लगातार छींकें आने से परेशान, घरेलू उपचार      Publish Date : 25/06/2026

लगातार छींकें आने से परेशान, घरेलू उपचार

                                                                                                      डॉ0 सुशील शर्मा एवं मकेश शर्मा

क्या आप भी बार-बार आ रही छींक से परेशान हैं तो आप इन घरेलू उपायों को अपनाकर इस समस्या से राहत प्राप्त कर सकते हैं। किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह के अनुसार आप इन नुस्खों को आजमाकर बार बार छींक आने की इस परेशानी से छुटकारा पा सकते हैं। 

आमतौर पर छींक आना एक सामान्य एवं साधारण शारीरिक प्रक्रिया होती है और लोगों को अक्सर सर्दी-खांसी होने पर या नाक में कुछ चीज चले जाने पर छींकें आने लगती है। लेकिन, कई बार कुछ लोगों को बार-बार और बहुत अधिक छींक आती है। लगातार छींक आने से लोग ना केवल परेशान हो जाते हैं बल्कि, बार-बार आने वाली छींक से उन्हें अपने काम पर फोकस करने में भी परेशानी होती है। तो कई बार बहुत अधिक छींक आने से सिर और आंखों में दर्द भी होने लगता है। दरअसल, इस तरह बार-बार छींक आने की समस्या एक एलर्जिक रिएक्शन के चलते होता हैं जिसे एलर्जिक राइनाइटिस कहते है। इस समस्या के विभिन्न कारण हो सकते हैं जैसे-

                                       

  • मौसम में बदलाव।
  • प्रदूषण, धूल-मिट्टी और धुआं।
  • पालतू जानवर के शरीर से झड़े हुए बाल और उनकी गंध।
  • दीवारों पर लगने वाले पेंट और वार्निंग आदि की गंध।
  • डियोडरेंट, कॉक्रोच मारने की दवा या इसी प्रकार के अन्य स्प्रे।

बार-बार छींक आने से राहत पाने के लिए कुछ कारगर उपाय:

सर्दियों के मौसम में सर्दी-खांसी से परेशान लोगों को बार-बार छींक आती है। विशेष रूप से, छोटे बच्चों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को लगातार छींक आने की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे लोग राहत के लिए कुछ घरेलू नुस्खों को अपनाकर इस समस्या से राहत प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, किसी भी नुस्खे पर अमल करने से पहले उनमें मिलाई जाने वाली चीजों से एलर्जी और उसका आपके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेना भी आवश्यक है। इसलिए आप आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह के अनुसार लेख में दिए गए इन नुस्खों को आजमाकर देख सकते हैं। 

नमक और गर्म पानी का सेवन करना

ऐसे लोग जिन्हें बार-बार छींक आने की समस्या होती रहती है, उन्हें सेंधा नमक का सेवन करना चाहिए, इससे उन्हें आराम मिल सकता है। इसी तरह गर्म पानी पीने से भी अधिक छींक की समस्या से राहत मिल सकती है।

काली मिर्च का प्रयोग

                                   

छींक आने जैसी एलर्जिक समस्याओं में काली मिर्च का पाउडर तुलसी के पत्तों क साथ मिलाकर चबाने से काफी आराम मिलता है। इसी प्रकार तुलसी, अदरक और काली मिर्च को उबालकर इसका काढ़ा बनाकर सेवन करने से भी तुरंत आराम मिलता है।

परिश्रम का महत्व

हमारे शास्त्रों में वर्णित किया गया है ‘‘पहला सुख निरोगी काया” के बारे में जानते, मानते और इसके आवश्यक होते हुए भी हम लोग कितने स्वस्थ और सुखी है? यह तथ्य किसी से भी छिपा हुआ नहीं है। प्रत्येक मनुष्य जीवन पर्यन्त सुखी रहने की इच्छा रखता है, परन्तु यह भी अपने आप में उतना ही सत्य है कि केवल चाहने मात्र से ही अच्छा स्वास्थ्य तो प्राप्त नहीं हो सकता, बल्कि एक अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त करने के निमित हमें कुछ न कुछ उपक्रम भी करने पड़ते हैं। इसके लिए कहा भी गया है कि - ‘उद्यमेन हि सिद्वयन्ति कार्याणि न मनोरथः। न हि सुप्तस्य सिहंस्य प्रविशन्ति मुखे मृगा।’ जिसका अर्थ है कि परिश्रम से ही कार्य सिद्व होते हैं, केवल चाहने मात्र से कदापि नहीं। क्योंकि जिस प्रकार सोये हुए शेर के मुख में कोई मृग स्वयं ही प्रवेश नहीं करता है। अपने शिकार को प्राप्त करने के लिए शेर को भी प्रयास करना ही पड़ता है।

लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।