नियमित स्वास्थ्य जांच से फिट बन रहा है इंडिया      Publish Date : 27/01/2026

        नियमित स्वास्थ्य जांच से फिट बन रहा है इंडिया

                                                                                                                                                                प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

'बीमा से बनेगी बात' किस्त में आज हम बताएंगे कि जिस तरह मधुमेह, मोटापा और रक्तचाप की समस्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य बीमा से वर्ष में या छह माह में स्वास्थ्य जांच कराने वालों के क्या अनुभव हैं...

नीलम राव नोएडा के सेक्टर-121 में रहती हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य बीमा कराने से उन्हें नियमित जांच कराने में काफी राहत मिलती है। इसमें शुगर, बीपी, रक्त और अन्य प्रकार की जांचें होती हैं। कुछ समय पहले मैंने विटामिन-डी के साथ एक-दो जांच की जानकारी ली थी। एक प्राइवेट अस्पताल प्रबंधन ने तीन से चार हजार का खर्च बताया था। बाद में मैंने बीमा वालों से संपर्क कर वे जांचें कराकर लाभ लिया। यह ऐसा माध्यम है, जो समय रहते बीमारी को बताकर सतर्क कर देता है। इतना ही नहीं, कई बीमा कंपनियां शिशुओं को टीकाकरण कराने का भी लाभ देती हैं। आज के समय में स्वास्थ्य बीमा प्राथमिक दायित्व बन रहा है।

                                                         

गाजियाबाद निवासी गीतांश शर्मा एक प्राइवेट कंपनी में एजेंट हैं। उन्हें रोजमर्रा की दौड़भाग में स्वास्थ्य दिक्कतें होती रहती हैं, लेकिन वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फिट इंडिया-हिट इंडिया थीम पर चलकर स्वास्थ्य बीमा की मदद से खुद को तंदुरुस्त रखते हैं। वह बताते हैं कि पिछले एक वर्ष में मैंने डेंगू, मलेरिया, रक्त, विटामिन, बुखार और शरीर के कई अंगों की जांचें कराई हैं। इसमें मुझे अपनी जेब से कोई अतिरिक्त खर्चा नहीं झेलना पड़ा। मेरे पास बीते सात वर्ष से स्वास्थ्य बीमा है। मैं प्रतिवर्ष अपनी पत्नी और दोनों बच्चों की भी जांच का लाभ लेता हूं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।