स्मार्ट मशीनों संग करियर      Publish Date : 07/01/2026

                     स्मार्ट मशीनों संग करियर

                                                                                                                                                                   प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

एआइ पर आधारित रोबोट्स व घूमनाइड रोबोट्स की बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए अब भारत सरकार रोबोटिक्स के क्षेत्र में देश को अग्रणी बनाने के लिए राष्ट्रीय नीति ला रही है, ताकि रोबोट बनाने और औद्योगिक संस्थानों द्वारा इसके इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जा सके। यदि रोबोटिक्स में आपकी भी रुचि है, तो इसमें अपनी स्किल बढ़ाकर तेजी से उभरते इस क्षेत्र में अपना करियर संवार सकते हैं-

इंटरनेशनल फेडरेशन आफ रोबोटिक्सा (आइएफआर) के आंकड़ों के अनुसार, मैन्युफैक्चरिंग कायों के लिए दुनियाभर में औद्योगिक रोबोट का इस्तेमाल बढ़ रहा है। भारत में भी मरीजों के आपरेशन से लेकर आटोमोबाइल सेक्टर तक में रोबोट का इस्तेमाल शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में औद्योगिक उत्पाद और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर इन रोबोट का इस्तेमाल होने की उम्मीद की जा रही है।

इसी तरह, पिछले कुछ दिनों से एक प्रतिष्ठित न्यूज चौनल पर खबरें पढ़ते हुए एआइ एंकर को भी आपने जरूर देखा या उसके बारे में सुना होगा। इंसानों की तरह दिखने वाले इन ह्यूमनाइद रोयीट का इस्तेमाल भी इन दिनों बहुत से कार्यों के लिए होने लगा है। यही वजह है कि कुशल युवाओं के लिए रोबोटिक्स में विभिन्न स्तर पर नौकरियों के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।

क्या है रोबोटिक्सः रोबोटिक्स इंजीनियरिंग और विज्ञान की ही एक शाखा है, जिसमें इलेक्ट्रानिक्या इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस से संबंधित पढ़ाई कराई जाती है। दरअसल, रोबोट एक मशीन होते हैं, जो कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के कारण इंसानों जैसा कार्य कर सकते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीक से लैस होने के बाद अब ये रोबोट और ज्यादा स्मार्ट हो गए हैं, जो खुद ही बहुत सी चीजें सीखकर अपना काम ज्यादा कुशलतापूर्वक कर सकते हैं।

                                                        

तेजी से बढ़ रहा उपयोगः आटोमेशन को बढ़ती जरूरत को देखते हुए अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी, दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने पहले से ही रोबोट का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल शुरू कर दिया है। भारत भी अव विभिन्न क्षेत्रों में रोबोट को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार की ओर से रोबोटिक्स को लेकर प्रस्तावित नई राष्ट्रीय नीति को भी इसी दिशा में एक पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

इस नीति के लागू होने के बाद कच्चे माल पर कंपनियों को इन्सेंटिव मिलेगा, क्योंकि रोबोट को बनाने में ऐंडवांस तकनीक के साथ एक्युएटर्स, मोटर, गियरबाक्स, पीसीबी, चिप्स, बैट्री तथा सेंसर जैसे बहुत से आइटम की जरूरत होती है। माना जा रहा है कि इस नई नीति से रोबोट्स के विभिन्न आइटम की घरेलू स्तर पर सप्लाई चेन को काफी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे रोबोटिक्स को बढ़ावा मिलेगा और इस क्षेत्र में देश में बड़ी संख्या में कुशल युवाओं के लिए अवसर सामने आएंगे।

