
स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं, सावधानियां बरतें Publish Date : 27/10/2026
स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं, सावधानियां बरतें
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), दिल्ली के डायरेक्टर प्रदीप कुमार प्रजापति ने बदलते मौसम के साथ बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले को लेकर आयुर्वेदिक सावधानियां बताई। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की सलाह के बाद ही गर्म पानी और सुदर्शन घनवटी एवं दशमूलारिष्ट जैसी दवाएं लें। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू के मामले बदलते मौसम की वजह से बढ़ रहे हैं। बारिश के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। बैक्टीरिया और वायरस भी पनपता है।
हमारे खान-पान में भी गड़बड़ी होती है और वर्षा ऋतु में हमारी इम्युनिटी भी सबसे कम होती है, इसलिए इस मौसम में बैक्टीरिया का प्रभाव हमारे शरीर पर ज्यादा होता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जो स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं, इसमें बहुत लोग परेशान हो रहे हैं।

इसी को लेकर हमने 10 केस पर स्टडी की है। उन्होंने कहा कि मैं और मेरे परिवार वालों को भी स्वाइन फ्लू हुआ। इसके अलावा हमारे जानने वाले भी इस वायरस से संक्रमित हुए।
स्वाइन फ्लू के केसेज को स्टडी करने के दौरान हमने देखा कि इसमें 4 दिन बुखार नहीं उतरता। 4 दिनों तक लोगों को 100 डिग्री फॉरेनहाइट के ऊपर बुखार रहता है। हालांकि, इसको लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। इस दौरान हमें गर्म पानी पीना है। डॉक्टरों की सलाह के बाद ही दवाइयां लेनी है।
- सिर दर्द, सर्दी और जुकाम जैसी समस्या।
- वर्षा ऋतु में बैक्टीरिया का प्रभाव हमारे शरीर पर ज्यादा।
डायरेक्टर प्रदीप कुमार प्रजापति ने बताया कि स्वाइन फ्लू को लेकर सुदर्शन घनवटी, दशमूलारिष्ट और अमृतारिष्ट के परिणाम बहुत अच्छे सामने आ रहे हैं। स्वाइन फ्लू होने पर लोगों को भूख-प्यास कम लगती है और सिर में दर्द रहता है। ऐसी स्थिति में हमें काम से थोड़ा आराम लेने की जरूरत है। गर्म-गर्म हल्का-फुल्का खाना खाएं और खुद की साफ-सफाई पर खास ध्यान दें।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।