एआई नवाचार को पंख      Publish Date : 24/01/2026

                           एआई नवाचार को पंख

                                                                                                                                         प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं इं0 कार्तिकेय

तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियां भारत के उभरते डिजिटल बाजार में निवेश के लिए होड़ कर रही हैं और अब माइक्रोसॉफ्ट व अमेजन ने भारी-भरकम निवेश की घोषणा की है, तो यह देश की एआई महत्वाकांक्षाओं के मद्देनजर शुभ संकेत है। तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इकोसिस्टम में एशिया के अब तक के सबसे बड़े 1.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा और इंटेल व कॉग्निजेंट के सीईओ का प्रधानमंत्री के साथ बैठक में बड़े निवेश का संकेत देना, देश की एआई महत्वाकांक्षाओं के लिए तो अच्छी खबर है ही, हमारी तकनीकी संप्रभुता के मजबूत होने का भी संकेत है।

यही नहीं, अमेजन एवं गूगल ने भी भारत में अरबों डॉलर के एआई निवेश की घोषणा की है। ये दिग्गज कंपनियां दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाले डिजिटल बाजार में निवेश करने की होड़ में लगी हैं, तो यह केंद्र सरकार की निवेशोन्मुखी नीतियों की सफलता का परिचायक है। 2026 से 2029 के बीच चार वर्षों के दौरान 17.5 अरब डॉलर के निवेश के निर्णय के साथ माइक्रोसॉफ्ट का लक्ष्य 2030 तक दो करोड़ भारतीयों को एआई तकनीक में कुशल बनाकर भारत को 'एआई-फर्स्ट' बनाना है, जिसमें दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों और महिला प्रतिभागियों का एक बड़ा हिस्सा शामिल होगा। इस निवेश से जहां देश भर में आधुनिक क्लाउड एवं एआई डाटा सेंटरों का विस्तार हो सकता है, वहीं लाखों भारतीय व्यवसायों और स्टार्टअप को उच्च रफ्तार वाली कंप्यूटिंग क्षमता हासिल हो सकती है।

                                                   

यही नहीं, इसके जरिये लाखों भारतीय युवाओं को एआई तकनीक में प्रशिक्षण देकर भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार किया जा सकता है। इससे भारत की एआई क्षेत्र में संप्रभु क्षमता मजबूत होगी और महत्वपूर्ण डाटा देश के भीतर सुरक्षित रहेगा। गौरतलब है कि इस वर्ष की शुरुआत में भारत दौरे पर आए माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ ने दो वर्षों में तीन अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की थी। इस वर्ष के अंत तक देश में डाटा प्रोसेसिंग करने के साथ माइक्रोसॉफ्ट 365 कोपायलट लॉन्च करने की योजना है, जो सरकार, बैंकिंग, वित्तीय सेवा, बीमा और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों के लिए भारत में एआई डाटा गवर्नेस, और अनुपालन सुनिश्चित करेगा।

दरअसल माइक्रोसॉफ्ट एआई, डिजिटल व्यापार और कार्यबल के प्रशिक्षण में भारत-अमेरिकी भागीदारी को मजबूत करने में अपनी भागीदारी को और गहरा करना चाहती है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात में कॉग्निजेंट के सीईओ रवि कुमार एस ने एआई को तेजी से अपनाने और एआई क्षमताओं और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए शिक्षा व कौशल विकास को आगे बढ़ाने पर चर्चा की, तो इंटेल कॉरपोरेशन के सीईओ लिप बू टैन ने भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में अपने निवेश को और बढ़ाने की इच्छा जताई, जिससे भारत के एआई नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में खुद को स्थापित करने के प्रयासों में तेजी आने की उम्मीद है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।