कब्ज की पुरानी समस्या के समाधान के लिए आयुर्वेदिक उपाय      Publish Date : 20/07/2026

कब्ज की पुरानी समस्या के समाधान के लिए आयुर्वेदिक उपाय

                                                                                                       डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा

गलत खानपान या लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ गलत आदतों के चलते वर्तमान समय में कब्ज की समस्या का होना आम बात है, लेकिन अगर कई हफ्तों या महीनों से आपकी कब्ज की समस्या ठीक नहीं हो रही है तो इसे अनदेखा ना करें। लंबे समय तक कब्ज से पीड़ित रहने से पाइल्स या इरीटेबल बॉवेल सिन्ड्रोम (IBD) जैसी गंभीर बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है। लंबे समय तक रहने वाली कब्ज को ही पुरानी कब्ज या क्रोनिक कब्ज (Chronic Constipation) कहते हैं। आज के अपने इस लेख के माध्यम से हम आपको बता रहे हैं कि कब्ज होने के मुख्य कारण और पुरानी कब्ज से छुटकारा पाने के लिए कारगर आयुर्वेदिक उपाय।

कब्ज क्या है?

                                  

इसे यदि हम आम भाषा में कहें तो सुबह शौच के समय ठीक से पेट साफ ना होना ही कब्ज कहा जाता है। कब्ज के कारण पेट में मल जमा होने लगता है और शौच के दौरान वह पूरी तरह बाहर नहीं निकलता है, जिसके चलते शौच के दौरान बहुत प्रेशर डालना पड़ता है और इस प्रेशर के कारण शौच के समय तेज दर्द और जलन होने लगती है।

एक हफ्ते में तीन या उससे भी कम बार शौच करना कब्ज की समस्या मानी जाती है। ऐसे में कब्ज दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय अपनाएं या नजदीकी किसी आयुर्वेदाचार्य से मिलें।

कब्ज के प्रमुख कारण

कब्ज होने के कई कारण होते हैं, जिनमें अधिकांश कारण आपके खानपान से ही जुड़े हुए हैं।

कम पानी पीनाः

कम पानी पीने से आंतों की गति में रुकावट होती है और इससे पेट में पड़ा मल ठोस या कड़ा होने लगता है, जिससे हमें कब्ज होने लगता है। अगर आप दिन भर में सिर्फ 2-3 गिलास ही पानी पी रहे हैं तो आपको कब्ज होना लगभग तय होता है, इसलिए कोशिश करें कि दिन भर में कम से कम 7-8 गिलास पानी जरूर पिएं।

फाइबर से भरपूर चीजें कम खानाः

फाइबर युक्त आहार न पाने से पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं कर पाता है जिससे मल को पेट से बाहर निकालने में कठिनाई होने लगती है। इसलिए अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर फल और सब्जियां शामिल करें।

सुस्त जीवनशैलीः

एक सुस्त लाइफस्टाइल भी कब्ज होने का एक प्रमुख कारण होता है। अगर आप ऑफिस या घर में घंटों एक ही जगह बैठकर काम करते हैं या दिन भर में बहुत कम चलते फिरते हैं तो ऐसी लाइफस्टाइल की वजह से कब्ज होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

अनियमित खानपानः

अक्सर शादियों या पार्टियों में जरूरत से ज्यादा कुछ भी खा लेना, ज्यादा शराब पीना और नाश्ते में या स्नैक में मैदे से बनी चीजें और फास्ट फूड खाने की वजह से कब्ज की समस्या होने लगती है। इसलिए अपने खानपान पर सबसे ज्यादा ध्यान दें और हेल्दी चीजें अधिक खाएं।

दवाएं और सप्लीमेंटः

कई बार कुछ दवाओं या सप्लीमेंट के सेवन से भी कब्ज की समस्या बन सकती है। एक्सपर्ट के अनुसार, अधिक मात्रा में पेनकिलर खाने या आयरन और कैल्शियम सप्लीमेंट लेने के कारण भी कब्ज की समस्या हो सकती है।

