आवाज को पहचान बनाने से खुलेंगी राहें      Publish Date : 04/09/2025

                    आवाज को पहचान बनाने से खुलेंगी राहें

                                                                                                                                                                                      प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

बच्चों की कार्टून फिल्मों और विज्ञापनों में कलाकारों को मधुर आवाज में विभिन्न उत्पादों का प्रचार करते हुए आपने अवश्य देखा-सुना होगा। हॉलीवुड और दक्षिण भारतीय भाषाओं की फिल्मों में कलाकारों को हिंदी या अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में धाराप्रवाह बोलते हुए भी आपने जरूर सुना होगा। दरअसल, ये सभी आवाज वॉइस ओवर आर्टिस्ट की होती हैं, जो अपनी आवाज को सिनेमा, टेलीविजन शोज, रेडियो विज्ञापन, डॉक्यूमेंटरी, एनिमेशन इत्यादि के लिए देते हैं। वॉइस ओवर आर्टिस्ट का कॅरियर बोलने की कला पर निर्भर करता है। भाषा पर अच्छी पकड़, शब्दों का सही उच्चारण, वॉइस मॉड्यूलेशन में मास्टरी और आवाज की स्पष्टता जैसे कौशलों की बदौलत एक वॉइस ओवर आर्टिस्ट के लिए इस क्षेत्र में काम करने और पहचान बनाने के ढेरों अवसर मौजूद होते हैं।

शुरुआत कैसे और कहां से करें

वॉइस ओवर आर्टिस्ट के प्रोफेशन में आवाज का जादू होता है, जिसमें कामयाबी के लिए सबसे अधिक मूल्यवान आपकी आवाज ही होती है। इस पेशे के लिए किसी फॉर्मल एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन अपनी आवाज को निखारने, व्यक्तित्व को संवारने, आवाज को मॉड्यूलेट करने और इस पेशे से संबंधित आवश्यक ट्रिक्स को जानने के लिए शॉर्ट टर्म स्पेशलाइज्ड प्रोग्राम्स और वर्कशॉप्स में प्रशिक्षण लेना आवश्यक होता है।

ऑडिशन के जरिये मिलेगा अवसर

इस क्षेत्र में जॉब के सर्वाधिक अवसर ऑडिशन के जरिये ही मिलते हैं। वॉइस से जुड़ी एजेंसियों में ऑडिशन देने से भी जॉब्स के अवसर खुलते हैं। मीडिया चैनल्स, स्पोर्ट्स इंडस्ट्रीज, प्रोडक्शन हाउसेज में वॉइस ओवर आर्टिस्ट की काफी अधिक मांग होती है। रेडियो जॉकी के रूप में भी रोजगार के अवसरों की कोई कमी नहीं है। ऑडिशन देते रहने से कला में निखार तो आता ही है, साथ ही इस पेशे जुड़ें अवसरों का पता चलता है।

वॉइस ओवर में कॅरियर विकल्प

सोशल मीडिया और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के युग में खुद का स्टूडियो भी इस क्षेत्र में कॅरियर को काफी बढ़ावा देसकता है। इसके अतिरिक्त एक वॉइस ओवर आर्टिस्ट के लिए विज्ञापन एजेंसी, रेडियो और टेलीविजन चैनल्स, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सिनेमा, वीडियो गेम्स इंडस्ट्री, पॉडकास्ट इंडस्ट्री इत्यादि क्षेत्रों में रोजगार के कई अवसर उपलब्ध हैं।

इस क्षेत्र में वेतनमान

इस क्षेत्र में शुरुआती दौर में 12,000 से 15,000 रुपये तक प्रतिमाह सैलरी मिल सकती है। अनुभव के आधार पर प्रतिमाह 50 हजार से 70 हजार रुपये तक कमा सकते हैं। वहीं अगर दूसरे देश की कंपनियों के साथ काम करते हैं, तो घंटे के हिसाब से पैसे कमा सकते हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।