स्मार्ट स्कूल, स्किल लैब और आवासीय बालिका विद्यालय से शिक्षा को मिली रफ्तार      Publish Date : 14/03/2026

स्मार्ट स्कूल,  स्किल लैब और आवासीय बालिका विद्यालय से शिक्षा को मिली रफ्तार

                                                                                                    प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

बजट में शिक्षा पर भरपूर ध्यान देकर संदेश दिया गया है कि प्रदेश का भविष्य किताब, कौशल और तकनीक से ही संवरने वाला है।बेसिक, माध्यमिक स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय और पालिटेक्निक तक, विद्यार्थियों के सशक्तीकरण से लेकर एआइ और शोध कोष तक हर स्तर पर शिक्षा को नई ऊर्जा देने के लिए 1,12,094 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। यह राशि मौजूदा वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 5733 करोड़ रुपये अधिक है।

यह मजबूत नींव, नए विश्वविद्यालय, स्किल लैब और उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षण के जरिये स्पष्ट संदेश है कि उत्तर प्रदेश ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर निर्णायक कदम बढ़ा चुका है।बेसिक शिक्षा के लिए 77,622 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों को निश्शुल्क यूनिफार्म स्कूल बैग, जूता, मोजा और स्टेशनरी उपलब्ध कराने के लिए 650 करोड़ का प्रविधान है। सभी जिलों में दो-दो मुख्यमंत्री माडल कंपोजिट विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं। जिन विकास खंडों में कस्तूरबा बालिका विद्यालय नहीं हैं, उन विकास खंडों में 140 आवासीय बालिका विद्यालयों के विस्तार के लिए 580 करोड़ की व्यवस्था है।

स्मार्ट स्कूल योजना के लिए स्मार्ट क्लास के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रविधान कर शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की कोशिश है। डिजिटल बोर्ड, आइसीटी उपकरण और आधुनिक शिक्षण सामग्री के माध्यम से बच्चों को नई तकनीक से जोड़ने की तैयारी है। सहायता प्राप्त अशासकीयविद्यालयों की सुरक्षा आडिट के लिए नई योजना के तहत 300 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। माध्यमिक शिक्षा के लिए 22,167 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है।

                              

राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 520 करोड़ रुपये और सहायता प्राप्त विद्यालयों के लिए भी विशेष प्रविधान किए गए हैं। साथ ही अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए 10 करोड़ प्रस्तावित किए गए हैं। संस्कृत पाठशालाओं के छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए 20 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। माध्यमिक विद्यालयों में ड्रीम स्किल लैब क्लस्टर की स्थापना से के लिए 150 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। छात्राओं के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए निश्शुल्क सेनेटरी नैपकिन की सुविधा के लिए 300 करोड़ प्रस्तावित हैं।

बेसिक से उच्च शिक्षा तक कैशलेस इलाज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच सितंबर को बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने की घोषणा की थी। इसके लिए कुल 467.25 करोड़ रुपये का प्रविधान हैं। सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत नियमित और स्ववित्तपधित पाठ्‌यक्रमों के शिक्षक, स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षक व राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत नियमित और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इसके लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षकों के कैशलेस इलाज के लिए 89.25 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। इसके अलावा परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षणेतर कर्मचारी और संविदा या मानदेय पर कार्यरत कार्मिकों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इनके लिए 358 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।

प्राविधिक शिक्षा से तैयार होंगे युवा

प्राविधिक शिक्षा के बजट में 72 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 2365 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। राजकीय पालीटेक्निकों में नवीन टेक्नोलाजी से सुसज्जित उन्नयन व एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना किए जाने पर लगभग 714 करोड़ की व्यवस्था की गई है। राजकीय पालिटेक्निकों के उन्नयन और अवस्थापना सुविधाओं के विकास की योजना के लिए 254 करोड़ व राजकीय पालीटेक्निकों की स्थापना के लिए 50 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।