गन्ने की खेतीः आधुनिक तकनीकों से सुधरेगी गन्ना किसानों स्थिति      Publish Date : 17/10/2026

गन्ने की खेतीः आधुनिक तकनीकों से सुधरेगी गन्ना किसानों स्थिति

                                                                                                           प्रो0 आर. एस. सेंगर एवं अन्य

यू. पी. एस. सी. एल. सेवरही चीनी मिल के द्वारा गन्ना किसानों की लागत को कम करने, गन्ने का उत्पादन बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों को खेतों तक पहुँचाने के लिए 40 आदर्श गाँव विकसित किए हैं। इस मिल से जुड़े 529 गाँवों के किसानों को चरणबद्व तरीके से इन चयनित गाँवों का भ्रमण भी कराया जा रहा है। भ्रमण के दौरान किसानों को उत्कृष्ट गन्ना प्लॉटों का प्रत्यक्ष रूप से निरीक्षण करने के साथ ही किसान गोष्ठियों के माध्यम से गन्ने की खेती करने के वैज्ञानिक तरीकों भी जानकारी प्रदान की जा रही है।

इन तकनीकों में गन्ने के लिए खेत की तैयारी, स्वस्थ बीज का चयन, उचित दूरी पर बुवाई करना, गन्ने की नई प्रजातियों का चयन करना और ऊँची-नीची भूमि के अनुसार उपयुक्त प्रजाति आदि के बारे में किसानों को विस्तार से जानकारी प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही संतुलित खाद एवं उर्वरक प्रबन्धन, सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण, मिट्टी चढ़ाने, फसल की बंधाई करने तथा फसल में लगने वाले कीट एवं रोगों का नियंत्रण आदि के प्रति भी किसानों का जागरूक किया जा रहा है। इस दौरान किसानों को बताया जा रहा है कि उचित समय पर कृषि कर्य करने गन्ने की लागत कम कर गन्ने के उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है।

                              

मिल की ओर से रासायनिक उत्पादों के अनावश्यक प्रयोग से बचते हुए जैव उत्पादों के प्रयोग को बढ़ाव दिया जा रहा है। किसानों को बायोकम्पोस्ट और ट्राइकोडर्मा आदि जैविक उत्पाद रियायती दर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है। गन्ने के प्रमुख रोग लाल सड़ने जैसे रोगों का नियंत्रण करने के लिए रोग के जैविक पबन्धन पर भी जोर दिया जा रहा है। यह पहल अधिशासी निदेशक संजय श्रीवास्तव, महाप्रबन्धक डॉ0 रामबीर सिंह, डीजीएम पशुपतिनाथ शाही और गन्ना विकास प्रमुख प्रामेद तोमर के के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। आदर्श गाँवों को किसान देखकर और समझकर आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपने गन्ने के उत्पादन को बढ़ा सकते हैं।

लेखकः प्रोफेसर आर. एस. सेंगर, अधिष्ठाता जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं निदेशक ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ।