कैसे करें बिजनेस स्कूल का चयन      Publish Date : 21/04/2026

       कैसे करें बिजनेस स्कूल का चयन

                                                                                                              प्रोफसर आर. एस. सेंगर

बिजनेस स्कूलों में जब प्रवेश लेने की बात आती है, तो तमाम टूडेंट्स इस दुविधा होते हैं कि कौन-सा स्कूल उनकी पढ़ाई के लिए बेहतर होगा। यह महत्वपूर्ण इसलिए भी है, क्योंकि एक गलत निर्णय से आपका पूरा करियर प्रभावित हो सकता है-

इंस्टीट्यूट रैंकिंग 2017 की रिपोर्ट कई अलग-अलग क्षेत्रों में कई विशेष तथ्यों पर ध्यान देने की जरूरत पर गौर करने को विवश किया है। इसकी अनूठी कार्य पद्धति और रैंकिंग सूचकांक के जरिये जी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, से यही बताते हैं कि बी-स्कूलों का चयन करते समय हमें कुछ विशेष बातों का खाल रखना चाहिए। हमारे फी सर्वे में छात्रों से यह पूछा गया कि एमबीए इंस्टीट्यूट का घावन करने के दौरान वे किन-किन बातों का ध्यान रखते हैं। उनमें से शीर्ष चार के बारे मैं यहां दिया जा रहा है। एमबीए को पढ़ाई ई करने जा रहे छात्र को इन बातों को ध्यान में रखना चाहिए।

इंस्टीट्यूट की प्रतिष्ठा

                            

एमबीए प्रत्याशियों से जी फील्ड डाटा एकत्र किया गया, उसके आधार पर इंस्टीट्यूट की प्रतिष्ठा छात्रों को सबसे अधिक प्रभावित कराती है। प्लेसमेंट और नौकरी की बात करें, तो परंपयगत रूप से एमबीए के छात्रों को बी-स्कूल के ब्रांड और प्रतिष्ठा से काफी फायदा होता है। वस्तुतः बी स्कूल और छात्र दोनों एक दूसरे से अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होते। हैं, जैसे-अच्छे वी-स्कूल में ऐंडमिशन से सही प्लेसमेंट की अपेक्षा होती है। उसी तरह कैंपस से पास होने वाले मैनेजमेंट ग्रेजुएट्स की उपलब्धियों से स्कूल को भी अपनी छणि बेहतर करने में मदद मिलती है।

प्लेसमेंट

इंस्टीट्यूट्स के बारे में छात्रों की धारणा पर गौर किया जाए, तो प्लेसमेंट सहायता दूसरे स्थान पर रहा। किसी भी छात्र के लिए प्लेसमेंट एक महत्वपूर्ण पहलू रोता है। इसलिए प्लेसमेंट निश्चित रूप से छात्रों के फैसले को प्रभावित करता है। आंकड़े या भी बताते है कि सिर्फ वेतन ही छात्रों के फैसलों को प्रभावित नहीं करता है बल्कि साही बी-स्कूल का चुनाव करते समग करियर के तेजी से आगे बढ़ने की संभावना के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के करियर अवसर भी प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

इंस्टीट्यूट का इंफ्रास्ट्रक्चर

एमबीए कॉलेज का चुनाव करते समय छात्रों के मन में बी-स्कूल का इंफ्रास्ट्रक्चर भी यहां की प्रतिष्ठा से काफी हद तक जुड़ा रहता है। बी-स्कूल का इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूट की जीवंत अकामिक संस्कृति का ईना होता है। उदाहरण के लिए मध्य तक खुली रहने वाली लाइबे लाइब्रेरी बताती है कि वहां कितायों और पत्रिकाओं का अच्छा संग्रह है और छात्र एवं शिवाक अपनी आवश्यकता के अनुरूप उसका उपयोग कर सकते हैं। दूसरे शब्दों में, गुणवत्तायुक्त इंफ्रास्ट्रक्चर एमबीए इंस्टीट्यूट की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता (जी संसाधनों द्वारा सीमित नहीं है, चाहे वह वित्तीय हो या कोई और) को दर्शाता है।

शिक्षकों की गुणवत्ता

किसी भी स्कूल के लिए शिक्षफ 'ज्ञान की रक्त-धारा' हो सकते हैं, फिर भी बी-स्कूल के बारे में छात्रों के फैसले को प्रभावित करने वाले कारकों की सूची में यह चौथे स्थान पर है। इसलिए स्कूल की सफलता में उनकी महावपूर्ण भूमिका नारा नहीं जा सकता है। एमबीए इंस्टीट्यूट का चुनाव करते समय प्रत्याशी गुणवत्ता, योग्यता और शिक्षकों के अनुभव पर वहुत गौर करते हैं। छात्र शिक्षाक का अनुपात और बैच की क्षमता के अनुसार स्थायी शिक्षकों की संख्या का अनुपात भी देखते हैं। शिक्षकों की गुणवत्ता बी-स्कूल में सीखने के समग्र अनुभव और माहौल का प्रमाण होता है। करियर के लिहाज से भी यह महत्वपूर्ण कारक है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।