
कृषि क्षेत्र में नौकरियों की कमी नहीं Publish Date : 02/12/2025
कृषि क्षेत्र में नौकरियों की कमी नहीं
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
“एग्रीकल्चरल कोर्सेज में दाखिले के लिए अलग-अलग संस्थानों द्वारा प्रवेश परीक्षाएं आयोजित कराई जाती हैं”
भारत को दुनिया के एक बड़े कृषि आधारित देश के रूप में जाना जाता है। यहां की अधिकांश आबादी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से खेती पर निर्भर करती है। देश में खेती के तौर-तरीकों में आए बदलावों का नतीजा है कि कृषि से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों जैसे-आर्गेनिक खेती, फार्म मैनेजमेंट, फूड प्रोसेसिंग, एग्रीकल्चरल सप्लाई चेन मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर सेल्स ऐंड मार्केटिंग, बायोफर्टिलाइजर्स डेवलपमेंट आदि में युवाओं के लिए कॅरियर निर्माण के शानदार विकल्प सामने आ रहे हैं।
आवश्यक योग्यता
अगर आप इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं, तो फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स के अलावा बायोलॉजी विषय से 12वीं कर सकते हैं। 12वीं के बाद आप स्नातक, स्नातकोत्तर या यूजी, पीजी डिप्लोमा/ सर्टिफिकेट प्रोग्राम्स में दाखिला ले सकते हैं। इन कोर्सेज में दाखिले के लिए संबंधित विषयों में विशेषज्ञता के साथ-साथ एग्रीकल्चरल साइंस या इंजीनियरिंग में स्नातक होना भी जरूरी है। आप चाहें तो पीएचडी भी कर सकते हैं।
कैसे होता है दाखिला
एग्रीकल्चरल कोर्सेज में दाखिले के लिए अलग-अलग संस्थानों द्वारा प्रवेश परीक्षाएं आयोजित कराई जाती हैं। कुछ राज्य एग्रीकल्चर कोर्सेज में प्रवेश के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट यानी सीयूईटी आयोजित करते हैं। प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आप मेरिट के आधार पर सरकारी कॉलेजों में प्रवेश पा सकते हैं, वहीं कुछ प्राइवेट कॉलेज भी हैं, जो मेरिट के आधार पर प्रवेश देते हैं। इसके अतिरिक्त भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद अखिल भारतीय स्तर पर भी प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं।
नौकरी की संभावनाएं

बैंक में किसान क्रेडिट कार्ड, लोन आदि से जुड़े कार्य और फील्ड ऑफिसर के लिए एग्रीकल्चर स्नातकों के पास बेहतर मौके होते हैं। आप कृषि इंजीनियर, व्यवसाय विकास कार्यकारी, कृषि विकास अधिकारी (एडीओ), कृषि वैज्ञानिक, भूनिर्माण प्रबंधक, फसल परीक्षण अधिकारीफार्म मैनेजर, सुपरवाइजर, हॉर्टिकल्चरिस्ट, एग्रोनॉमिस्ट आदि के तौर पर अवसर तलाश सकते हैं। आप असिस्टेंट प्रोफेसर या लेक्चरर के रूप में टीचिंग क्षेत्र में भी अपना कॅरियर बना सकते हैं। इसके अलावा यूपीएससी, नाबार्ड ग्रेड-ए, एसएससी द्वारा आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में भी भाग ले सकते हैं।
वेतनमान
एग्रीकल्चर क्षेत्र में फ्रेशर्स को शुरुआती स्तर पर औसतन 18 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। वहीं कुछ समय पश्चात आपका वेतन कौशल, अनुभव.एवं शैक्षणिक योग्यताओं पर निर्भर होता है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
