
नैनो है नया करियर Publish Date : 12/11/2025
नैनो है नया करियर
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
“अब बड़े-बड़े उपकरण, बड़े-बड़े प्रयोग, बड़ी-बड़ी प्रयोगशालाएं बीते वक्त की बातें हो गई हैं। अब तो लैब ऑन ए चिप का युग आ गया है। यह संभव हुआ है नैनो टेक्नोलॉजी के माध्यम से। क्या है नैनो टेक्नोलॉजी और इसमें किस तरह के हैं करियर-“
क्या आप कल्पना कर सकते हैं शकर के दाने के बराबर के किसी ऐसे कंप्यूटर कौ. जिसमें विश्व के सबसे बड़े पुस्तकालय की समस्त पुस्तकों की समग्र जानकारी संग्रहीत हो या किसी ऐसी मशीन की, जो हमारी कोशिकाओं में घुसकर रोगकारक कीटाणुओं पर नजर रख सके या फिर सीटे-छोटे कार्बन परमाणुओं से बनाए गए किसी ऐसे टेनिस रैकेट को, जो साधारण रैकेट से कहीं अधिक हल्का और स्टील से कई गुना ज्यादा मजबूत हो।
कपड़ों पर लगाए जा सकने वाले किसी ऐसे बायोसेंसर की कल्पना करके देखिए, जो जैव-युद्ध के जानलेवा हथियार पंधेक्स (एक जीवाणु) के आक्रमण का पता महज कुछ मिनटों में लगा लेगा। परी-कथाओं जैसा लगता है न ये सब लेकिन यह कोरी कल्पना नहीं है। विज्ञान ने इन कल्पनाओं में वास्तविकता के रंग भर दिए हैं नैनोटेक्नोलॉजी के माध्यम से।
क्या है जैनो टेक्नोलॉजी

नैनो टेक्नोलॉजी वह अप्लाइड साइंस है, जिसमें 100 नैनोमीटर में छोटे पार्टिकल्स पर भी काम किया जाता है। आज इस तकनीक की मदद से हर क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। यदि विस्तार से जानें, तो नैनी एक ग्रीक शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ है बौना। नैनोटेक्नोलॉजी में काम आने वाले पदार्थों को नैनोमैटेरियल्स कहा जाता है। मैनो-टेक्नोलॉजी का उपयोग वर्षों में बहुलक (पॉलीमर)
तथा कम्प्यूटर चिप्स में हो रहा है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी और कम्प्यूटर भवन-निर्माण सामग्री, बस्त्र उद्योग, इलेक्ट्रॉनिमस और दूर संचार, घरेलू उपकरण, कागज और पैकिंग उद्योग, आहार, वैज्ञानिक उपकरण, चिकित्सा और स्वास्थ्य, खखेल जगत, ऑटोमोबाइल्स, अंतरिक्ष विज्ञान, कॉस्मेटिक्स, अनुसंधान और विकास जैसे क्षेत्र में इसका उपयोग होता है।
कोर्स और योग्यता
समय के साथ-साथ करियर के विकल्प बढ़ गए हैं। नैनोटेक्नोलॉजी में पीजी करने के लिए भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व गणित में 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक या एम-टेक करने के लिए मैटेरिक्ल साइंस, मैकेनिकल, बायोमेडिकल, केमिकल, बायोटेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड कम्प्यूटर साइंस में से किसी भी विषय से बीटेक की डिग्री आवश्यक है।
फ्यूचर प्रॉस्पेक्दस