विभिन्न क्षेत्रों में करियर अवसरः वर्तमान में, रोबोटिक्स क्षेत्र में नौकरी के सबसे अधिक मौके तकनीकी सेक्टर, औद्योगिक और आइटी क्षेत्र में हैं। धीरे-धीरे कंपनियों के आटोमेशन, हेल्थकेयर, लाजिस्टिक्स और विमानिकी क्षेत्र में रोबोटिक्स के लिए मौके बढ़ रहे हैं। रोबोटिक्स की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे तकनीकी के अलावा दूसरी शैक्षिक पृष्ठभूमि के युवा भी चुन सकते हैं। यहां डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग, आपरेशन तथा मेंटिनेंस क्षेत्र में भी युवाओं के लिए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। रोबोटिक्स की पढ़ाई करके आप इस क्षेत्र में रोबोटिक इंजीनियर, रोबोटिक प्रोग्रामर, रोबोटिक डिजाइनर, रोबोटिक फील्ड टेक्नीशियन, रोबोटिक्स सिस्टम इंटीग्रेटर तथा रोबोटिक्स प्रोजेक्ट मैनेजर जैसे पदों पर नौकरी पा सकते हैं।

कोर्स एवं योग्यता: रोवोटिक्स विशेषज्ञ बनने के लिए रोबोटिक्स में बीटेक या एमटेक कोर्स कर सकते हैं। इसके अलावा रोबोटिक्स के लिए डिप्लोमा प्रोग्राम्स भी उपलब्ध हैं। कई संस्थान इसके लिए शार्ट टर्म सर्टिफिकेट प्रोग्राम्स भी करा रहे हैं, जिससे विशिष्ट कीशलों को सीखा जा सकता है। पढ़ाई के अलावा प्रैक्टिकल अनुभव और प्रोजेक्ट्स में शामिल होकर आप इस क्षेत्र में जल्दी कुशलता हासिल कर सकते हैं।

रोबोटिक्स/रोमोटिक साइंस कोर्स आप साइंस स्ट्रीम से 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद कर सकते हैं, जबकि रोबोटिक्स में स्पेशलाइजेशन के लिए इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, इंस्ट्रूमेंटेशन या कंप्यूटर साइंस में से कोई एक टेक्निकल वैकग्राउंड होना जरूरी है।

आकर्षक सैलरी पैकेजः शुरुआती स्तर पर एक रोबोटिक्स इंजीनियर की सालाना सैलरी आमतौर पर पांच लाख से 10 लाख रुपये के वीच हो सकती है, लेकिन यह अनुभव के आधार पर बढ़ती जाती है। कुशल युवाओं को गहां 20 लाख रुपये तक मासिक सैलरी मिल रही है।

  • 33 हजार रोबोट कार्यरत है अभी देश के सभी सेक्टर में।
  • 67 तक गया है वैश्विक स्तर पर प्रोफेशनल्स सर्विस रोबोट का कारोबार।
  • 30 लाख औद्योगिक रोबोट इस समय इस्तेमाल हो रहे हैं पूरी दुनिया में मैन्युफैक्चरिंग के काम।

नए रोजगार की खुल रही राहें

                                                  

भारत सरकार के प्रोत्साहन से रोबोटिक्स क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का माहौल है। यह सरकार के साथ-साथ युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर भी है। इससे रोबोटिक्स इंडस्ट्री में और अधिक नौकरियां पैदा हो सकती है और यह भारतीय अर्थव्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूती प्रदान कर सकता है। ह्यूमनाइड रोबोट्स और एआइ का साथ मिल जाने से युवाओं के लिए अब इस क्षेत्र में नए रोजगार की संभावनाएं खुल रही है, क्योंकि तुमनाइड रोकेट्स और एआइ क्षेत्र में अधिक विशेषज्ञता और तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता होती है।

प्रमुख संस्थान

  • आइआइटी, खड़गपुर, दिल्ली, मुंबई, कानपुर, मंदास, गुवाहाटी, रुड़की।
  • इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस, बैंगलुरु।
  • नेताजी सुभाष इंस्टी. आफ टेक्नोलाजी, नई दिल्ली।
  • बिड़ला इस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी ऐंड साइंस (बिट्स), पिल्लानी।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।