
भारत दुनिया के शीर्ष तीन डिजिटल टेक पावरहाउस बनने की रेस में Publish Date : 18/07/2026
भारत दुनिया के शीर्ष तीन डिजिटल टेक पावरहाउस बनने की रेस में
प्रो0 आर. एस. सेंगर एवं इं0 कर्तिकेय
अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसे वैश्विक टेक दिग्गजों का भारत में प्रस्तावित 6 लाख करोड़ रुपये (67 अरब डॉलर) से अधिक निवेश देश को विश्वस्तरीय डिजिटल पावरहाउस बनाने के अहम और निर्णायक चरण में ले आया है।गार्टनर, मैकिन्जों और मॉर्गन स्टैनली जैसी वैश्विक संस्थाएं भारत की टेक इकॉनमी को दुनिया की सबसे तेजी से उभरती डिजिटल महाशक्ति मान रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत अगले दशकमें एआई, क्लाउड इन्फ्रा और डाटा टेक्नोलॉजी में दुनिया के शीर्ष तीन देशों की श्रेणी में प्रवेश करने की वास्तविक स्थिति में पहुंच चुका है। भारत की ओर टेक कंपनियों का झुकाव अल्पकालिकरणनीति नहीं, बल्कि दीर्घकालिक वैश्विक टेक रीडिजिइन का हिस्सा बन चुका है। माइक्रोसॉफ्ट के 17.5 अरब डॉलर, गूगल के 15 अरब डॉलर और अमेजन के 35 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा ने भारत को एशिया-प्रशांत का सबसे गतिशील क्लाउड और एलाई बाजार बनने की दिशा में अग्रसर कर दिया है। इंटरनेशनल डाटा कॉरपोरेशन (आईडीसी) की नवीनतम रिपोर्ट में उल्लेख है, भारत एआई इन्फ्रा निवेश में एशिया का सबसे तेजी से बढ़ता क्षेत्र है, जबकि गार्टनर का आंकलन है कि आगामी वर्षों में भारत का क्लाउड बाजार जापान और दक्षिण कोरिया को पीछे छोड़ सकता है। टेक उद्योग में कहा जाता है, अगर गार्टनर ने किसी ट्रेंड को भविष्य का नेतृत्वकर्ता कहा है, तो दुनिया उसे गंभीरता से लेती है।
टेक रेस में भारत की स्थिति और भविष्य की संभावनाएं

मॉर्गन स्टैनली का आकलन है कि भारत डिजिटल अर्थव्यवस्था में सुपर साइकिल के दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां बढ़ती तकनीकी क्षमता देश को आर्थिक रूप से भी शीर्ष पर ले जा सकती है। क्लाउड और एआई इन्फ्रा पर वर्तमान निवेश भारत को एशिया के तीन सबसे बड़े टेक इकोसिस्टम में स्थापित कर देगा। डीप-टेक और डाटा साइंस क्षेत्र में भारत पहले ही शीर्ष पांच देशों में गिना जा रहा है।
जापान समेत इन देशों की बराबरी कर रहा भारत
भारत एआई क्षमता, क्लाउड इन्फ्रा और डिजिटल सेवाओं में जापान एवं दक्षिण कोरिया की बराबरी कर रहा है। गार्टनर का कहना है कि भारत के डाटा सेंटर विस्तार की गति सिंगापुर को पार करने की ओर अग्रसर है, जिससे भारत एशिया-प्रशांत का नया क्लाउड हब बन सकता है।
स्टैनफोर्ड एआई इंडेक्स रिपोर्ट के अनुसार
भारत एआई कौशल उत्पादन में कई विकसित देशों से आगे निकल चुका है। फ्रांस, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसी तकनीकी प्रगतिशील अर्थव्यवस्थाएं भी भारत की गति से पीछे छूटती दिखाई दे रही हैं।
क्लाउड कैपिटल की दिशा में निर्णायक प्रगति
एमआईटी टेक्नोलॉजीरिव्यू के विश्लेषक ल्यूक पोर्टर का कहना है, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन का संयुक्त निवेश भारत को ग्लोबल क्लाउड कैपिटल में बदलने की दिशा में सबसे निर्णायक प्रगति है। गूगल के ग्लोबल पॉलिसी प्रमुख केन्ट वॉकर भी कहते हैं, भारत का डिजिटल इकोसिस्टम दुनिया की सबसे मजबूत संरचनाओं में से एक बन रहा हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
