पाचन की समस्या का समाधान है वृश्चिकासन      Publish Date : 23/10/2026

पाचन की समस्या का समाधान है वृश्चिकासन

                                                                                                    डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा

शरीर और मन दोनों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए योग एक कारगर पद्धति है। यह सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला है, जो व्यक्ति को अंदर से शांत, मजबूत और एकाग्र बनाती है। योग के विभिन्न आसनों में वृश्चिकासन खास स्थान रखता है, जिसके अभ्यास से मानसिक संतुलन और शरीर पर नियंत्रण बेहतर करता है।

इसका नाम वृश्चिक यानी बिच्छू से लिया गया है, क्योंकि इस आसन के दौरान शरीर की स्थिति बिच्छू के समान होती है। इसके अभ्यास से शारीरिक मजबूती, लचीलापन और मानसिक शांति मिलती है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने वृश्चिकासन को एक उन्नत स्तर का योग आसन बताया है। इसके नियमित रूप से करने से शरीर में शक्ति, संतुलन और लचीलेपन का अद्भुत संयोग है। इस आसन में शरीर को आकृति ठीक उठते हुए बिच्छू की तरह हो जाती है।

                                   

वृश्चिकासन या स्कॉर्पियन पोज एक इनवर्टेड बैकबेंड आसन है, जिसमें कोहनियों पर संतुलन बनाते हुए पैरों को सिर की ओर झुकाया जाता है। यह आसन कंधों, बाहुओं, पीठ और कोर मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इससे रीढ़ की हड्डी का लचीलापन बढ़ता है, जिससे कमर दर्द और पीठ को समस्याओं में राहत मिलती है। साथ ही, यह पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है, पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और शरीर में ऊर्जा का संचार करता है। वृश्चिकासन एकाग्रता और संतुलन भी बढ़ाता है।

यह एक अत्यंत कठिन आसन है

इस आसन को केवल तभी करने का प्रयास करना चाहिए जब आप पिंचा मयूरासन में निपुण हों। शारीरिक सुरक्षा को अभ्यासकर्ता संतुलन बनाने के लिए दीवार के पास अभ्यास करें और हो सके तो किसी योग शिक्षक की देखरेख में ही करें। वहीं, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, चक्कर आना या गर्दन व पीठ में गंभीर चोट होने पर इस आसन को करने से बचें। इस आसन के नियमित अभ्यास से शरीर की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है तथा मानसिक एकाग्रता और आत्मविश्वास में भी वृद्धि हो सकती है। हालांकि यह एक कठिन आसन है।

लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।