
किसानों के लिए राहत भरी खबर Publish Date : 20/12/2025
किसानों के लिए राहत भरी खबर
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं अन्य
“डीएपी-यूरिया सहित सभी खाद सरकारी दरों पर उपलब्ध कराने के निर्देश से किसानों को मिलेगी राहत”
खाद की उपलब्धता और सुचारू वितरण को लेकर मुख्यमंत्री ने की समीक्षा बैठक, खाद की कालाबाजारी पर भी जाहिर की सख्ती।
रबी सीजन के दौरान प्रदेश के किसानों को समय पर और गुणवत्ता युक्त खाद उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने अब कमर कस ली है। खाद के लिए किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अपने सरकारी आवास पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में प्रदेश में खाद की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और कालाबाजारी पर नियंत्रण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
किसानों को सरकारी दर पर उपलब्ध कराएं खाद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को डीएपी, यूरिया और अन्य सभी उर्वरक किसी भी हाल में तय सरकारी दरों पर ही उपलब्ध कराए जाने चाहिए। खाद की कालाबाजारी, ओवर रेटिंग या नकली खाद बेचने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या समूह मिलावटी अथवा नकली खाद बेचने या कृत्रिम खाद संकट पैदा करने में लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
किसानों को भटकना नहीं पड़गो, सरकार की प्राथमिकता में
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि उपलब्धता के बावजूद किसी भी किसान को खाद के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े। यदि खाद से संबंधित किसी भी स्तर पर कोई समस्या सामने आती है, तो उसके लिए जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोषी चाहे किसी भी पद पर क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि प्रदेश में खाद संकट पैदा करने वालों या गड़बड़ी करने वालों के लिए बचने की कोई जगह नहीं है।
जिलों में होगी सख्त निगरानी, अधिकारी करेंगे औचक निरीक्षण
बैठक में मुख्यमंत्री ने सहकारिता और कृषि मंत्री को निर्देश दिए कि प्रदेश में खाद की उपलब्धता और वितरण की स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री कार्यालय से प्रत्येक जनपद में खाद वितरण व्यवस्था पर सीधी निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी स्वयं खाद की दुकानों, सहकारी समितियों और वितरण केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि ओवर रेटिंग किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खाद समितियां निर्धारित समय और अवधि के अनुसार अनिवार्य रूप से खुली रहनी चाहिए, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके। जहां भी गड़बड़ी या अनियमितता पाई जाए, वहां तत्काल कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और विक्रेताओं की जवाबदेही तय की जाए।
मिलीभगत पर होगी विजिलेंस जांच
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि फील्ड में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। यदि किसी स्तर पर मिलीभगत, लापरवाही या भ्रष्टाचार सामने आता है, तो खुली विजिलेंस जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रदेश में खाद की वर्तमान उपलब्धता की स्थिति

आयोजित बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को प्रदेश में खाद की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि 16 दिसंबर 2025 तक प्रदेश में कुल 9.57 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3.77 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 3.67 लाख मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक किसानों के लिए उपलब्ध है। इसमें सहकारी क्षेत्र में 3.79 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 5.78 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। इसी तरह सहकारी क्षेत्र में 1.47 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 2.30 लाख मीट्रिक टन डीएपी मौजूद है, जबकि एनपीके उर्वरक की उपलब्धता सहकारी क्षेत्र में 0.88 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 2.79 लाख मीट्रिक टन बताई गई है।
गेहूं की टॉप ड्रेसिंग के लिए पर्याप्त यूरिया
मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि प्रदेश में रबी फसलों की बुआई लगभग पूरी हो चुकी है। वर्तमान में गेहूं की फसल में टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया का वितरण किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस अवधि में यूरिया की बिक्री अधिक रही है और फिलहाल प्रतिदिन औसतन 54,249 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किसानों को किया जा रहा है। अब सरकार के इन सख्त निर्देशों से साफ है कि रबी सीजन के दौरान किसानों को खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी और किसी भी तरह की कालाबाजारी या गड़बड़ी पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