नैनो टेक्नोलॉजी का कार्य क्षेत्र बहुत ही व्यापक और विस्तृत है। आज हर क्षेत्र में इस टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जा रहा है। इंजीनियरिंग साइंस, मैटेरियल साइंस, इंस्ट्रूमेंटेशन, डिवाइस फेब्रिकेशन और ड्रग डिलीवरी सिस्टम में होने वाली हर नई खोज का कम से कम एक कंपोनेंट नैनो टेक्नोलॉजी से संबंधित होता है। दुनिया का शायद ही कोई क्षेत्र इससे अछूता रहा हो। बायी मेडिकल अनुसंधान में तो नैनोमेडिसीन ने जैसे करिश्मा कर दिखाया है और इस करिश्मे के पीछे हैं। खाद्य सामग्री निर्माण, संसाधन, सुरक्षा और डिब्बाबंदी का प्रत्येक चरण नैनो-टेक्नोलॉजी के बिना अधूरा है। सूक्ष्मजीव प्रतिरोधक लेप (नैनोपेंट) भोजन को लम्बे समय तक खराब होने से बचाते हैं। भोजन में होने वाले जैविक और रासायनिक परिवर्तनों की पहचान और उपचार अब बहुत आसानी से किया जा सकता है। आसानी से साफ होने वाले तथा खरोंच प्रतिरोधी पौधों की पोषक पदार्थ ग्राहक क्षमता बढ़ाने वाले और रोगों से बचाने वाले नैनी-प्रोडबट्स निश्चित ही कृषि क्षेत्र में क्रांति ला देंगे। अब बाजार में ऐसे नैनोलोशन भी आ गए हैं, जो न केवल आपकी कोशिकाओं को जवान और तंदुरूस्त बनाएंगे, बल्कि बुढ़ापे और चीमारियों से भी आपको कोसों दूर रखेंगे।
कहां मिलेगी नौकरी
यह क्षेत्र देखने में भले ही आकर्षक हो, लेकिन इस क्षेत्र में चुनौतियां भी कम नहीं हैं। इसमें रिसर्च को तवज्जी दी जाती है। इस क्षेत्र में करियर की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। आप नैनो मेडिसिन, बायोइन्फोर्मेटिक्स, स्टेम सेल डेवलपमेंट, पैनी टॉक्सीको लॉजी और नैनी पावर जनरेटिंग सेक्टर में संभावनाएं तलाश कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त इस क्षेत्र के छात्रों के लिए हेल्थ इंडस्ट्री, एग्रिकल्चर, एन्ॉयरनमेंट इंडस्ट्री, स्पेस रिसर्च, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, जेनेटिक्स, प्राइवेट रिसर्च इंस्टीट्यूट, बायोटेक्नोलॉज़ी, फॉरेसिंक साइंस जैसे क्षेत्रों में भी काफी अवसर है। आप चाहें तो टेक्सटाइल इंडस्ट्री, फार्मास्युटिकल कंपनियों में भी नौकरी की तलाश कर सकते हैं।
वेतन
वेतन आपकी योग्यता और अनुभव पर निर्भर करता है। इस क्षेत्र में कमाई की कोई सीमा नहीं है। दिनोंदिन बढ़तीनैनो टेक्नोलॉजिस्ट की मांग ने इस क्षेत्र में कमाई के भी कई अवसर खोले हैं। वैसे, आपका वेतन आपकी कंपनी पर निर्भर करता है। सरकारी सेक्टर में एक एमटेक व्यक्ति 30 हजार रुपये प्रतिमाह आसानी से कमा सकता है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि यह फ्यूचर के साथ-साथ वर्तमान का करियर है। यदि इससे संबंधित डिग्री, डिप्लोमा कोर्स कर लेते हैं, तो आपको बेहतर सैलरी अवश्य मिलेगी।
प्रमुख संस्थान
• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कानपुर, दिल्ली, मुंबई।
• जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली।
•नेशनल फिजिकल लेबोरेट्री, दिल्ली।
• गुरु गोबिंद सिंह पूनिवर्सिटी, दिल्ली।
• गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी, हरियाणा।
• एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनो-टेक्नोलॉजी, नोएडा।
• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सांइस,बेंगलुरु।
• मौलाना आजाद नेशनलइंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, भोपाल।
• अमृता सेंटर फॉर नैनोसाईस, कोच्ची।
• जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉरे ऐंडवास साइंटिफिक रिसर्च, बेंगलुरु।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
