
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य Publish Date : 10/12/2025
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी फिर से हुई अनिवार्य; योगी सरकार के द्वारा जारी किया गया आदेश। हालांकि, अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी शासनादेश में अभी तारीख की घोषणा नहीं की गई है।
उत्तर प्रदेश के परिषदीय शिक्षकों और सरकार में एक बार फिर तकरार बढ़ सकती है। इसका कारण है स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी के लिए जारी किया गया शासनदेश। दरअसल, अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने स्कूल शिक्षा निदेशक के नाम से एक आदेश जारी किया है, जिसमें परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों को ऑनलाइन हाजिरी को हर हाल में सुनिश्चित करने का उल्लेख किया गया है।
इसके बाद अब फिर से शिक्षक इसके विरोध की तैयारी कर सकते हैं। इससे पहले भी सरकार की ओर से स्कूलों में शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी लगाने के लिए आदेश जारी किया गया था, जिसका जबरदस्त विरोध किया गया था। विरोध के बाद सरकार को फैसला वापस लेना पड़ा था और एक कमेटी गठित की गई थी। अब एक बार फिर से हाजिरी दर्ज करने के लिए शिक्षकों को एक घंटे की मोहलत दिए जाने का निर्णय लिया जा रहा है, लेकिन हाजिरी ऑनलाइन ही होगी।

अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से स्कूल शिक्षा निदेशक के नाम से जो आदेश जारी किया गया है, उसमें परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों को ऑनलाइन हाजिरी लगाने के लिए एक घंटे की छूट भी दी गई है, जिन विद्यालयों में नेटवर्क की समस्या होगी वहां समय पर उपस्थिति दर्ज करने वाले शिक्षकों की ऑफलाइन उपस्थित अनिवार्य होगी, जो बाद में नेटवर्क आने पर ऑटोमेटिक ऑनलाइन डिजिटल सिस्टम से सिंक हो जाएगी।
यानी यह तय है कि समय पर स्कूल पहुंचना ही होगा। हाजिरी ऑफलाइन लगे तो भी उसे ऑनलाइन अपडेट कर लिया जाएगा। अपर मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश के बाद अब जल्द ही स्कूल शिक्षा निदेशक इसे लागू करने की तारीख की घोषणा भी करेंगे।
इससे पहले अक्टूबर में ऑनलाइन हाजिरी के लिए एक 15 सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी, जिसमें सरकारी अधिकारियों के अलावा शिक्षक संगठनों और शिक्षकों को भी सदस्य बनाया गया था। इस कमेटी की ओर से पिछले दिनों शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपी गई थी। इस रिपोर्ट के बाद ही इस तरह का आदेश शासन की ओर से जारी किया गया है।
अपर मुख्य सचिव की ओर से जारी इस शासनादेश में उल्लेख किया गया है कि शिक्षकों की उपस्थिति के लिए विद्यालय शुरू होने से एक घंटे का मार्जिन दिया जाएगा। इस अवधि के बाद सिस्टम ऑटोमेटिक लॉक हो जाएगा। जिन विद्यालयों में नेटवर्क की दिक्कत होगी और हाजिरी लगाने में समस्या आएगी वहां ऑफलाइन मोड में उपस्थिति रिकॉर्ड हो जाएगी।
जैसे ही नेटवर्क आएगा यह ऑनलाइन अपडेट हो जाएगी। विद्यालय के प्रधानाध्यापक की ओर से डिजिटल प्रणाली में यह प्रेजेंट अपडेट की जाएगी। अगर प्रधानाध्यापक आपत्ति जताएंगे तो उनसे चार्ज लेकर किसी अन्य अध्यापक को यह जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
