पाचन क्रिया को बेहतर बनाने के लिए कुछ उच्च फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ      Publish Date : 05/08/2026

पाचन क्रिया को बेहतर बनाने के लिए कुछ उच्च फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ

                                                                                                    डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा

वर्तमान की भागदौड़ और तनाव से परिपूर्ण जिन्दगी में कब्ज एक आम पाचन संबंधी समस्या है जो भारत समेत दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करती है। खराब खान-पान, कम पानी पीना और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों की कमी अक्सर इस समस्या का कारण बनती है। फाइबर युक्त आहार कब्ज से निपटने और आंतों के समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक माना जाता है। आज के प्रस्तुत लेख में हमारे आयुर्वेदाचार्य डॉ0 सुशील शर्मा, भारतीय आहार के अनुरूप कब्ज से राहत दिलाने वाले सर्वोत्तम फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों के बारे में आपको बताने जा रहे है-

पाचन स्वास्थ्य में फाइबर की भूमिका

फाइबर एक पादप-आधारित पोषक तत्व है जो स्वस्थ पाचन और नियमित मल त्याग को बढ़ावा देता है। यह दो रूपों में पाया जाता हैः

घुलनशील फाइबरः यह पानी में घुल कर जेल जैसा पदार्थ बनाता है, जिससे मल नरम हो जाता है।

अघुलनशील फाइबरः इस प्रकार के फाइबर्स मल की मात्रा को बढ़ाते हैं, जिससे यह पाचन तंत्र से आसानी से गुजर जाता है।

हमारे आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ0 सुशील शर्मा समझाते हैं, “घुलनशील और अघुलनशील दोनों प्रकार के फाइबर का संतुलित सेवन कब्ज से बचाव के लिए आवश्यक होते है। भारतीय आहार में फाइबर युक्त विकल्पों को शामिल करके उसमें कुछ बदलाव करने से स्वाभाविक रूप से आंतों के स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है।”

कब्ज से राहत के लिए उच्च फाइबर युक्त कुछ प्रमुख खाद्य पदार्थ

1. साबुत अनाज

साबुत अनाज लगभग भारतीय घरों का एक प्रमुख आहार है और साबुत अनाज अघुलनशील फाइबर का एक शानदार स्रोत होते है।

ब्राउन राइसः सफेद चावल का एक स्वास्थ्यवर्धक विकल्प, इसमें रेशेदार चोकर की परत बरकरार रहती है।

क्विनोआः प्रोटीन और फाइबर दोनों से भरपूर यह अनाज आजकल शहरी भारतीय आहार में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

रागी (फिंगर मिलेट): फाइबर से भरपूर, रागी का उपयोग अक्सर पौष्टिक दलिया या रोटी बनाने में किया जाता है।

2. दलहन और दालें

भारतीय व्यंजन दालों और फलियों पर बहुत अधिक निर्भर करते हैं, जो फाइबर के शक्तिशाली स्रोत होते हैं।

मूंग दालः पेट के लिए हल्की और फाइबर से भरपूर।

राजमा (किडनी बीन्स): राजमा में भी भरपूर मात्रा में फाइबर और प्रोटीन पाया जाता है।

चनाः करी, सलाद या भुने हुए स्नैक्स के लिए एक आदर्श विकल्प है।

इसके सम्बन्ध में डॉ0 शर्मा कहते हैं, कि दालें न केवल कब्ज से राहत दिलाने में मदद करती हैं बल्कि आयरन और प्रोटीन जैसे आवश्यक पोषक तत्व भी प्रदान करती हैं, जो समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं।

3. सब्जियां

अपने दैनिक भोजन में फाइबर से भरपूर सब्जियों को शामिल करना भी अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होता है, इसके लि आप-

पालकः फाइबर, विटामिन और खनिजों से भरपूर, सब्जियों या सूप के लिए एकदम सही विकल्प है।

गाजरः एक कुरकुरा स्नैक विकल्प और पके हुए व्यंजनों में भी बढ़िया और स्वादिष्ट होता है।

लौकीः लौकी आसानी से पच जाती है और मल त्याग में सुधार के लिए प्रभावी होता है इसका सेवन करना।

फूलगोभीः जब इसे करी के रूप में तैयार किया जाता है या भूना जाता है, तो यह उत्कृष्ट फाइबर प्रदान करती है।

4. फल

फल फाइबर का सेवन बढ़ाने का एक स्वादिष्ट और प्राकृतिक तरीका है।

पपीताः भारत में कब्ज के लिए एक लोकप्रिय घरेलू नुस्खा है।

अमरूदः अमरूद को बीजों सहित खाने से फाइबर की मात्रा बढ़ती है।

अनारः फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल होता है।

केलाः पाचन क्रिया को बेहतर बनाने के लिए पके हुए केले का सेवन करना चाहिए।

डॉ0 शर्मा आगे कहते हैं, कि कब्ज के लिए फाइबर से भरपूर फल, जैसे पपीता और अमरूद, आसानी से उपलब्ध होते हैं और बेहतर पाचन स्वास्थ्य के लिए इन फलों का नियमित रूप से सेवन किया जाना चाहिए।

5. मेवे और बीज

बादाम और अखरोटः मुट्ठी भर बादाम और अखरोट फाइबर से भरपूर एक झटपट नाश्ता हो सकते हैं।

अलसी और चिया के बीजः फाइबर की मात्रा बढ़ाने के लिए इन्हें स्मूदी या दही में मिलाकी खाएं।

तिलः भारतीय खाना पकाने में आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है और फाइबर से भरपूर होता है।

कब्ज के लिए उच्च फाइबर युक्त भोजन

यहां फाइबर से भरपूर कुछ भोजन के सुझाव दिए गए हैं:

नाश्ताः सब्जियों के साथ ओट्स उपमा या पालक से भरे साबुत गेहूं के पराठे से नाश्ता करें।

दोपहर का भोजनः दाल और हरी सलाद के साथ ब्राउन राइस आदि को शामिल करना चाहिए।

रात का खानाः ज्वार या बाजरे की रोटी के साथ मिश्रित सब्जी की करी का सेवन करें।

नाश्ताः भुना हुआ चना या अमरूद और अनार के साथ फ्रूट चाट का सेवन करें।

परहेज करने योग्य खाद्य पदार्थ

कुछ खाद्य पदार्थ कब्ज को बढ़ा सकते हैं और उनका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिएः

  • बिस्कुट, चिप्स और इंस्टेंट नूडल्स जैसे प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें।
  • सफेद चावल और मैदा से बने उत्पादों जैसे परिष्कृत अनाज का सेवन कम से कम करें।
  • मीठे स्नैक्स और पेय पदार्थ का सेवन करने बचें।

कुछ अतिरिक्त उपाय

इसबगोल (साइलियम हस्क): भारत में कब्ज के लिए एक सबसे आम घरेलू नुस्खा है।

त्रिफलाः पाचन क्रिया में सहायक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का मिश्रण होता है।

अजवाइन का पानीः पाचन क्रिया को उत्तेजित करने और पेट फूलने से राहत दिलाने में सहायक होता है।

चिकित्सकीय सहायता कब लेनी चाहिए

लंबे समय तक कब्ज रहने या पेट दर्द और मल में खून आने जैसे अतिरिक्त लक्षणों के लिए तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है। श्रीमती दुर्गा टाक सलाह देती हैं, “यदि आहार में बदलाव से कब्ज ठीक नहीं होता है, तो पूरी जांच और उपचार के लिए ग्रेटर नोएडा में किसी गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से परामर्श लें।

लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।