
अब अनाज को खराब नहीं कर सकेंगे कीट, खेत से लेकर गोदाम तक होगी सुरक्षा Publish Date : 26/10/2025
अब अनाज को खराब नहीं कर सकेंगे कीट, खेत से लेकर गोदाम तक होगी सुरक्षा
प्रोफेसर आर. एस. सेगर एवं डॉ0 रेशु चौधरी
फसल उत्पाद को कीटों के प्रकोप से बचाना एक बड़ी चुनौती बनी रही है। इसमें यदि अनाज खेत से सुरक्षित गोदाम तक पहुंच जाए तो भी कीट संकट बना रहता है। लेकिन सुखद बात यह है कि अब वैज्ञानिकों ने इस समस्या का भी समाधान निकाल लिया है। वर्षों के श्रम बाद उन्होंने ऐसे स्पेशल ट्रैप बनाए हैं जो अनाज के गोदाम और खेतों में फसलों के उत्पादों को बर्बाद करने वाले कीटों को बिना किसी रासायनिक दवा के खत्म कर देंगे।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के केंद्रीय कटाई उपरांत अभियंत्रिकीय एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सीफेट) के लुधियाना केंद्र के वैज्ञानिकों की यह खोज किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है। वैज्ञानिकों का दावा है कि देश में पहली बार इस तकनीक पर आधारित ट्रैप तैयार किए गए हैं। यह टैªप है दृश्यमान प्रकाश कीट ट्रैप अर्थात विजिबल लाइट इंसेंक्ट ट्रैप और सोलर चलित सार्वभौमिक कीट टैªप अर्थात सोलर पावर्ड यूनिवर्सल इंसेक्ंट ट्रैप। इसके लिए अब पेटेंट की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
ट्रैप पर शोध करने वाले वैज्ञानिक डॉक्टर गुरु पी एन ने बताया कि देश में कीटों से बचाव के लिए हर वर्ष लगभग 30 हजार मैट्रिक टन रासायनिक कीटनाशक उपयोग में ले जाते हैं और इन पर करीब 8000 करोड रुपए से अधिक धन का खर्च होता है। यदि देश के मात्र पांच प्रतिशत गोदामों में भी यह ट्रैप लगाए जाएं तो रसायन प्रयोग में 10 प्रतिशत तक की कमी आसानी से की जा सकती है।
सोलर चलित सार्वभौमिक कीट ट्रैप

यह ट्रैप खेतों और गोदाम दोनों के लिए बनाया गया है। इस टैप में 10 वाट का सोलर पैनल फेरोमोन आकर्षण, ग्लू सीट और नीले-पीले एलईडी लाइट सेंसर लगे हैं। यह सौर ऊर्जा से चार्ज होता है। दिन में बंद और रात में चालू होने वाला यह ऑटो लाइट सेंसर से युक्त इस यंत्र में फसलों के हिसाब से ऊंचाई को समायोजित किया जा सकता है। इस प्रकार कीड़े फेरोमोन और लाइट की ओर आकर्षित होकर गोंद के जल पर चिपक जाते हैं और नष्ट हो जाते हैं।
पर्यावरण और खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से है उपयोगी
कीटों से बचाव के लिए मुख्य रूप से रासायनिक उपायों पर निर्भरता बनी रहती है और गोदाम में रासायनिक फुमिगेशन अर्थात धूम्रीकरण किया जाता है, जिसमें अनाज के ऊपर अल्युमिनियम फास्फाइड की गोलियां रखकर बोरियों को तिरपाल से एयर टाइट ढक दिया जाता है। खेतों में कीटनाशकों का स्प्रे किया जाता है। इससे कीटों में प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित हो जाती है। परन्तु इसके विपरीत स्पेशल ट्रैप तकनीक पर्यावरण और खाद्य सुरक्षा दोनों की दृष्टि से बहुत ही अच्छी साबित होती है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
