
किसी भी हालात में सीखना न छोड़ें Publish Date : 30/09/2025
किसी भी हालात में सीखना न छोड़ें
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
“तेजी से बदलती दुनिया में आजीवन सीखने की प्रक्रिया आपके व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास की कुंजी हैं”।
जीवनपर्यंत सीखते रहना आरंभिक शिक्षा का एक स्वरूप है, जोकि व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित होता है। हालांकि आजीवन सीखने की कोई मानकीकृत परिभाषा नहीं है, लेकिन इसे आमतौर पर सीखने के संदर्भ में लिया जाता है, जो किसी औपचारिक शैक्षणिक संस्थान, जैसे-स्कूल, विश्वविद्यालय या कॉरपोरेट प्रशिक्षण आदि से पूरी तरह से ही अलग होता है।
जीवनपर्यंत सीखने वाले व्यक्ति वे होते हैं, जो अपने कौशल को निखारना और ज्ञान का विस्तार करना कभी नहीं छोड़ते हैं। उन्हें व्यक्तिगत या व्यावसायिक विकास करने में रुचि हो सकती है, जैसे-किसी विषय का अध्ययन करना, वोकेशनल कोर्स करना, एक नई भाषा को सीखना आदि।
सीखने के स्तंभ

डेलर्स रिपोर्ट ने सीखने के लिए एक समग्र वैचारिक ढांचे को प्रस्तुत किया, जिसमें सीखने के चार स्तंभ हैं। इन चार स्तंभों में पहला जानना सीखना, दूसरा करना सीखना, तीसरा बनना और सीखना और चौथा किसी के साथ रहकर सीखना शामिल है। इसका तात्पर्य जीवन भर सीखने से है कि आप प्रत्येक कार्य में व्यक्तिगत पूर्ति के लिए प्रासंगिक कौशल, ज्ञान और दृष्टिकोण कैसे विकसित कर सकते हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
वर्तमान में पूरी दुनिया अभूतपूर्व गति से बदल रही है। हर दिन नए उद्योग और कार्य करने के नए तरीके विकसित हो रहे हैं और जो इसके अनुरूप खुद को नहीं ढाल पाते, वे पीछे रह जाते हैं। निरंतर सीखना आपको अधिक रचनात्मक बनने, जीवन में उद्देश्य और पूर्ति की भावना विकसित करने में मदद करता है।
क्या हैं इसके लाभ?
सीखने की प्रक्रिया आपके भीतर मजबूत विश्लेषणात्मक और समस्या समाधान कौशल विकसित करने में मदद करती है। वे जटिल मुद्दों को कई तरह से देख सकते हैं और, नवीन समाधान तैयार कर सकते हैं। नए कौशल और ज्ञान प्राप्त करते ही आपका आत्मविश्वास स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। ऐसे में आप विपरीत परिस्थितियों में भी खुद को डटकर खड़े रहने के लिए तैयार रखते हैं।
आज के प्रतिस्पर्धी नौकरी बाजार में लगातार सीखते रहना महत्वपूर्ण है। आजीवन सीखने का मतलब केवल अपनी पुरानी नौकरी को बनाए रखने से नहीं है। बल्कि यह नई भूमिकाओं या नए कॅरियर का द्वार भी खोल सकता है। यह आपको समान विचारधारा वाले पेशेवरों से जुड़ने और अपना व्यक्तिगत नेटवर्क बढ़ाने की अनुमति देता है।
सीखने के तरीके

विचार करें कि आप किस चीज को लेकर उत्साहित हैं और आप अपने भविष्य के लिए क्या कल्पना करते हैं। लक्ष्य निर्धारित करें, नए अवसरों की तलाश करें, पढ़ें, प्रतिक्रिया मांगें, चिंतन करें आदि सुझावों से आप जीवन भर सीखने में संलग्न रह सकते हैं और व्यक्तिगत व व्यावसायिक सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
