कृषि विश्वविद्यालय में शोध कार्यों को दी जाएगी नई दिशा      Publish Date : 06/03/2026

कृषि विश्वविद्यालय में शोध कार्यों को दी जाएगी नई दिशा

सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आज विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर त्रिवेणी दत्त ने शोध निदेशालय के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय को अपनी पहचान बनाने, आगे बढ़ने तथा कृषि ज्ञान को किसानों तक पहुंचाने के लिए यह जरूरी है कि वह अपने शोध कार्यों को उच्च कोटि का करें। उन्होंने कहा कि किसानो की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शोध कार्य किया जाए, जिसमें फील्ड से लैब और लैब से फील्ड तक की गुणवत्ता पूर्ण जानकारी पहुंचाई जा सके।

                     

इस दौरान उन्होंने शोध निदेशालय को शोध कार्यों को और अधिक उच्च कोटि का बनाने के लिए प्राथमिकताएं बताएं। उन्होंने शोध निदेशालय से संबंधित सभी एसोसिएट डायरेक्टर्स को निदेशालय में बैठने के निर्देश दिए और कहा कि शोध से संबंधित कार्यों को समय पर पूर्ण करें और मूल नियुक्ति जहां पर है वहां का कार्य प्राथमिकता के आधार पर करें।

कुलपति डॉ त्रिवेणी दत्त ने कहा विश्वविद्यालय के प्रत्येक शिक्षक कम से कम एक परियोजना पर कार्य अवश्य करें और अभी से परियोजना बनकर तैयार कर ले और जैसे ही विभिन्न संस्थाओं से कॉल आती है तुरंत वहां पर भेजा जाए। लेकिन साथ ही इस बात का भी ख्याल रखा जाए कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को किन परियोजनाओं से लाभ हो सकता है। प्रदेश और भारत सरकार की प्राथमिकताओं को भी ध्यान में रखते हुए अपनी परियोजनाएं सबमिट करें। उन्होंने स्टार्टअप और इनक्यूबेशन सेंटर को और अधिक वाइब्रेंट बनाने के लिए सुझाव दिए और साथ ही कहा कि वह जल्द से जल्द स्टार्टअप्स की संख्या को बढ़ाएं, ट्रेनिंग दे और एंटरप्रेन्योर्स को अधिक से अधिक बढ़ावा देने के लिए कार्य शुरू कर दें।

                     

इस दौरान निर्देशक शोध डॉ कमल खिलाड़ी, निदेशक ट्रेंनिंग प्लेसमेंट डॉ आर. एस. सेंगर, कृषि अधिष्ठाता डॉ विवेक, डॉ रविंद्र कुमार, डॉ विजेंद्र सिंह, डॉ मुकेश कुमार, डॉक्टर पंकज कुमार, डॉक्टर विपिन, डॉक्टर अरविंद राणा, डॉ अशोक यादव और डॉ संजीव गुप्ता आदि शिक्षक उपस्थित रहे।