
कॅरियर ग्रोथ के लिए कौशल हो आधार Publish Date : 23/08/2025
कॅरियर ग्रोथ के लिए कौशल हो आधार
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
तेजी से बदल रही डिजिटल दुनिया में देखें कि वर्तमान में किस कौशल की सर्वाधिक मांग है-
इन्फॉर्मेशन ऐज की दुनिया में कौशल ज्ञान के दायरे को बढ़ाना लगभग सभी पेशेवरों व युवाओं की सबसे पहली मांग है, ऐसे में जिस दोगुनी गति से लोगों के लिए एवरग्रीन सेक्टर में नौकरी की संभावनाएं बढ़ रही हैं, उसे देखते हुए हमें एक बेहतर कॅरियर निर्माण के लिए खुद को नई तकनीकों के अनुरूप ढ़ालने या कहे कि इनसे परिचित होने की नितांत आवश्यकता है। बेहतर कॅरियर ग्रोथ के लिए यह जरूरी है कि आप स्वयं के लिए नए विकल्प तलाशें और अपने आपसे प्रश्न करें कि कैसे आप जीवन में नए कौशलों से अपग्रेड हो सकते हैं।
कॅरियर को प्रभावित करने वाले कुछ कौशल
अगर आप अपने कॅरियर के अभी शुरुआती दौर में ही हैं तो सबसे पहले आपको यह जानना होगा कि कौन से कौशल की इस डिजिटल दुनिया में इस समय सबसे अधिक मांग है और यह कैसे आपके दीर्घकालीन जीवन को प्रभावित कर सकते हैं। दरअसल डिजिटल माहौल के तेजी से बदलते इस दौर में, कौशल की मांग को पहचानने का यह पहला कदम है। जब आप स्वयं के विकास के लिए आवश्यक कौशल की पहचान कर लेते हैं, तब आप खुद के लिए आत्म-विकास की दिशा में सही कौशल का चुनाव कर पाने में भी कामयाब हो जाते हैं।
मौजूदा कौशल व पसंदीदा कॅरियर का मेल
कौशल सेट को बढ़ाने के लिए आपको यह समझना भी बेहद जरूरी है कि आपके मौजूदा कौशल और अनुभव आपके पसंदीदा कॅरियर के साथ मेल खाते हैं अथवा नहीं। साथ ही क्या आपके पास उन कौशलों की कमी है जो आपके पसंदीदा कॅरियर मार्ग के साथ मेल खाते हैं? अक्सर जब भी आप यह सवाल खुद से पूछते हैं तो आपको यह समझने में मदद मिलती है कि अभी आपको किन कौशलों को विकसित करने की आवश्यकता है।
विभिन्न स्रोतों से सीखें कौशल
अपने कौशल ज्ञान के दायरे को बढ़ाने के लिए उपलब्ध स्रोतों की जांच करना आपके लिए बेहद जरूरी है। आपका यह मूल्यांकन करना भी जरूरी है कि कौन से ऑनलाइन कोर्स, वर्कशॉप या प्रमाणपत्र की मदद से आप भविष्य के लिए नए कौशल के अवसर का विकास कर सकते हैं।
सही मेंटर का करें चुनाव
किसी क्षेत्र के बारे में जानकारी लेनी हो या कॅरियर ग्रोथ के लिए सलाह एक मेंटर दोनों ही परिस्थितियों में आपका साथ बखूबी निभाता है। मेंटर द्वारा दिए जाने वाले सुझाव आपके कॅरियर का सही चुनाव कर बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। इसलिए अगर आप सही मेंटर का चुनाव करते हैं तो यह न केवल आपको भविष्य में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद कर सकता है, बल्कि आपका व्यक्तिगत विकास करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
आगे बढ़ना है तो बनाएं करियर का रोडमैप
