
सिर्फ नेटवर्किंग काफी नहीं Publish Date : 15/12/2025
सिर्फ नेटवर्किंग काफी नहीं
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
अक्सर कहा जाता है कि कॅरिअर में आगे बढ़ने के लिए यह जरूरी नहीं कि आंप क्या जानते हैं, बल्कि यह मायने रखता है कि आप किसे जानते हैं और आपकी नेटवर्किंग कैसी है। लेकिन यह पूरी तरह सत्य नहीं। सच है है कि अच्छे और प्रभावशाली लोगों से जुड़ना नए अवसर दिला सकता हैं। लेकिन सिर्फ संपर्कों पर निर्भर रहना सही नहीं है, क्योंकि असली सफलता आपकी योग्यता, मेहनत और काम के प्रति समर्पण पर भी निर्भर करती है। अगर आंपके पास सही कौशल, अनुभव और योगदान की क्षमता नहीं है, तो सिर्फ जान-पहचान से फायदा नहीं होगा। इसलिए नेटवर्क जरूर बनाएं, लेकिन अपने कौशल और प्रदर्शन पर भी ध्यान दें।
संपर्कों पर निर्भर न रहें

नेटवर्क आपको मौके दिला सकता है, पर नौकरी पाना और उसमें टिके रहना आपके प्रयास और प्रदर्शन पर ही तय होता है। इसलिए ध्यान इस बात पर दें कि आप अपने काम और संगठन में क्या मूल्य जोड़ सकते हैं। अपने संपर्कों का इस्तेमाल सीखने या सुधारने के लिए करें, न कि कमियों को छिपाने के लिए। याद रखें, आपका नेटवर्क आपकी मेहनत और जिम्मेदारी की जगह नहीं ले सकता, क्योंकि मौके मिलेंगे, लेकिन सफलता आपकी कोशिशों से ही तय होगी।
संख्या नहीं, गुणवत्ता
असली फायदा उन रिश्तों से होता है, जो गहरे और सच्चे हों। सिर्फ लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म पर कनेक्शन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि ऐसे सतही रिश्ते ज्यादातर समय कोई खास मदद नहीं करते। असल मायने उन लोगों से जुड़ने में हैं, जिनकी सोच, मूल्य और लुक्ष्य आपके जैसे हों। ऐसे रिश्ते आपको ईमानदार सलाह, उपयोगी प्रतिक्रिया और सही अवसर दिला सकते हैं। इसलिए कुछ सच्चे और भरोसेमंद संबंध बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि कॅरिअर में सफलता की कुंजी 'गुणवत्ता' है, 'संख्या' नहीं।
सफलता आपका पीछा करेगी

भले ही आपके पास काम के अनुभवों से बना एक बड़ा नेटवर्क हो, लेकिन अगर आप अपने रिश्तों और बातचीत में कोई असली मूल्य नहीं. जोड़ते, तो आपका विकास रुक सकता है। आपको लगातार सीखते रहना, नए कौशल विकसित करना और अपने काम में बेहतर प्रदर्शन करना जरूरी है। अगर आप अपने काम में उत्कृष्ट हैं और उसका असर दिखता है, तो सफलता अपने आप आपका पीछा करेगी, चाहे आपका नेटवर्क छोटा ही क्यों न हो।
उपलब्धियों को स्वीकारें
अपनी उपलब्धियों की जिम्मेदारी खुद लेना बहुत जरूरी है। इसका मतलब है कि आप यह साफ दिखाएं कि आपने क्या हासिल किया, किन मुश्किलों का सामना किया और आपने अपने प्रयासों से क्या नया या बेहतर बनाया। ये बातें आपके असली योगदान को उजागर करती हैं। नेटवर्किंग के बजाय अपने काम की गुणवत्ता और परिणामों से अपनीं पहचान बनाना ज्यादा सही है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
