
उच्च रक्तचाप में जल्दी फायदा करे ये घरेलू नुस्खे Publish Date : 25/07/2026
उच्च रक्तचाप में जल्दी फायदा करे ये घरेलू नुस्खे
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
आपका हृदय धमनियों के माध्यम से खून को शरीर में भेजता है। शरीर की धमनियों में बहने वाले रक्त के लिए एक निश्चित दबाव जरूरी होता है। जब किसी वजह से यह दबाव अधिक बढ़ जाता है, तब धमनियों पर ज्यादा असर पड़ता है। दबाव बढ़ने के कारण धमनियों में रक्त का प्रवाह बनाए रखने के लिये दिल को सामान्य से अधिक काम करना पड़ता है। इस स्थिति को उच्च रक्तचाप कहते हैं। उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) एक गंभीर बीमारी है। क्या आपको पता है कि हाई बीपी के लक्षण क्या-क्या होते हैं। हाई ब्लड प्रेशर होने पर आपको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। हाई बीपी के इलाज के लिए आपको क्या उपाय (home remedies for high bp) करना चाहिए।

ध्यान रखें कि हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) के कारण आपका हृदय भी काम करना बंद कर सकता है। लगातार उच्च रक्तचाप रहने से आपके शरीर को कई तरह की हानि पहुँच सकता है। इससे हार्ट फेल भी हो सकता है। इसलिए यहां हाई बीपी के लक्षण, हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाना चाहिए और हाई ब्लड प्रेशर के लिए घरेलू उपाय (blood pressure normal karne ka tarika) की जानकारी जरूरी है।
हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) क्या है?
जब व्यक्ति असंतुलित आहार-विहार का सेवन करता है तो कफ व मेद की वृद्धि हो जाती है। कफ और मेद धमनियों में स्थान संश्रय कर धमनियों में कठिनता उत्पन्न करता है और वायु रक्त संवहन की प्रक्रिया को प्रतिकूल गति प्रदान कर रक्तचाप को बढ़ा देती है।
हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) के कारण
उच्च रक्तचाप असंतुलित जीवनशैली और आहार के कारण तो होता ही है लेकिन ये भी कारण होते हैं-
-ब्लड प्रेशर हाई होने का प्रमुख कारण मोटापा होता है। मोटे व्यक्ति में बी.पी. बढ़ने का खतरा आम व्यक्ति से ज्यादा होता है।
-शारीरिक श्रम न करना। जो लोग व्यायाम, खेल-कूद और कोई भी शारीरिक क्रिया नहीं करते और आरामतलब जीवन जीते हैं, उन्हें रक्तचाप की समस्या हो सकती है।
-जो व्यक्ति शुगर, दिल के रोग, किडनी के रोगों से ग्रसित होते हैं एवं जिनकी रक्त धमनियां कमजोर होती हैं उनमें रक्तचाप उच्च हो जाता है।
-ज्यादा नमकीन खाद्य पदार्थों का सेवन करने से।
-पिज्जा, बर्गर, चाऊमिन, मोमोज आदि खाने से बी.पी. बढ़ जाता है।
-जो व्यक्ति धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन करते हैं।
-प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को भी बी.पी. बढ़ने की समस्या होती है।
हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) के लक्षण
हाई बी.पी. के कारण हृदय से जुड़े रोग, गुर्दे के रोग, आँख आदि खराब हो सकते हैं। उच्च रक्तचाप एक धीमा जहर है जो धीरे-धीरे शरीर के अंगों को खराब कर देता है। उच्च रक्तचाप से नियंत्रण में लाने के लिए या हाई बीपी से बचने के लिए सबसे पहले हाई बीपी के लक्षणों को जानना जरूरी होता है। चलिये इसके बारे में जानते हैं-
– उच्च रक्तचाप के लक्षण के रूप में व्यक्ति को तेज सिर दर्द होता है।
-उच्च रक्तचाप के लक्षण के रूप में व्यक्ति को थकावट और ज्यादा तनाव होता है।
-रोगी को सीने में दर्द होता है और भारीपन की अनुभूति होती है।
-रोगी को सांस लेने में परेशानी महसूस होना।
-उच्च रक्तचाप के रोगी को घबराहट महसूस होती है।
-कुछ भी समझने और बोलने में कठिनाई होना।
-उच्च रक्तचाप के रोगी के पैर अचानक सुन्न हो जाते हैं।
-उच्च रक्तचाप के रोगी को प्रायः बहुत कमजोरी महसूस होती है।
-उच्च रक्तचाप के रोगी को धुंधला दिखाई पड़ता है।
उच्च रक्तचाप से कैसे बचें?
