मेरठ मंडल में मिट्टी की घटती उर्वरता      Publish Date : 21/12/2025

                       मेरठ मंडल में मिट्टी की घटती उर्वरता

                                                                                                                                                    प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 वीरेन्द्र सिंह गहलान

मंडल के सभी जिलों की मिट्टी उर्वरता कम होती जा रही है। मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा गिरती जा रही है। जिंक समेत सभी सूक्ष्म तत्वों की भारी मात्रा में कमी पाई गई है। इसका असर इस मिट्टी पर उगने वाली फसलों के उत्पादन पर नहीं, बल्कि इन फसलों के उपयोग से लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए किसानों को समय जांच करानी होगी। जो भी तत्व कम पाए जा रहे हैं, उसका उपयोग खेतों में करना होगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक अगर किसानों ने मिट्टी की जांच कराकर संतुलित रासायनिक खादों का उपयोग नहीं किया तो आने वाले समय में भूमि बंजर हो जाएगी।

                                                                   

मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद के खेतों की सेहत की जानकारी हासिल की। कृषि वैज्ञानिक और मृदा परीक्षण विभाग के सहायक निदेशक अरुण कुमार से मिट्टी की जांच की मिली रिपोर्ट चौंकाने वाली सामने आयी है। मिट्टी के मुख्य पोषक तत्वों में जहां नाइट्रोजन की कमी है वहीं ऑर्गेनिक कार्बन की हालत भी बेहद खराब है।

ये हैं कारण

  • किसान अपने खेतों की मिट्टी की जांच कराने में लापरवाही बरत रहे हैं।
  • अधिक पैदावार लेने के लिए किसान संतुलित रासायनिक खादों का उपयोग नहीं कर रहे हैं।
  • किसानों ने खेतों में गोबर और हरी खाद का काम उपयोग करना शुरू कर दिया है।

                        एक नजर में जिलेवार मिट्टी में पोषक तत्वों की स्थिति

जिला

पोषक तत्व

स्थिति

मेरठ

नाइट्रोजन

बहुत कम

फास्फेट

मीडियम

पोटाश

अधिक

आर्गेनिक कार्बन

बहुत कम

बागपत

नाइट्रोजन

बहुत कम

फास्फेट

बहुत कम

पोटाश

मीडियम

आर्गेनिक कार्बन

बहुत कम

गाजियाबाद

नाइट्रोजन

बहुत कम

फास्फेट

मीडियम

पोटाश

अधिक

आर्गेनिक कार्बन

बहुत कम

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।