
रात में पसीना आना कोई शारीरिक समस्या है या कुछ और Publish Date : 19/06/2026
रात में पसीना आना कोई शारीरिक समस्या है या कुछ और
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
क्या आपको रात में सोते समय पसीना आता है? यदि हां, तो इस लक्षण पर समय के रहते ही ध्यान देना आवश्यक है। क्योंकि कई बार रात के समय पसीना आना सामान्य कारणों से नहीं होता है। यह हमारे शरीर के अंदर की कुछ समस्याओं के चलते भी हो सकता है।
रात में सोते समय पसीना आना काफी कॉमन होता है। मुख्य रूप से जब गर्मियों में अचानक से लाइट चली जाती है, तो इस दौरान पसीना आना काफी सामान्य बात है। लेकिन अगर आप एयर कंडीशनर या ठंडे कमरे में सो रहे हैं और फिर भी इतना अधिक पसीना आता है कि कपड़े या चादर तक भीग जाती है, तो आपको इस प्रकार के लक्षणों को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। मेडिकल भाषा में इस परेशानी को नाइट स्वेट्स कहा जाता है।

इस समस्या के सम्बन्ध में हमारे आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ0 सुशील शर्मा का कहना है कि बार-बार होने वाले नाइट स्वेट्स कई बार शरीर में चल रही किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकते हैं। हालांकि, हर मामले में यह गंभीर बीमारी का लक्षण नहीं होता, लेकिन यदि इसके साथ आपको कुछ अन्य लक्षण भी दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह कर इसकी जांच कराना भी जरूरी हो सकता है।
क्या होते हैं नाइट स्वेट्स?
नाइट स्वेट्स केवल रात में पसीना आना भर ही नहीं है। यह एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें सोते समय अत्यधिक पसीना आता है और प्रभावित व्यक्ति के कपड़े या बिस्तर तक भी गीले हो सकते हैं और कई बार इससे नींद भी प्रभावित होती है।
किन कारणों से हो सकते हैं नाइट स्वेट्स?
नाइट स्वेट्स के कई कारण हो सकते हैं, जिन पर समय रहते ध्यान देने की आवश्यकता होती है। ऐसा निम्न कुछ कारणों के चलते हो सकता है-
हॉर्मोनल चेन्जेज
महिलाओं में मेनोपॉज और पेरिमेनोपॉज के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन हार्माेन के स्तर में बदलाव होता है, जिससे उन्हें रात में काफी अधिक पसीना भी आ सकता है। इसके अतिरिक्त प्रेग्नेंसी, प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम और हाइपरथायरॉयडिज्म की समस्या भी इसका कारण बन सकते हैं।
इन्फेक्शन भी हो सकता है इसका कारण
कुछ इन्फेक्शन के चलते भी शरीर का तापमान कंट्रोल करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। मुख्य रूप से ट्यूबरकुलोसिस (टीबी), फ्लू, कोविड-19, एचआईवी, ब्रूसेलोसिस, एंडोकार्डाइटिस और ऑस्टियोमायलाइटिस जैसी बीमारियों में भी नाइट स्वेट्स होने का खतरा बना रहता है।
कैंसर भी है इसका एक कारण
कुछ प्रकार के कैंसर, विशेष रूप से हॉजकिन लिम्फोमा, नॉन-हॉजकिन लिम्फोमा और ल्यूकेमिया में भी नाइट स्वेट्स एक संभावित लक्षण हो सकते हैं। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि सिर्फ रात में पसीना आना कैंसर होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
डायबिटीज और अन्य मेटाबॉलिक समस्याएं

ब्लड शुगर का बहुत कम हो जाना या हाइपोग्लाइसीमिया भी रात में पसीना आने का कारण बन सकता है। यही वजह है कि डायबिटीज के मरीजों को इस लक्षण पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
तनाव और मानसिक स्वास्थ्य
काफी ज्यादा स्ट्रेस, एंग्जायटी डिसऑर्डर, शराब का अधिक सेवन या नशे की लत भी नाइट स्वेट्स की वजह बन सकती है। मानसिक स्वास्थ्य और शरीर की प्रतिक्रिया एक-दूसरे से गहराई से जुड़े होते हैं।
अन्य समस्याएं
स्लीप एपनिया, थायरॉयड रोग, ऑटोइम्यून बीमारियां, स्ट्रोक और हाइपरहाइड्रोसिस जैसी स्थितियां भी रात में अत्यधिक पसीना आने से जुड़ी हो सकती हैं।
कुछ दवाएं भी बन सकती हैं इसका कारण
डॉक्टर का कहना है कि कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के रूप में भी नाइट स्वेट्स हो सकते हैं। इनमें एंटीडिप्रेसेंट्स, हार्माेन थेरेपी, डायबिटीज की दवाएं, स्टेरॉयड्स, कुछ दर्द निवारक दवाएं और ब्लड प्रेशर की कुछ दवाएं शामिल हैं।
कब है डॉक्टर को दिखाने की जरूरत
अगर रात में पसीना आने के साथ आपके शरीर में कुछ अन्य लक्षण दिखे, तो आपको बिना देर किए डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, जैसे-
- बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन का कम होना।
- लगातार बुखार का बने रहना।
- लंबे समय से खांसी होना।
- दस्त या कुछ अन्य संक्रमण के लक्षण होना।
- शरीर के किसी हिस्से में लगातार दर्द होना।
- बार-बार नींद का खुलना।
- अत्यधिक कमजोरी महसूस होना, इत्यादि।
क्या हर नाइट स्वेट्स गंभीर बीमारी का संकेत हैं?
नहीं, कई मामलों में इसका कारण कमरे का तापमान, मोटे कंबल, तनाव या कुछ दवाओं का असर भी हो सकता है। लेकिन यदि यह समस्या बार-बार हो रही है या इसके साथ अन्य लक्षण मौजूद हैं, तो सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
