
रात में बार-बार पेशाब की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार Publish Date : 20/08/2026
रात में बार-बार पेशाब की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
अगर आपको रात में बार-बार पेशाब आता है, तो इस संकेत की बिल्कुल भी अनदेखी न करें। यह डायबिटीज समेत कई अन्य बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। बार-बार पेशाब आता है, तो एक बार यूरोलॉजिस्ट से जरूर मिलें। हमारे आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉक्टर सुशील शर्मा आपको बता रहें हैं रात के समय बार-बार पेशाब आने के कारणों के बारे में-
रात में बार-बार पेशाब क्यों आता है?
जब आपको बार-बार उठकर पेशाब जाना पड़ता है और इससे आपकी नींद खराब होती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह स्थिति नोक्ट्यूरिया (Nocturai) की हो सकती है। यह सिर्फ एक आदत नहीं है, बल्कि कई बार यह शरीर में छिपी हुई किसी बीमारी का संकेत भी हो सकती है। बार-बार पेशाब आने के पीछे किडनी, मूत्राशय, हॉर्मोन, हृदय या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं जिम्मेदार हो सकती हैं।
सबसे पहली बीमारी है डायबिटीज
डायबिटीज रोगियों को रात में बार-बार पेशाब आ सकता है। यानी बार-बार पेशाब आना डायबिटीज का संकेत भी हो सकता है। दरअसल, जब रक्त में शुगर का स्तर बढ़ जाता है, तो शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है और इससे पेशाब की मात्रा बढ़ जाती है। अगर आपको बार-बार पेशाब आने की साथ-साथ, बार-बार प्यास लगने, ज्यादा भूख लगने या बिना वजह वजन कम होने जैसे संकेत दिखाई दे तो एक बार शुगर की जांच अवश्य ही कराएं।
ओवरएक्टिव ब्लैडर
सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, इस स्थिति में मूत्राशय जरूरत से ज्यादा एक्टिव हो जाता है और इसकी वजह से थोड़ी मात्रा में पेशाब होने पर भी बार-बार पेशाब की इच्छा होती है। यह समस्या दिन और रात दोनों समय हो सकती है। अगर आपको यह समस्या है, तो एक बार यूरोलॉजिस्ट से जरूर मिलें।
क्रॉनिक किडनी डिजीज
किडनी से जुड़े रोगों की वजह से भी रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। दरअसल, किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर शरीर में तरल पदार्थ और अपशिष्ट पदार्थों के संतुलन में बदलाव आने लगता है, इस स्थिति में बार-बार पेशाब आ सकता है। इसके अलावा, पैरों में सूजन, थकान-कमजोरी महसूस होना और बीपी बढ़ जाना भी क्रॉनिक किडनी डिजीज के संकेत हो सकते हैं।
प्रोस्टेट का बढ़ना
पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ने की वजह से भी रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। 50 वर्ष की उम्र के बाद कई पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का साइज बढ़ना एक आम समस्या है। इससे मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं हो पाता और बार-बार पेशाब की इच्छा होती है। अगर पेशाब करने में कठिनाई हो या पेशाब रुक-रुक कर आए तो यूरोलॉजिस्ट से जरूर मिलें।
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन
रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के कारण भी हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यूटीआई के मामले अधिक सामने आते हैं। पेशाब करते समय जलन या दर्द होना भी यूटीआई का संकेत हो सकता है। अगर रात में पेशाब के लिए बार-बार उठना पड़ता है, तो एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ या यूरोलॉजिस्ट से जरूर मिलें।
प्रभावशाली आयुर्वेदिक दवाएँ और औषधियाँ
चंद्रप्रभा वटीः यह मूत्र संबंधी विकारों और मूत्राशय की कमजोरी के लिए सबसे प्रसिद्ध औषधि औषधि है। इसे आमतौर पर गुनगुने पानी के साथ लिया जाता है।
गोखरू (गोक्षुरा): यह मूत्राशय को बल देता है और मूत्र संबंधी समस्याएं दूर करता है। इसे शहद या फिर स्वादिष्ट गर्म दूध के साथ लिया जा सकता हैं।
पुनर्नवाः यह गुर्दे और मूत्र प्रणाली की सूजन को कम करता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।
कुछ अचूक घरेलू उपायः
मिश्रित रसः संयुक्त आँवले के रस में थोड़ा सा बार-बार पीने से मूत्र पर नियंत्रण होता है।
काले तिल और गुड़ः भुने हुए काले तिल को गुड़ के साथ बड़े छोटे दूध से पकाएं। रात को सलाद समय इसका सेवन करने से लाभ होता है।
धनिए का पानीः धनिए को पानी को उबालकर इसे ठंडा करके पीने से मूत्र मार्ग की जलन शांत होती है।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
