
गमले में लगाएं रजनीगंधा खुशबू से महकेगा पूरा घर Publish Date : 05/02/2026
गमले में लगाएं रजनीगंधा खुशबू से महकेगा पूरा घर
प्रोफेसर आर. एस. सेगर अन्य
रजनीगंधा, जिसे ट्यूबरोज या निशीगंधा भी कहते हैं, एक सुगंधित फूल वाला सदाबहार पौधा है। यह फूल रात में अपनी मीठी और भीनी खुशबू से पूरे घर के माहौल को महकाता है। इसीलिए, इसका नाम 'रजनी' (रात) 'गंधाः (सुगंध) पड़ा।
मैक्सिको और मध्य अमेरिका का मूल निवासी यह पौधा भारत में घर और बागानों की शान है। इसके सफेद, कुप्पी जैसे फूल पूजा, माला, वेणी और इत्र बनाने में इस्तेमाल होते हैं। घर में गमले में इसे उगाना बेहद आसान है।

कंद का चयन: रजनीगंधा कंद से उगता है। घर में रजनीगंधा उगाने के लिए ताजा कंद चुनें। गमले में 4-6 इंच गहराई पर इसे लगाएं। दो कंदों के बीच 6 इंच की दूरी रखें।
पौधे को रोज 5-6 घंटे धूप चाहिए
- रजनीगंधा लगाने के लिए 8 इंच गहरे गमले लें, जिसमें जल निकासी के लिए छेद हो। मिट्टी में रेत, गोबर की खाद या कोकोपीट मिलाएं।
- रोजाना थोड़ा पानी दें, मिट्टी सूखने पर फिर पानी दें। लेकिन, ज्यादा पानी न दें। हर 20-25 दिन में गोबर की खाद या कोकोपीट डालें।
- मुरझाए फूल और पीली पत्तियां छांटते रहें, जिससे नई पत्तियां आएंगी। कीटों की निगरानी करें। पौधे को रोजाना 5-6 घंटे धूप मिलनी चाहिए।
घर में पाएं अरोमाथेरेपी

शाम ढलते ही पूरे घर में फैलने वाली रजनीगंधा के फूलों की प्राकृतिक सुगंध रूम फ्रेशनर की जगह ले लेती है। इसकी अरोमाथेरेपी जैसी खुशबू तनाव को कम करती है, मूड बेहतर बनाती है और मानसिक शांति प्रदान करती है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
