रही हैं।
भारत ने भी इस प्रयास में अब तक करीब 50 गीगावॉट तक सौर ऊर्जा तैयार करने में सफलता हासिल की है और पिछले 10 वर्षों में अपनी अक्षय ऊर्जा क्षमता को करीब 5 गुना बढ़ाया है। देश ने वर्ष 2022 तक 100 गीगावॉट सौर ऊर्जा और 60 गीगावॉट पवन ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य रखा है। साथ में एनर्जी एफिशिएंट बिल्डिंग डिजाइन, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट तथा एनर्जी मैनेजमेंट पर भी बराबर जोर दिया जा रहा है।
जॉब संभावनाएं
एक अनुमान के मुताबिक, रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में पिछले पांच सालों में 4 लाख से अधिक लोगों को नौकरियां मिली हैं। वैसे भी अगर रोजगार के लिहाज से देखें, तो चीन, ब्राजील और अमेरिका के बाद भारत में ही लोगों को इस सेक्टर में अधिक नौकरियां मिली हैं। काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवॉयर्नमेंट ऐंड वाटर (सोईईडब्ल्यू) की एक रिपोर्ट के अनुसार, अक्षय ऊर्जा सेक्टर में अगले पांचसालों में करीब 10 लाख नई नौकरियां सामने आ सकती हैं।
कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआइआइ) ने भी अपनी एक रिपोर्ट में संभावना जताई है कि वर्ष 2020 तक देश के सोलर पीवी ग्रिड सेक्टर में करीब 1,52,000 नई नौकरियां पैदा होंगी। इस क्षेत्र में जॉब संभावनाएं इसलिए भी देश में ज्यादा हैं, क्योंकि लगातार बढ़ रही आबादी के लिए बिजली की जरूरतों को पूरा करना एक बड़ी चुनौती है।

अर्थव्यवस्था की विकास प्रक्रिया भी ऊर्जा पर टिकी है। इस कारण केंद्र सरकार भी सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, हाइड्रोपावर, बॉयोमास, बॉयोफ्यूएल और जियोथर्मल जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों से बिजली बनाने पर अधिक जोर दे रही है। ऐसे में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और बायोफ्यूएल्स से जुड़े क्षेत्रों मेंअधिक अवसर पैदा होने के अनुमान हैं।
कहां-कहां हैं अवसर
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में भविष्य में सक्षम युवाओं को सबसे अधिक नौकरियां पावर जनरेशन, रिसर्च और मैनेजमेंट में मिलेंगी। इसके अलावा, सोलर एनर्जी के इंस्टॉलेशन ऐंड ऑपरेशन विंग में अधिक संभावनाएं बढ़ने का अनुमान है। अगर इस सेक्टर में उपलब्ध अवसरों की बात करें, तो युवा संबंधित पढ़ाई करने के बाद सोलर पावर प्लांट्स, विंड पावर प्लांट्स, न्यूक्लियर पावर प्लांट्स, बायोमास कंपनीज, एनर्जी स्टोरेज व ट्रांसपोर्टेशन कंपनियों और पर्यावरण सुरक्षा एजेंसियों में जॉब पा सकते हैं।
कोर्स एवं क्वालिफिकेशन
इस सेक्टर में करियर बनाने के लिए कई तरह के कोर्स हैं। बीटेक एमटेक डुएल डिग्री कोर्स के जरिए आप इस फील्ड में एंट्री पा सकते हैं। टेरी जैसे कई संस्थानों में एमटेक इन रिन्यूएबल - एनर्जी इंजीनियरिंग ऐंड मैनेजमेंट, ऐंडवांस्ड पीजी डिप्लोमा इन रिन्यूएबल एनर्जी, डिप्लोमा इन रिन्यूएबल एनर्जी जैसे कोर्स संचालित हो रहे हैं, जहां से यह कोर्स कर सकते हैं। चाहें, तो आगे चलकर इसी क्षेत्र में पीएचडी भी कर सकते हैं।
पीजी कोर्स में दाखिले के लिए किसी भी ब्रांच में इंजीनियरिंग डिग्री होना आवश्यक है या फिर एमएससी उत्तीर्ण हों। वहीं, पीजी डिप्लोमा या ऐंडवांस्ड डिप्लोमा कोर्स के लिए किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन या इंजीनियरिंग डिप्लोमा होना चाहिए।
सैलरी
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ट्रेंड प्रोफेशनल्स की बहुत मांग है। हाईक्वालिफाइड प्रोफेशनल्स को शुरुआत में ही इस सेक्टर में 5 से 6 लाख रुपये सालाना का पैकेज आसानी से मिल जाता है। डिप्लोमाधारियों को भी शुरू में 15 से 20 हजार की सैलरी मिल जाती है।
प्रमुख संस्थान
• टेरी यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली www.teriuniversity.ac.in
• कोटा यूनिवर्सिटी, राजस्थान www.uok.ac.in
• आइआइटी दिल्ली/मुंबई www.iitd.ac.in
क्लीन एनर्जी सेक्टर में बढ़ेंगी संभावनाएं
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में निःसंदेह युवाओं का भविष्य अच्छा है। इस सेक्टर में पोटेशियल बहुत है। नए-नए अवसर सामने आ रहे हैं। पहले स्टूडेंट का फोकस सिर्फ गवर्नमेंट जॉब्स पर होता था। माइंडसेट ऐसा था कि सभी का जोर सिक्योर जॉब पर होता था, लेकिन अब परिदृश्य बदल गया है। आज के युवा एक जगह रहकर काम नहीं करना चाहते, वे स्वीच करना पसंद करते हैं। समाज के प्रति अपना दायित्व भी समझते हैं। इसलिए सिर्फ रोजी-रोटी वाला नजरिया अब बदल रहा है। ऐसा काम करना चाहते हैं, जो सस्टेनेबल हो।

यही कारण है कि युवा क्लीन एनर्जी जॉब्स की तरफ अधिक आकर्षित हो रहे हैं। इस फील्ड में सभी तरह के युवाओं के लिए अवसर है, चाहे वे सोशल साइंस फील्ड से हों या फिर इंजीनियरिंग या आइटीआइ पासआउट हों। कोई भी युवा अपनी योग्यता के अनुसार यहां इंजीनियर, मैनेजर, एग्जीक्यूटिव, सुपरवाइजर, फिटर या टेक्नीशियन के रूप में अपना करियर बना सकता है। टाटा पॉवर, एलएनटी, एनटीपीसी तथा कंसल्टिंग फर्म्स में भी ऐसे प्रोफेशनल्स की हमेशा मांग रहती है। आने वाले दिनों में ये अवसर आगे और बढ़ेंगे।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
