मिर्गी के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार      Publish Date : 05/10/2026

मिर्गी के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

                                                                                                         डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा

दरअसल जीवन में, ऐसे कई ऐसे रोग होते हैं, जिन पर महत्वपूर्ण ध्यान देना बहुत जरूरी है, जैसे कि मिर्गी की समस्या। आम तौर पर, मिरगी एक मानव शरीर के दिमाग से जुडी एक तरह की न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसके कारण एक मरीज को बार-बार दौरे के जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। असल में, आपकी जानकारी के लिए आपको बताएं, कि मिर्गी जैसी स्थिति के दौरान, दिमाग के सिद्धांत में बहुत तेजी से इलेक्ट्रिकल कंज्यूमर की आवश्यकता होती है, जिसकी वजह से एक व्यक्ति में दौरे की स्थिति उत्पन्न होती है और इसके कुछ देर बाद ही विशिष्ट व्यक्तिगत पहचान हो जाती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कुछ आंकड़ों से पता चला है कि दुनिया भर में लगभग 5 करोड़ से भी अधिक लोग मिर्गी जैसी गंभीर बीमारी का सामना कर रहे हैं और जबकि भारत में करीब 10 लाख लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं।

आमतौर पर मिर्गी जैसी गंभीर बीमारी से किसी भी उम्र के लोगों पर बुरा असर पड़ सकता है। पर, इस बीमारी के लक्षण अलग-अलग उम्र के लोगों में अलग-अलग नजर आ सकते हैं। असल में, मिर्गी जैसी बीमारी के लक्षण में अचानक से शरीर का कमजोर होना, हाथ में दर्द होना, शरीर में झटका महसूस होना, अचानक से बेहोशी होना, या फिर से एनेस्थीसिया की समस्या होना जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं।

इसके अलावा इसके लक्षणों में व्यक्ति के दिमाग में चोट लगना, मस्तिष्क में चोट लगना, मस्तिष्क में कोई संक्रमण नहीं होना, मस्तिष्क में ट्यूमर की समस्या होना आदि शामिल हो सकते हैं, जिनमें आयुर्वेद में अश्वगंधा, शतावरी, गिलोय और सफेद मूसली औषधियों का सेवन किया जा सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करें।

मिर्गी के लक्षण

                               

दरअसल, अगर किसी व्यक्ति को दौरे से पहले इस तरह के रहस्योद्घाटन का अनुभव होता है, तो यह मिर्गी का संकेत हो सकता है। मिर्गी जैसी गंभीर समस्या के लक्षण निम्नलिखत के अनुसार हो सकते हैं, जिनमें शामिल हो सकते हैं, जैसे कि

  • किसी व्यक्ति का शरीर चिन्हांकन करना।
  • हाथ और दर्द के साथ सुन्नपन फील हो रहा है।
  • शरीर में थकान महसूस होना।
  • बेहोशी का होना।
  • अचानक से हाथ और पैर में दर्द होना।
  • हाथ और मसल्स की माला का अकड़ जाना।

मिर्गी रोग के कारण

वास्तव में, इस तरह की स्थिति में, कुछ वस्तुओं को काफी बड़ी जिम्मेदारी माना जाता है। इसके कारण निम्नलिखित हो सकते हैं, जिनमें मिर्गी जैसी समस्या होने की संभावना काफी अधिक है।

  • किसी व्यक्ति के मस्तिष्क में कोई बेहतर चोट लगना।
  • महिला की दुकान के समय कोई चोट लगना।
  • दिमाग में कोई इंफेक्शन होना।
  • किसी व्यक्ति को स्ट्रोक और ब्रेन ट्यूमर जैसी समस्या रही है।
  • कम उम्र में तेज बुखार या फिर किसी टेपेडिक जैसी बीमारी का शिकार होना।
  • किसी कारण से एक व्यक्ति के सिर में चोट लगना या फिर किसी दुर्घटना का शिकार होना।

लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।