बीज से बाजार तक किसानों का साथ देगी सरकार      Publish Date : 10/03/2026

बीज से बाजार तक किसानों का साथ देगी सरकार

                                                                                                      प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

एग्री एक्सपोर्ट हब विकसित और समृद्ध करने के लिए 245 करोड़, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के लिए 2,832 करोड़ रुपये योगी सरकार ने बजट में बीज से बाजार तक किसानों को समर्थन देने का इरादा दिखाया है। जोर फसलों की गुणवत्ता उत्पादकता और उत्पादन बढ़ाने पर तो है ही, सरकार किसानों को उद्यम, प्रसंस्करण और बाजार से भी जोड़ना चाहती है।

                              

उत्पादों को ब्रांड बनाने और निर्यात के भी खोले जाएंगे। कृषि योजनाओं के लिए 10,888 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। एग्री एक्सपोर्ट हब, विश्व स्तरीय हैचरी व प्रशिक्षण केंद्र और बुंदेलखंड एक्सीलेंस (जलवायु अनुकूल कृषि) स्थापित सेंटर आन रेजिलिएंट एग्रीकल्चर किया जाएगा। सरकार इजरायली तकनीक पर 16 हाईटेक नर्सरी-सोडलिंग उत्पादन इकाइयों की स्थापना भी कराने जा रही है।

वर्ष 2026-27 के बजट में कृषि के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुकाबले 20 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की गई है। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के लिए 2,832 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जो पिछले वित्तीय वर्ष से सात प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2026-27 में 753.55 लाख टन खाद्यान्न और 48.18 लाख टन तिलहन उत्पादन का लक्ष्य है।

उप्र एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड रूरल इंटरप्राइज ईकोसिस्टमस्ट्रेंथनिंग (यूपीएग्रीज) परियोजना में विश्वस्तरीय हैचरी व प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की वाह्य सहायतित परियोजना के लिए 155 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। जेवर एयरपोर्ट के पास एग्री एक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिए 245 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

वहीं लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और गौतमबुद्धनगर के नगर निगम क्षेत्रों में रूफटाप गार्डनिंग योंजना का संचालन किया जाएगा। मत्स्य क्षेत्र में तीन करोड़ रुपयेसे मोती संवर्धन योजना शुरू की जाएंगी। पूर्वांचल में फिश उप्र फिशरीज प्रोजेक्ट सेंटर के निर्माण के लिए भी बजट दिया है।

देश का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य है यूपी

  • 122 चीनी मिल संचालित हैं राज्य में। इन चीनी मिलों में बीते सत्र में कुल 92 लाख 45 हजार टन चीनी का उत्पादन किया गया।
  • 10 लाख से अधिक लोगों को गन्ना उत्पादन, चीनी उद्योग, चीनी मिलों के माध्यम से प्रत्यक्ष रोजगार सृजन हुआ है।
  • 2,000 करोड़ रुपये निराश्रित गोवंशी के रख-रखाव पर खर्च होंगे।
  • 25,500 करोड़ रुपये ग्राम्य विकास को सरकार ने दिया।

गठित होंगी 220 नई दुग्ध समितियां

राब्यू, लखनऊः प्रदेश सरकार ने बजट में पशुधन और दुग्ध विकास पर भी जोर दिया है। निराश्रित गोवंशी के संरक्षण को भी प्राथमिकता में रखा गया है। दुग्ध संघों के सुदृढीकरण एवं पुनर्जीवित करने की योजना के तहत 220 नई दुग्ध समितियों के गठन और 450 दुग्ध समितियों के पुनर्गठन के लिए 107 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। दृहद गों-संरक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित है।

नमामि गंगे व ग्रामीण जलापूर्ति के लिए 22,676 करोड़

सरकार ने नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति के लिए 22,676 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण योजनाओं के लिए 18,290 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। 80 प्रतिशत अधिक वृद्धि है। वहीं, जल जं, सेन मिशन में 22,452 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।