असंतुलित भोजन और जीवनशैली के कारण भी उच्च रक्तचाप होता है, और अधिकांश लोगों को यह पता नहीं होता है कि हाई ब्लड प्रेशर होने पर क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। इसलिए आप हाई बीपी के लक्षणों का पता चलते ही आहार और जीवनशैली में थोड़ा बदलाव लाएं ताकि बीमारी पर पूरी तरह नियंत्रण पा सकें।
–वजन बढ़ने के साथ अक्सर ब्लड प्रेशर भी बढ़ता है। अधिक वजन सोते समय सांस लेने में बाधा उत्पन्न करती है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है, इसलिए ब्लड प्रेशर कम करने का एक प्रभावी तरीका वजन कम करना (home remedies for high bp) है।
-प्रतिदिन 20-25 मिनट तक व्यायाम करें।
-स्वस्थ आहार जैसे साबुत अनाज, फल, सब्जियां, डेरी प्रोडक्ट्स एवं कम फैट वाले भोजन से बी.पी. कम हो जाता है।
-उच्च रक्तचाप के रोगी को अपनी डायट में मैग्निशियम, कैल्शियम और पोटेशियम से भरपूर खाद्य पदार्थ अधिक खाने चाहिए।
-दूध, हरी सब्जियां, दाल, सोयाबीन, प्याज, लहसुन और संतरें में ये पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में होते हैं।
-प्रतिदिन मेवे में 4 अखरोट एवं 5 से 7 बादाम खाएं।
-उच्च रक्तचाप में फलों में सेब, अमरूद, अनार, केला, अंगूर, अनानास, मौसंबी, पपीता।
-हर रोज सुबह खाली पेट लहसुन की 2 कलियां खाएं।
-खट्टे फल, नींबू पानी, सूप, नारियल पानी, सोया, अलसी और काले चने खाएं।
-रोजाना पानी अधिक मात्रा में पीये।
-भोजन के लिए सोयाबीन तेल इस्तेमाल करना चाहिए।
-सलाद में प्याज, टमाटर, मूली, गाजर, खीरा, गोभी का सेवन करने से रक्तचाप सामान्य हो जाता है।
-बिना मलाई वाले दूध का सेवन करें।
-रक्तचाप उच्च होने में ओमेगा-3 भी शामिल करें।
-हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्ति को डार्क चॉक्लेट का सेवन करना चाहिए। डार्क चॉक्लेट बी.पी. कम करती है।
हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) के लिए आहार
हाई बीपी में आपको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। ये बातें यहां लिखी गई है। हाई बीपी के लक्षण महसूस होने पर इनसे परहेज करना चाहिएः-
-जिस व्यक्ति का बी.पी. हाई हो उसे नमक कम खाना चाहिए।
-कॉफी और चाय का सेवन अधिक करने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है।
-डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों का सेवन न करें क्योंकि उनमें नमक ज्यादा होता है।
-स्मोकिंग और शराब का सेवन न करें।
-उच्च रक्त के व्यक्ति को चाय और कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए।
-बाहर की चीजें जैसे पिज्जा, बर्गर आदि का सेवन न करें।
-बेकिंग सोड़ा का सेवन उच्च रक्तचाप के रोगी को नहीं करना चाहिए।
-खाना खाते समय अपने भोजन में नमक ऊपर से न डालें।
-पापड़ भी बिना नमक के ही खाएं।
-चटनी, आचार, अजीनोमोटो, बेंकिंग पाउडर और सॉस खाने से परहेज करें।
-बी-पी. के रोगियों को ऐसा खाना नहीं खाना चाहिए जिसमें फैट अधिक हो।
-जब आप सोते हैं तो बी.पी. कम होता है। यदि आप भरपूर नींद नहीं लेंगे तो ब्लड प्रेशर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जो लोग कम सोते हैं उनका ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है।
-हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए गुस्सा जानलेवा होता है। जितना संभव प्रयास हो सके, तनाव और गुस्से से दूर रहना चाहिए। रोजाना मेडिटेशन और योगा करना चाहिए।
-बहुत अधिक मात्रा में मादक पदार्थों के सेवन से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, जिससे आगे जाकर वजन बढ़ता है और दिल का दौरा पड़ने की संभावना भी बढ़ जाती है।
उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के घरेलू उपाय
उच्च रक्तचाप से राहत पाने के लिए लोग पहले घरेलू नुस्खे आजमाते हैं। चलिये जानते हैं कि ऐसे कौन-कौन-से घरेलू उपाय हैं जो उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायता करते हैं-
उच्च रक्तचाप के उपचार के लिए लहसुन का इस्तेमाल
लहसुन हर घर में इस्तेमाल में लाया जाता है। लहसुन ब्लड प्रेशर ठीक करने में बहुत मददगार होता है। लहसुन से हाई बीपी को नियंत्रित कर सकते हैं।
उच्च रक्तचाप के उपचार के लिए आँवले के रस का सेवन
एक बड़ा चम्मच आँवले का रस और इतना ही शहद मिलाकर सुबह-शाम लेने से हाई ब्लड प्रेशर में लाभ होता है। इससे उच्च रक्तचाप का उपचार होता है।
उच्च रक्तचाप के उपचार के लिए काली मिर्च का प्रयोग
जब ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ हो तो आधे गिलास गुनगुने पानी में काली मिर्च पाउडर का एक चम्मच घोल लें। इसे दो-दो घंटे के बाद पीते रहें। इससे हाई ब्लड प्रेशर के लक्षणों का उपचार होता है।
उच्च रक्तचाप के उपचार के लिए तरबूज का सेवन
उच्च रक्तचाप के नियंत्रण में तरबूज लाभ पहुंचाता है। तरबूज के बीज की गिरी तथा खसखस अलग-अलग पीसकर बराबर मात्रा में रख लें। इसका रोजाना एक-एक चम्मच सेवन करें।
उच्च रक्तचाप के उपचार के लिए नींबू का उपयोग
बढ़े हुए ब्लड प्रेशर में एक गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़कर तीन-तीन घण्टे के अन्तर में पीना चाहिए। इससे उच्च रक्तचाप का इलाज होता है।
तुलसी और नीम से करें हाई बीपी कम करने के उपाय
उच्च रक्तचाप के इलाज के लिए पाँच तुलसी के पत्ते तथा दो नीम की पत्तियों को पीस लें। इसे एक गिलास पानी में घोलकर खाली पेट सुबह पिएं। इससे हाई ब्लड प्रेशर के लक्षणों का इलाज होता है।
खाली पैर हरी घास पर चलने से उच्च रक्तचाप होता है कम
हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को नंगे पैर हरी घास पर 10-15 मिनट तक चलना चाहिए। रोजाना चलने से ब्लड प्रेशर नॉर्मल हो जाता है।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
