
टखने के दर्द (Ankle Pain) का आयुर्वेदिक उपचार Publish Date : 13/06/2026
टखने के दर्द (Ankle Pain) का आयुर्वेदिक उपचार
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
टखने के दर्द (Ankle Pain) के आयुर्वेदिक उपचार में वात को संतुलित करने, सूजन कम करने और मांसपेशियों-हड्डियों को मजबूत बनाने पर जोर दिया जाता है। इसके लिए महानारायण तेल की मालिश, हल्दी-अदरक का लेप और गुग्गुल जैसी औषधियां सबसे अधिक कारगर मानी जाती हैं। टखने के दर्द को ठीक करने और दर्द से राहत पाने के लिए प्रमुख आयुर्वेदिक तरीके और दवाइयां निम्नलिखित हैं-

टखने के दर्द के लिए आयुर्वेदिक औषधियां महायोगराज गुग्गुलु (Mahayograj Guggulu): यह जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने के लिए सबसे प्रसिद्ध आयुर्वेदिक दवा मानी जाती है।
- कैशोर गुग्गुलु (Kaishore Guggulu): यदि आपके टखने का दर्द यूरिक एसिड या पुराने गठिया रोग के कारण है, तो यह दवा आपको बहुत अधिक लाभ पहुंचाती है।
- शल्लकी (Shallaki): यह एक प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजनरोधी) जड़ी-बूटी है जो टखने की सूजन को तेजी से कम करती है।
- अश्वगंधा (Ashwagandha): यह हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
- आयुर्वेदिक तेल और मालिश (अभ्यंग) महानारायण तेल (Mahanarayan Taila): टखने के जोड़ (Ankle Joint) पर इस तेल से हल्की मालिश करने से वात शांत होता है और दर्द में तुरंत राहत मिलती है।
- गंध तेल (Gandha Thailam): यह तेल विशेष रूप से मोच, लिगामेंट के खिंचाव और हड्डियों की कमजोरी को ठीक करने के लिए उपयोग किया जाता है।
- घरेलू हर्बल लेप और सिकाई- हल्दी और अदरक का लेपः हल्दी में सूजनरोधी गुण होते हैं। अदरक और हल्दी का पेस्ट बनाकर टखने पर लगाने से दर्द कम होता है।
- ठंडी सिकाई (Cold Compress): अगर टखने में नई चोट या मोच (Sprain) आदि है, तो इसके लिए आप बर्फ से टखने की सिकाई करें। यह सूजन और सुन्नपन को कम करती है।
- जीवनशैली और अन्य उपाय- कैल्शियम का सेवनः भोजन में कैल्शियम और विटामिन-डी की मात्रा को बढ़ाएं, क्योंकि इनकी कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।
- पर्याप्त आरामः टखने के जोड़ को पूरा आराम दें और चलते समय सपोर्टिव जूते पहनें।

विशेष सलाहः यदि आपके टखने में अधिक गंभीर दर्द है, लिगामेंट में अधिक चोट (Grade II or III) की है, या फिर टखने की सूजन कम नहीं हो रही है, तो किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक (Vaidya) या डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