कब्ज के लक्षणः 

  • सप्ताह में तीन से कम बार मल त्यागना या शौच करना।

  • गांठदार या मल का कठोर होना।

  • मल त्यागने के लिए जोर लगाना।

  • ऐसा महसूस होना जैसे आपके मलाशय में कोई रुकावट है जिससे मल आसानी से बाहर नहीं निकल रहा है।

  • शौच करने के बाद भी पेट का भरा हुआ महसूस होना।

  • शौच के दौरान अपने पेट पर दबाव डालने के लिए अपने हाथों का उपयोग करना और मलाशय से मल को निकालने के लिए उंगली का उपयोग करना।

  • अगर आपने पिछले तीन महीनों में इनमें से दो या अधिक लक्षणों का अनुभव किया है तो यह दर्शाता है कि आप पुरानी या क्रोनिक कब्ज से पीड़ित हैं।

कब्ज दूर करने के लिए कारगर आयुर्वेदिक उपाय

                           

आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार कुछ घरेलू और आयुर्वेदिक इलाज अपनाकर कब्ज की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। अगर आपको कब्ज के लक्षण दिखें तो यहां बताए गए आयुर्वेदिक उपाय अपनाएं।

त्रिफला चूर्णः

त्रिफला एक आयुर्वेदिक औषधि है जो आंवला, हरड़  और बहेड़ा जैसी प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बनती है. त्रिफला के औषधीय गुणों को देखते हुए ही अधिकांश लोग त्रिफला का इस्तेमाल कब्ज की दवा के रूप में करते हैं। कब्ज दूर करने के लिए रात को सोते समय एक छोटी चम्मच त्रिफला पाउडर को गुनगुने पानी के साथ लें या एक टैबलेट त्रिफला कैप्सूल लें। 

इसबगोलः

कब्ज से राहत दिलाने में इसबगोल (प्लांटेगो) को काफी प्रभावी माना जाता है। यह एक प्राकृतिक फाइबर स्रोत है जो आपकी पाचन प्रक्रिया को सुचारु रूप से काम करने में मदद करता है। आधे से एक चम्मच ईसबगोल को एक गिलास गुनगुने पानी में भिगोकर खाएं। रात में सोने से पहले इसका सेवन लाभकारी माना जाता है।

एलोवेरा जूस

एलोवेरा जूस में फाइबर, एंजाइम्स और एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो पाचन प्रक्रिया को सुधारते हैं। इसके अलावा यह लैक्सेटिव की तरह असर करता है जिससे मल नरम हो जाता है और कब्ज के मरीजों को शौच के दौरान ज्यादा जोर नहीं लगाना पड़ता है।

तीन से चार छोटी चम्मच एलोवेरा जूस में उतनी ही मात्रा में पानी मिलाएं और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें।

अभयारिष्टः

अभयारिष्ट कब्ज दूर करने की एक आयुर्वेदिक दवा है जिसका उपयोग पुरानी कब्ज के इलाज के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा किया जाता है। यह दवा प्राकृतिक तरीके से पाचन प्रक्रिया को सुधारने और मल को शरीर से बाहर निकालने में मदद करती है। इसका सेवन आयुर्वेदिक चिकित्सक द्वारा बतायी गई खुराक के अनुसार ही करें। इसे भी रात में सोने से पहले लेना अधिक लाभकार माना जाता है।  

डाइट और लाइफस्टाइल में करें बदलाव

सुबह गर्म पानी सेवन करें

सुबह उठकर शौच जाने से पहले एक गिलास गर्म पानी पिएं। ऐसा नियमित रूप से करने से पेट अच्छे से साफ होता है और कब्ज की समस्या कम होने लगती है। 

पानी की मात्रा को बढ़ाएं:

जैसा कि इस लेख में पहले बताया गया है दिन में कम से कम 6-8 गिलास पानी जरूर पिएं. इससे पाचन तंत्र सही रहता है और कब्ज की समस्या नहीं होती है। 

फल और सब्जियां खाएं:

फल और सब्जियों में फाइबर भरपूर मात्रा में मिलता है। फाइबर वाली चीजें खाने से मल कठोर या सख्त नहीं होता है जिससे शौच के दौरान मल आसानी से बाहर निकल जाता है, अतः सभी मौसमी फल और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन अधिक से अधिक करें। 

लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।