
प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प Publish Date : 11/07/2026
प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प
प्रो0 आर. एस. सेंगर एवं श्रीमति सरिता सेंगर
सोसाइटी ऑफ़ ग्रीन वर्ल्ड फॉर सस्टेनेबल इन्वॉल्वमेंट के सचिव डॉ0 आर. एस. सेंगर ने बताया कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, वायु एवं जल प्रदूषण बन कटाई। जैव विविधता में कमी तथा प्लास्टिक कचरे जैसी समस्याएं पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बनकर उभरी हैं। इन समस्याओं का प्रभाव केवल प्रकृति तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव स्वास्थ्य, कृषि, जल संसाधनों और आर्थिक विकास पर भी पड़ रहा है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक कदम है। डॉ॰ सेंगर ने कहा कि हमारी सरकारें तो प्रयास कर रहे हैं कि पर्यावरण को बचाया जाए।
लेकिन इसके लिए सभी लोगों को आगे आना होगा और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण दिवस के अवसर पर विभिन्न सरकारी गैर सरकारी संस्थाएं, शैक्षणिक संस्था और सामाजिक संगठन वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान जागरूकता, रैलियां, संगोष्ठियां तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों को प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों को समझने और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।

सोसाइटी ऑफ़ ग्रीन वर्ल्ड फॉर सस्टेनेबल इन्वॉल्वमेंट की प्रेसिडेंट श्रीमती सरिता सेंगर ने कहा की पर्यावरण संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्लास्टिक के उपयोग को कम करना, जल और ऊर्जा की बचत करना, अधिक से अधिक पेड़ लगाना, कचरे का उचित प्रबंधन करना तथा सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाना जैसे छोटे छोटे कदम भी बड़े सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी दैनिक जीवनशैली में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता अपनाए तो प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। विश्व पर्यावरण दिवस हमें यह संदेश देता है कि पृथ्वी केवल हमारी नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों की भी धरोहर है। प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। सामूहिक प्रयासों जागरूकता और सतत विकास की सोच के माध्यम से ही हम एक स्वच्छ हरित और स्वस्थ भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण का यह संकल्प ही विश्व पर्यावरण दिवस की वास्तविक सार्थकता होगी, इसलिए हम सभी लोगों को पर्यावरण की अनदेखी नहीं करनी है क्योंकि यह मानवता पर भारी पड़ेगी। प्रकृति के संरक्षण की जिम्मेदारी आपकी और हमारी है, इसलिए आपस में नहीं, प्रकृति से हाथ मिलाएं और एक वृक्ष अवश्य लगाएं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
