
केवल डिग्री पाना ही लक्ष्य न हो Publish Date : 07/11/2025
केवल डिग्री पाना ही लक्ष्य न हो
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
“डिग्री पाने की होड़ में शामिल होने के बजाय पढ़ाई के साथ शॉर्ट-टर्म या सर्टिफिकेशन कोर्स करना कॅरियर के लिहाज से फायदेमंद होता है”
आजकल बहुत से छात्र अच्छी से अच्छी डिग्री पाने की होड़ में लगे हुए हैं। इसके विपरीत कुछ छात्र अपने कॅरियर के प्रति संवेदनशील और गंभीर होते हैं। ऐसे छात्र डिग्री के अलावा उन रणनीतियों के बारे में भी सोचते हैं, जिससे उन्हें उच्च वेतन वाली नौकरी प्राप्त करने में मदद मिल सके और वे नए कौशल भी सीख सकें। अगर आप कॉलेज के छात्र हैं, तो आपको भी ऐसी रणनीतियों पर अमल करने की जरूरत है।
इस तरह की रणनीति बनाकर पढ़ाई करने से आप औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ पेशेवर बाजार के अनुरूप खुद को ढाल सकेंगे। ऐसे कई तरीके हैं, जिन्हें कॉलेज की पढ़ाई के दौरान आजमाकर आप अपने कौशल निखार सकते हैं।
कौशल-आधारित शिक्षा

जहां एक डिग्री आपको सैद्धांतिक ज्ञान देती है, वहीं जॉब मार्केट में अधिकांश नियोक्ता यह देखेंगे कि आपके पास कौन-से कौशल हैं? इसलिए कौशल आधारित कोर्स में शामिल होने को ज्यादा तवज्जो दें। यह प्रोजेक्ट वर्क भी हो सकता है, जिसमें समस्या समाधान व तकनीकी जानकारी की आवश्यकता होती है। आप भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के द्वारा संचालित स्वयं पोर्टल के माध्यम से साइबर सिक्योरिटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर सर्टिफिकेट प्रोग्राम, डाटा विजुअलाइजेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विभिन्न प्रकार के शॉट-टर्म व सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं।
कार्य अनुभव
वास्तविक दुनिया का कार्य अनुभव लेने के लिए इंटर्नशिप बेहद जरूरी है। साथ ही यह डिग्री के ज्ञान को धरातल पर आजमाने का मौका देती है। यह रिज्यूमे को भी प्रभावी बनाती है। इंटर्नशिप की सबसे बढ़िया बात यह है कि इसे आप अपने कॉलेज के दौरान पढ़ाई करते हुए भी कर सकते हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस और विप्रो जैसी कंपनियां ऐसे छात्रों को इंटर्नशिप करने का मौका देती हैं।
ऑनलाइन कोर्स और वर्कशॉप
बदलते परिदृश्य को देखते हुए आपको हमेशा नई तकनीक से अपडेट रहना होगा। ऐसा आप ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मौजूद तकनीकी कोर्स, ट्रेनिंग प्रोग्राम या वर्कशॉप और विभिन्न सॉफ्टवेयर स्किल सीखकर कर सकते हैं।
नेटवर्किंग और व्यक्तिगत ब्रांडिंग
अपना नेटवर्क मजबूत बनाएं। इसके लिए कॉलेज के कार्यक्रम में भाग लें, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहें और अपने क्षेत्र से जुड़े लोगों से ज्यादा से ज्यादा संपर्क बनाएं। इससे आपकी नेटवर्किंग तो बढ़ेगी ही, व्यक्तिगत ब्रांडिंग भी बढ़िया तरीके से होगी।
काउंसलिंग और मेंटरशिप
कॅरियर की नई शुरुआत करना थोड़ा कठिन हो सकता है। ऐसे में आप कॅरियर काउंसलर और मेंटर की सलाह ले सकते हैं। वे आपको रुचियों के अनुसार नौकरी बाजार को देखते हुए संभावित कॅरियर विकल्पों की जानकारी देंगे।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