अपने करियर का विकास कैसे करें, यह भी एक कौशल है। करियर का रोडमैप और उस पर अमल आपकी आगे बढ़ने की गति को तेज कर सकता है। बता रहें हैं सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्वोगिक विश्वविद्यालय के निदेशक ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट, प्रोफेसर आर. एस. सेंगर-
वर्तमान में करियर को लेकर ’फ्रूट मेटालिटी’ मुझे अक्सर देखने को मिलती है। फ्रूट मेंटालिटी से मतलब है कि मुझे इसका क्या फल मिलेगा। अधिकतर सारा ध्यान एक पैसा देने वाली नौकरी पर ही लगा होता है। जबकि करियर के विकास में ’सीड मेटालिटी’ ज्यादा काम करती है यानी कि कुछ नींव बनाने का काम। अगर आप अपने काम में लाभ यानी ’फ्रूट’ पर केंद्रित रहेंगे तो आप बहुत जल्दी अपने काम से ऊब जाएंगे और नतीजा होगा बर्नआउट।
इसके बजाय अगर आप अपने करियर की एक योजना बनाकर उसके विकास पर ध्यान देंगे, तो जॉब मिलने के बाद आपको फ्रूट भी मिलेगा और आपकी प्रतियोगी क्षमता भी लगातार बढ़ती जाती है।
आपके करियर में आगे के दो-पांच सालों का आपका नजरिया/योजना नियोक्ताओं के लिए भी अहमियत रखते हैं। तभी तो इंटरव्यू में भी और अप्रेजल में भी यह एक अहम प्रश्न होता है। क्योंकि, यह आपकी विकास करने की इच्छा का आईना भी होता है। यह आपकी ऊर्जा, आपके भविष्य के प्रति सतर्कता और लीडरशिप के गुण का भी संकेत है।
लोगों को सुनें, संपर्क बनाएं
कॅरियर के विकास की प्रक्रिया पढ़ाई के दौरान में शुरू होकर रिटायरमेंट तक निरंतर चलती रहती है। हालांकि कई लोग ऐसे होते हैं जो उसके बाद भी करियर बनाते हैं। नए स्किल सीखना, अपने काम में कोई उद्देश्य ढूंढ़ना और आगे बढ़ना इसके अहम तत्त्व होते हैं। हालांकि इस प्रक्रिया में चर्क-लाइफ बैलेंस, जिसकी इन दिनों खास चर्चा है, भी एक अहम बिंदु है। अपने कार्यक्षेत्र के प्रति जागरूक रहकर आप अपनी जांब लाइफ में आगे बढ़े और अपने लिए आवश्यक कौशलों को भी सीखते रहें।
अपने फील्ड में एक मेंटर, कोच बनाएं। अच्छा नेटवर्क बनाएं, ताकि आप समय रहते सही सलाह प्राप्त कर सकें और नए अवसरों तक आपकी पहुंच आसान बन सके।
आप जिस क्षेत्र में भी रुचि रखते हैं, उसमें कोई ऑनलाइन कोर्स करें। यह भी हो सकता है कि यह कोर्स अपको वर्तमान की नौकरी से एकदम अलग हों, पर उसके कारण आपको लम्बी अवधि में लाभ प्राप्त होगा।
अलग-अलग इंडस्ट्रॉग के बारे में भी सीखें। इसके लिए आप विभिन्न करियर आयोजनों में भाग ले सकते हैं या अपने ऐसे दोस्तों से उनका नजरिया लें, जो अलग तरह के काम कर रहे हैं।
अपने बारे में जानें
अपने मजबूत पक्ष को जानें। इसके लिए अपनी उन रुचियों या कामों पर ध्यान दें, जिसमें आप अच्छे हैं या ऑफिस में जो आपको मजबूत दावेदार बनाते हैं और आपको ऊर्जावान रखते हैं। ऐसे कामों पर भी ध्यान दें, जो आपको प्रेरित नहीं करते और दबाव में रखते हैं, ताकि आप अपने लिए एक सही कार्यक्षेत्र का चुनाव कर सकें।
अपनी प्रतिभाओं के बारे में दूसरों से राय लें, या ऐसे कामों को ध्यान में लगाएं, जिन्हें अप दूसरों की तुलना में बड़ी आसानी से पूरा कर लेते हैं। जब आप अपने बारे में जान जाते हैं, तो अपने भतिब्य के बारे में निर्णय लेना अधिक आसान हो जाता है।
