
सवाल आपके जवाब हमारे Publish Date : 03/03/2026
सवाल आपके जवाब हमारे कॅरिअर विशेषज्ञ प्रोफेसर आर. एस. सेंगर के-
इग्नू से डाटा साइंस में पीजी अच्छा चयन
सर, मैंने डाटा साइंस एंड एनालिटिक्स में ग्रेजुएशन किया है। इन क्षेत्रों में यदि सरकारी नौकरी के विकल्प हैं, तो किन परीक्षाओं की तैयारी करनी होगी? क्या इग्नू से डाटा साइंस में पीजी करना करिअर में फायदा देगा?
हालांकि, सरकारी क्षेत्र में अधिकांश पद सीधे 'डाटा साइंटिस्ट' के नाम से नहीं आते, बल्कि एनालिस्ट, स्टैटिस्टिकल ऑफिसर, रिसर्च ऑफिसर, आईटी /इन्फॉर्मेशन ऑफिसर और साइंटिफिक असिस्टेंट जैसे प्रोफाइल के तहत विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में भर्ती होती है। इन पदों के लिए आमतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी होती है, जैसे संघलोक सेवा आयोग (इंडियन स्टैटिस्टिकल सर्विस आदि), स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (जूनियर स्टैटिस्टिकल ऑफिसर, साइंटिफिक असिस्टेंट आदि) और इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन के माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में एनालिटिक्स और आईटी से जुड़े अवसर मिलते हैं।
इग्नू से डाटा साइंस में पोस्टग्रेजुएशन करते हैं, तो यह आपके प्रोफाइल को मजबूत बना सकता है, लेकिन केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। पाइथॉन, एसक्यूएल, स्टैटिस्टिक्स, एमएल, इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट और मजबूत पोर्टफोलियो अधिक महत्वपूर्ण होती हैं। निजी क्षेत्र में भी मौके बढ़ रहे हैं और गूगल, आईबीएम और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां डाटा एनालिस्ट, बिजनेस एनालिस्ट और मशीन लर्निंग से जुड़े कई अवसर देती हैं।
सर, मैंने 12 वीं में कॉमर्स लिया है, लेकिन मैथ्स नहीं है। मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम करके अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहता हूं। इसके लिए कौन से कोर्स या स्किल पर ध्यान देना चाहिए?
कॉमर्स (बिना गणित) से 12वीं करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम करना एक अच्छा विकल्प है, खासकर यदि आपका लक्ष्य अपना व्यवसाय या स्टार्टअप शुरू करना है। डिग्री के साथ अकाउंटिंग, फाइनेंस और बिजनेस की मजबूत समझ बनाएं और डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स, बिजनेस कम्युनिकेशन, सेल्स और नेगोसिएशन जैसे व्यावहारिक कौशल विकसित करें।
स्टार्टअप फाइनेंस, लीगल बेसिक्स, कस्टमर रिसर्च और डिजाइन थिंकिंग जैसे शॉर्ट कोर्स भी उपयोगी रहते हैं, जिन्हें आप कोर्सेरा, उडेमी, स्वयं या गूगल डिजिटल मार्केटिंग जैसे ऑनलाइन मंच से कर सकते हैं। साथ ही इंटर्नशिप, पार्ट-टाइम नौकरी और छोटा साइड बिजनेस शुरू कर वास्तविक अनुभव लें। आगे चलकर जरूरत हो तो एमबीए भी कर सकते हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
