
लीवर को स्वस्थ बनाए रखती हैं यह आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ Publish Date : 19/07/2026
लीवर को स्वस्थ बनाए रखती हैं यह आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
वर्तमान की इस भागती-दौड़ती जीवनशैली के अन्तर्गत खानपान पर विशेष ध्यान ना दे पाने के कारण आजकल लोग अक्सर पाचन से सम्बन्धित समस्याओं से जूझते रहते हैं। हमारे आयुर्वेदिक एक्सपर्ट के अनुसार, पाचन से जुड़ी कई बीमारियां लीवर में खराबी की वजह से होती हैं। हद से ज्यादा शराब पीना और अनियमित खानपान साथ में आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली, लीवर के लिए बेहद नुकसानदायक है। आयुर्वेद में ऐसी कई जड़ी-बूटियों (Herbs for Liver Health) के बारे में बताया गया है जो लीवर को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं। हमारे आयुर्वेदाचार्य डॉ0 सुशील शर्मा बता रहे है ऐसी जड़ी-बूटियों और औषधियों के बारे में विस्तार सेः
लीवर को स्वस्थ रखती है भुंई आंवला या भूम्यामलकी-
भूम्यामलकी एक प्रमुख आयुर्वेदिक औषधि है जो कि आसानी से घर के आस-पास छोटे पौधे के रूप मिल जाती है। यह जड़ी-बूटी लीवर को कई तरह के संक्रमण से बचाती है और लीवर की सेहत को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है। लीवर से जुड़े रोगों से पीड़ित मरीजों को चिकित्सक की सलाह के अनुसार भुंई आंवला का सेवन करना चाहिए।
भुंई आंवला या भूम्यामलकी के उपयोग का तरीकाः
लीवर के लिए भूम्यामलकी का उपयोग आप चूर्ण, कैप्सूल या टेबलेट के रूप में कर सकते हैं। आजकल इसका जूस भी बाजार में मिलता है। खुराक संबंधित जानकारी के लिए चिकित्सक से परामर्श लें।
लीवर की क्षमता को बढ़ाती है कुटकीः
कुटकी एक जड़ी-बूटी है जिसका उपयोग लीवर के रोगों में प्राचीन काल से ही प्रमुख रूप से किया जाता है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार कुटकी लीवर की सूजन को कम करती है साथ ही लीवर की कार्य क्षमता भी बढ़ाती है। जो लोग लीवर में सूजन की समस्या से पीड़ित हैं उन्हें चिकित्सक से सलाह लेकर कुटकी का सेवन करना चाहिए।
कुटकी के सेवन का तरीकाः
आजकल कुटकी का कैप्सूल या चूर्ण बाज़ार में आसानी से उपलब्ध है। आयुर्वेदिक चिकित्सक के परामर्श के अनुसार ही इसका सेवन करना चाहिए।
लीवर के लिए आंवला का उपयोगः
आंवला आयुर्वेद में उपयोग की जाने वाली जानीमानी औषधि है। यह लीवर को डिटॉक्स करने का काम करती है। आंवला में पाए जाने वाले फायटो नुट्रिएंट्स लीवर की कार्य क्षमता को बढ़ाते हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, आंवले में हेप्टो प्रोटेक्टिव क्षमताएं होती हैं जो लीवर की कोशिकाओं को स्वस्थ बनाए रखती हैं।
आंवला के सेवन की विधि:
आंवले का उपयोग आप लिवर के स्वास्थ्य के लिए विभिन्न प्रकार से कर सकते हैं। इसका उपयोग करने का सबसे आसान और कारगर तरीका है कि आप कच्चे आंवले का सेवन ही करें। इसके अलावा आज कल बाजार में आंवले के जूस, टेबलेट, कैप्सूल्स और कैंडी आदि भी आसानी से मिल जाते हैं। आप रोजाना सीमित मात्रा में इनमें से किसी का भी सेवन कर सकते हैं।
लीवर को संक्रमण से बचाती है एलोवेराः
एलोवेरा में भरपूर मात्रा में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो लीवर को फ्री रेडिकल्स के कारण होने वाले विभिन्न प्रकार के नुकसान और संक्रमण से बचाते हैं। रोजाना सीमित मात्रा में एलोवेरा का सेवन करने से लीवर लंबे समय तक स्वस्थ बना रहता है।
