
शुगर के मरीजों को करनी चाहिए पैरों की एक्सरसाइज ब्लड शुगर रहता है कंट्रोल Publish Date : 04/06/2026
शुगर के मरीजों को करनी चाहिए पैरों की एक्सरसाइज ब्लड शुगर रहता है कंट्रोल
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
एक्सरसाइज करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है। इसलिए डायबिटीज रोगियों को भी एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है। इससे डायबिटिक फुट का खतरा कम होता है और शुगर भी कंट्रोल में रहता है।
शुगर के मरीजों को क्यों करनी चाहिए पैरों की एक्सरसाइज? और कौन सा मूवमेंट है इनके लिए लाभकारी-
क्या आपको डायबिटीज है? और आपका ब्लड शुगर लेवल हमेशा ही बढ़ा हुआ रहता है? अगर हां, तो हम आपको बता दें कि डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। लेकिन, यह बीमारी सिर्फ यही तक सीमित नहीं है। डायबिटीज शरीर के कई अंगों को भी प्रभावित करती है। पैरों पर इस बीमारी का असर सबसे पहले अधिक देखने को मिलता है। लेकिन, अगर आप नियमित रूप से पैरों की एक्सरसाइज करेंगे, तो इससे पैरों की सेहत सही रहेगी और ब्लड शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहेगा। दरअसल, जब एक्सरसाइज करने से पैरों की मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं और शरीर ग्लूकोज का सही तरीके से उपयोग कर पाता है। इससे इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार होता है और ब्लड शुगर नियंत्रण में रहता है। इसलिए डायबिटीज रोगियों को पैरों की एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। हमारे आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ0 सुशील शर्मा बता रहे हैं कि डायबिटीज रोगियों के लिए क्यों फायदेमंद है पैरों की एक्सरसाइज करना-
कौन-सी एक्सरसाइज फायदेमंद हो सकती हैं?

शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए आप पैरों की कुछ एक्सरसाइज की प्रैक्टिस कर सकते हैं।
- पैरों की उंगलियां ऊपर उठाना और नीचे को करना।
- पैरों के टखनों को घुमाना।
- एड़ी से धीरे-धीरे चलना।
- बैठकर पैरों की स्ट्रेचिंग करना।
- प्रतिदिन कम से कम 20-30 तक मिनट टहलना।
पैरों की एक्सरसाइज करने से शुगर कैसे कम होता है?
अगर आप कुछ दिनों तक रोजाना पैरों की एक्सरसाइज करेंगे, तो इससे शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने में मदद मिल सकती है।
1. ब्लड सर्कुलेशन में होता है सुधार
डायबिटीज रोगियों में पैरों तक ब्लड फ्लो कम हो जाता है। इससे सुन्नपन, झनझनाहट और घाव भरने में देरी जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है। रोजाना पैरों की एक्सरसाइज करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, इसलिए अगर आपको डायबिटीज है तो रोजाना पैरों की एक्सरसाइज जरूर करें। दरअसल, डायबिटिक फूट में ब्लड फ्लो कम हो जाता है और पैरों तक पर्याप्त खून नहीं पहुंच पाता है। इसकी वजह से घाव को ठीक होने में ज्यादा समय लगता है। इसलिए ब्लड फ्लो में सुधार करने के लिए एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी है।
2. शुगर का उपयोग होता है
जब पैरों की एक्सरसाइज की जाती है, तो पैरों की मांसपेशियां काम करती हैं और शरीर ऊर्जा के लिए ग्लूकोज का इस्तेमाल करता है। इससे ब्लड में मौजूद अतिरिक्त शुगर का स्तर कम होने लगता है। इससे शुगर लेवल को कंट्रोल में बनाए रखने में मदद मिलती है।
3. डायबिटिक न्यूरोपैथी का खतरा कम
डायबिटीज रोगियों में, डायबिटिक न्यूरोपैथी से जुड़ी समस्या बेहद आम है। यानी डायबिटीज रोगियों में नसों से जुड़ी समस्याएं देखने को मिल सकती है। इसलिए पैरों की एक्सरसाइज करने से नसों और मांसपेशियों को एक्टिव रख जाता है, ताकि इसके जोखिम को कम किया जा सके। डायबिटीज फुट की वजह से पैरों में पस या संक्रमण भी दिख सकता है।
रिसर्च क्या कहती है?

एक प्रतिष्ठित जनरल में छपी एक रिपोर्ट में भी डायबिटीज रोगियों के लिए फिजिकल एक्टिविटी को बेहतर माना गया है। अगर नियमित रूप से पैरों की एक्सरसाइज की जाए तो डायबिटिक फुट का खतरा भी काफी कम होता है। एक्सरसाइज करने से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है, इससे पैरों में ब्लड फ्लो बेहतर बना रहता है और डायबिटिक फुट का खतरा कम रहता है। अगर नियमित रूप से एक्सरसाइज की जाए तो इससे ब्लड शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है।
विशेष सलाहः अगर आपको डायबिटीज है, तो नियमित रूप से एक्सरसाइज जरूर करें। इससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहेगा और डायबिटिक फुट का खतरा भी काफी कम होगा। अगर आपको बार-बार शुगर लेवल बढ़ जाता है, तो डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें और नियमित रूप से दवा का सेवन करना चाहिए।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