जरूरी स्किल्स के बारे में जानें
लक्ष्य के लिए अपनी योग्यताओं का विश्लेषण करें। जरूरी नहीं कि आपके पास हरेक योग्यता हो, लेकिन जरूरी योग्यताओं में से आपके पास जो नहीं है, उसका विकास करें। एक मेंटर वा कोच इस काम में मदद कर सकता है।
अपने करियर की जिम्मेदारी लें
अपने करियर के सफर के आप ही उत्तरदायी है। इसलिए इसकी जिम्मेदारी अपने हाथ में लेना सीखें। विशेषतः इसमें कोई भी अन्य व्यक्ति आपको मदद तब तक नहीं कर सकता, जब तक आप इसके लिए खुद को प्रेरित नहीं कर पाते हैं।
कैसे बनाएं करियर का रोडमैप
इसके लिए एक बहुत सरल खाका बनाएं और उसमें जरूरत के हिसाब से चीजें जोड़ते जाए। इसे बनाते समय अपनी समय सीमाओं और वर्तमान जिम्मेदारियों को भी ध्यान में रखें।
आपको प्रमोशन चाहिए या कोई स्किल सीखना है या जॉब स्विच करनी है, हर स्थिति में अपना शुरुआती बिंदु स्पष्ट करें। आपकी कंपनी में आपका वर्तमान पद रोडमैप का शुरुआती बिंदु हो सकता है। नई जॉब है, तो रोडमैप वहां से शुरू हो सकता है।
शुरुआती बिंदु के बाद करियर का अंतिम बिंदु यानी लक्ष्य बनाएं। आपके लक्ष्य यर्थात पूर्ण हों और उसके लिए अच्छी तरह से जांच पड़ताल कर लें। मान लें कि आपको फोटोग्राफी अच्छी लगती है, लेकिन आप शेफ हैं, तो इन दोनों का सामान्य बिंदु फूड फोटोग्राफी हो सकती है। एक बार जब आप जान जाते हैं कि आपका लक्ष्य क्या है, तो रोडमैप बनाना आसान होता है।
अपने रोडमैप की शुरुआत से अंत तक में विभिन्न पड़ाव जोड़ें। अच्छी तरह जांच पड़ताल कर लें। शुरुआत में कोई कोर्स या जॉब और उनके संस्थान आदि में प्रवेश में लगने वाला खर्च जैसे बड़े लक्ष्यों को इस सफर में चिह्नित करें। इन्हें पाने में आप कितना समय लेंगे, यह भी तय करें। इस तरह दो बड़े पड़ावों के बीब छोटे पडाव या लक्ष्य भी तय करें। इस तरह कि उनके माध्यम से आप अपने अगले बड़े लक्ष्य तक पहुंच पाएं।
ध्यान रखें कि रोडमैप सरल रहे
ध्यान रखें कि इस योजना में आपके लक्ष्य व्यावहारिक धरातल पर हों। तभी यह आपको प्रेरित कर पाएगा। यह भी याद रखें कि अपना रोडमैप खुद ही बनाना कोई बाध्यता नहीं है। करियर का रोडमैप आप किसी विशेषज्ञ, सीनियर या अधिकारी की मदद से भी बना सकते हैं। इसे कहीं व्यावहारिक रूप से लिखित में बनाए। ताकि आप समय-समय पर इसे देख सकें और अपने सफर की गति का आकलन भी कर सकें।
अपनी जॉब में यूं रहें आगे
एक अध्ययन के अनुसार महामारी के बाद उस अध्ययन में शामिल कंपनियों में से 58 फीसदी ने माना कि स्किल्स के अंतर को भरना इन दिनों करियर विकास के लिए जरूरी है। इसीलिए कंपनियां कई एक तरह के प्रोग्राम कर्मचारियों की ट्रेनिग में लगा रही हैं। करियर में कुछ नया सीखने के इस तरह के मौके को छोडना नहीं चाहिए।
- अपनी कंपनी के करियर डेवलपमेंट प्लान का फायदा उठाएं।
- अपने अधिकारी से मिलकर तिमाही या छमाही करियर के विकास के लक्ष्य निर्धारित करें।
- अपनी कार्य उपलब्धियों का हिसाब रखें।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