एलोवेरा का सेवन करने का तरीका
एलोवेरा का उपयोग सबसे ज्यादा जूस के रूप में किया जाता है। रोजाना सुबह खाली पेट दो तीन छोटी चम्मच एलोवेरा जूस में इतनी ही मात्रा में पानी मिलाकर सेवन करने से लिवरी को लाभ मिलता है।
लीवर की सूजन को कम करती है पुनर्नवाः
आज के समय में अधिकांश लोग लीवर में सूजन की समस्या से परेशान रहते हैं। अगर आप भी उनमें से एक हैं तो पुनर्नवा आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। पुनर्नवा एक जड़ी-बूटी है जिसका इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है। यह लीवर की सूजन को भी कम करती है साथ ही लीवर से जुड़े अन्य रोगों के खतरे को भी कम करती है।
पुनर्नवा के सेवन का तरीकाः
पुनर्नवा चूर्ण, कैप्सूल, टेबलेट और सिरप के रूप में बाजारों में उपलब्ध है। आप किसी भी रूप में इसका सेवन कर सकते हैं। इसे कितनी मात्रा में लेना है इसके लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से संपर्क कर इसकी खुराक निश्चित् करें।
लीवर को स्वस्थ रखने के लिए आयुर्वेदिक दवाएं:

अगर आप फैटी लीवर या लीवर में संक्रमण की समस्या से पीड़ित हैं या इनसे बचना चाहते हैं तो ऐसी आयुर्वेदिक औषधि चुनें जिसमें यहां बताई गई जड़ी-बूटियां मौजूद हों। जैसे कि टाटा 1उह तेजस्या लीवर केयर सिरप में भुंई आंवला, पुनर्नवा, आंवला के अलावा भृंगराज, हरीतकी और चित्रक जैसी जड़ी-बूटियां भी शामिल हैं, जो लीवर को हर तरह के संक्रमण से बचाती हैं। इस सिरप को पीने से लीवर स्वस्थ रहता है, मेटाबॉलिज्म भी मजबूत होता है और पाचन तंत्र में सुधार होता है।
लीवर को स्वस्थ रखने के लाइफस्टाइल में आवश्यक बदलावः
अगर आप अपनी जीवनशैली में थोड़ा बदलाव लाएं तो लीवर को लंबे समय तक स्वस्थ और निरोग रख सकते हैं। इसके लिए लेख में बताए गए कुछ नियमों का गंभीरता से पालन करें:-
- रोजाना कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। इससे लीवर का स्वास्थ्य ठीक रहता है और शरीर से टॉक्सिक तत्व भी आसानी से बाहर निकल जाते हैं।
- अपनी डाइट में अधिक से अधिक पौष्टिक चीजें शामिल करें। लीवर के लिए हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें, मूली, गाजर और लौकी आदि के सेवन को प्राथमिकता देनी चाहिए।
- शराब लीवर को बहुत नुकसान पहुंचाती है, इसलिए शराब का सेवन कम से कम मात्रा में या बिल्कुल ही नहीं करेंगे तो आपका लीवर लम्बे समय तक स्वस्थ बना रहेगा।
- नियमित व्यायाम करने से भी लीवर की कार्यक्षमता में व्यापक सुधार होता है। इसलिए प्रतिदिन आधे घंटे तक व्यायाम, योग या प्राणायाम आवश्यक रूप से करें।
- बहुत अधिक स्ट्रेस भी लीवर के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। स्ट्रेस से दूर रहें और रोजाना कुछ देर ध्यान करें साथ ही परिवार के साथ गुणवत्तायुक्त समय बिताएं।
हमें उम्मीद है कि यहां बताए गए घरेलू उपाय और आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ आपके लीवर को स्वस्थ बनाए रखने में आपकी मदद करेंगे। अगर घरेलू उपायों से आपको कोई राहत नहीं मिलती है तो अपने नजदीकी आयुर्वेदिक चिकित्सक या डॉक्टर से समय रहते ही सम्पर्क स्थापित करें।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
