
बोर्ड परीक्षाओं में उत्तर लेखन की सही रणनीति Publish Date : 19/02/2026
बोर्ड परीक्षाओं में उत्तर लेखन की सही रणनीति
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
विषय की तैयारी के साथ-साथ उत्तर लेखन की सही रणनीति भी बोर्ड परीक्षाओं में सफलता में अहम भूमिका निभाती है। थोड़ी सी योजना और अनुशासन से अंक बढ़ाए जा सकते हैं। प्रभावी परीक्षा लेखन की शुरुआत प्रश्नपत्र पढ़ने की रणनीति से शुरू होती है। परीक्षा के पहले 10 मिनट पूरे प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ें। विश्लेषण करें, मूल्यांकन करें, स्पष्ट कीजिए, अंतर बताइए जैसे कमांड शब्दों को रेखांकित करें, ताकि उत्तर की दिशा स्पष्ट रहे।

तकनीकी शब्दावली और उदाहरण का करें इस्तेमालः राजनीति विज्ञान जैसे विषयों में संघवाद, उदारीकरण, गुटनिरपेक्षता, द्विध्रुवीयता, गठबंधन जैसी उपयुक्त शब्दावली का प्रयोग करें। उत्तरों को समसामयिक उदाहरणों, चुनाव, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय, भारत की विदेश नीति या वैश्विक घटनाओं से मजबूत बनाएं। संयुक्त राष्ट्र की संरचना, नीति-निर्माण प्रक्रिया या शक्ति के प्रकार जैसे विषयों में सरल फ्लोचार्ट या आरेख बनाना लाभकारी रहता है।
समय प्रबंधन पर दें विशेष ध्यानः परीक्षा के लिए समय सीमा निर्धारित होती है, इसलिए सही समय के भीतर सभी प्रश्नों के उत्तर दे पाना ही बेहतर होगा। इसके लिए परीक्षार्थी प्रश्नपत्र में दिए गए प्रश्नों के लिए निर्धारित समय सीमा में ही संबंधित ग्रुप को पूरा कर लें। इसमें एमसीक्यू यानी मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चंस 10 मिनट में पूरा कर लें। लघु उत्तरीय प्रश्नों को 35 मिनट, दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों को 50 मिनट और अंत में रिवीजन यानी पुनरावलोकन को 10 मिनट जरूर दें। मुख्य शब्दों को रेखांकित करें, लिखावट साफ-सुथरी और पठनीय रखें, उत्तरों के बीच पर्याप्त स्थान छोड़ें और अंतिम 10 मिनट में यह जांच लें कि सभी प्रश्नों के सभी भाग हल किए गए हैं।
देखें यूपी बोर्ड कक्षा 12वीं के माडल पेपरः यूपी बोर्ड की कक्षा 10वींव 12वीं की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो रही हैं। अंतिम तैयारियों में जुटे परीक्षार्थियों के लिए भी अब अधिक से अधिक माडल पेपर हल करने के अभ्यास का समय है। परीक्षार्थियों के मार्गदर्शन और अभ्यास के लिए शुक्रवार के अंक से यूपी बोर्ड के विद्यालयों के शिक्षकों के टिप्स और उनके माडल पेपर व आंसर प्रकाशित किए जाएंगे।
परीक्षार्थी उत्तर लिखने की सही पद्धति अपनाएं

परीक्षार्थी हर उत्तर की शुरुआत एक दो पंक्तियों की भूमिका से करें और अंत में संक्षिप्त निष्कर्ष अवश्य लिखें। उत्तरों को तीन से पांच स्पष्ट बिदुओं में प्रस्तुत करें, जहां प्रत्येक बिंदु एक से दो वाक्यों में समझाया गया हो। शब्द सीमा का पालन अनिवार्य रूप से करें। लंबे उत्तर लिखकर उत्तर पुस्तिका का वजन बढ़ाने की बजाय शब्द सीमा में उत्तर लिखकर दूसरे प्रश्न की ओर बढ़े। परीक्षार्थी ध्यान रखें कि दो अंक के प्रश्नों के उत्तर 40 से 60 शब्दों में लिखें। इसी तरह चार अंक के प्रश्नों के उत्तर 100 से 120 शब्द और छह अंक के प्रश्नों के उत्तर 150 से 180 शब्दों में लिखना चाहिए। शब्द सीमा से अधिक या कम लिखने से अंक कट सकते हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
