
प्रदेश के गन्ना किसानों को तोहफाः गन्ने के मूल्य में 30 रूपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी Publish Date : 31/10/2025
प्रदेश के गन्ना किसानों को तोहफाः गन्ने के मूल्य में 30 रूपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
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पंचायत चुनाव से पूर्व सीएम योगी का मास्टर स्ट्रोक।
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46 लाख किसानों को किया जाएगा तीन हजार करोड़ रूपए का अतिरिक्त भुगतान।
उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों से पहले प्रदेश की योगी सरकार ने गन्ना किसानों को एक बड़ी सौगात दी है। पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रूपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की गई है। अब गन्ने की अगेती प्रजातियों का मूल्य 400 रूपए तथा गन्ने की सामान्य प्रजातियों का मूल्य 390 रूपए प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा जाएगा। इस मूल्य बढ़ोत्तरी के चलते प्रदेश के 46 लाख गन्ना किसानों को तीन हजार करोड़ रूपए का अतिरिक्त लाभ प्राप्त होगा।
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के द्वारा लोकभवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी गई। उन्होनें कहा कि प्रत्येक किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य सही समय पर दिलाना प्रदेश सरकार की प्रतिबद्वता है। प्रदेश के किसानों को अब महाराष्ट्र और कर्नाटक के किसानों से अधिक गन्ना मूल्य प्राप्त हो रहा है।
इस अवसर पर उन्होंनें कहा कि प्रदेश सरकार ने स्मार्ट गन्ना किसान प्रणाली के माध्यम से गन्ने का क्षेत्रफल, सट्टा, कैलेण्डरिंग और पर्ची जारी करने की प्रक्रिया को अब पूरी तरह से ऑनलाईन कर दिया है। इससे गन्ना किसानों को उनकी गन्ने की पर्ची अब सीधे उनके मोबाइल पर प्राप्त हो जाती है और भुगतान भी डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में पहुँच जाता है।

इस प्रणाली को भारत सरकार ने मॉडल सिस्टम घोषित किया है, जिसके अन्तर्गत बिचौलियों की भूमिका को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है।
सपा और बसपा सरकारों की तुलना में 1.42 लाख करोड़ रूपए का अधिक भुगतान
गन्ना मंत्री ने बताया कि योगी सरकार ने अपने साढ़े आठ वर्ष के कार्यकाल में गन्ना किसानों को अब तक 290225 करोड़ रूपए का भुगतान कराया है। जबकि वर्ष 2007 से 2017 के बीज सत्ता में रही सप और बसपा की सरकारों ने प्रदेश के गन्ना किसानों को मात्र 147346 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया था। इस प्रकार योगी सरकार ने अपने साढ़े आठ वर्ष के कार्यकाल के दौरान पिछली सरकारों के मुकाबले 142879 करोड़ रूपए का अधिक भुगतान कर इतिहास रच दिया है।
योगी सरकार के द्वारा गन्ने का मूल्य इस प्रकार बढ़ाया गया-
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पेराई सत्र |
दर वृद्वि |
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2017 |
18 10 रूपए/क्विंटल |
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2021 |
22 25 रूपए/क्विंटल |
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2023 |
24 20 रूपए/क्विंटल |
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2025 |
26 30 रूपए/क्विंटल |
- 2.90 लाख करोड़ रूपए का आठ वर्षों में रिकार्ड भुगतान
- 04 गुणा वृद्वि हुई एथेनॉल के उत्पादन में
गन्ने के क्षेत्रफल में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर
गन्ना मंत्री ने बताया कि एथेनॉल के उत्पादन में भी प्रदेश ने नया कीर्तीमान स्थापित किया है। उत्तर प्रदेश में अब एथेनॉल का उत्पादन 41 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर तक पहुँच चुका है और इसके साथ ही ऑसवनियों अर्थात डिस्टिलरीज की संख्या भी 61 से बढ़कर 97 हो चुकी है। इसी का परिणाम यह रहा कि प्रदेश में गन्ने का क्षेत्रफल भी 20 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 29.51 लाख हेक्टेयर तक हो चुका है, जिसके चलते उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान पर आ गया है।
‘‘गन्ना किसानों के श्रम का सम्मान, सुशासन का सच्चा स्वरूप है। इस भाव के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने के मूल्य में 30 रूपए प्रति क्विंटल की वृद्वि करने का निर्णय लिया है। गन्ने के मूल्य में की गई इस वृद्वि के फलस्वरूप पद्रेश के गन्ना किसानों को लगभग 3,000 करोड़ रूपए का अतिरिक्त लाभ प्राप्त होगा।’’
-सीएम, योगी आदित्यनाथ।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
