
हार्ट ब्लॉकेज के लिए प्रभावी आयुर्वदिक उपचार Publish Date : 03/06/2026
हार्ट ब्लॉकेज के लिए प्रभावी आयुर्वदिक उपचार
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
आजकल लोग अपने दिन की शुरूआत में सबसे पहले सुबह उठते ही अपना मोबाइल चेक करते हैं कि कोई मैसेज तो नहीं आया। दिनभर कुर्सी या बिस्तर से चिपके रहते हैं और रात को बर्गर-पिज्जा ऑनलाइन मंगवा के खा कर सो जाते हैं। “वर्क फ्रॉम होम” के नाम पर घर में बैठे-बैठे पेट बाहर निकाल लेते है और “स्वाद” के चक्कर में दिल की धड़कनें बिगाड़ लेते है। शुगर वाली चाय, डीप फ्राई समोसे, कोल्ड ड्रिंक से लेकर रात की पार्टी में तला-भुना खाना, ये सब थोड़ी देर के लिए हमारे स्वाद को खुशी ज़रूर देते हैं, लेकिन दिल पर भारी बोझ छोड़ जाते हैं। नतीजा? थकावट, सीने में जलन, भारीपन, और धीरे-धीरे हार्ट ब्लॉकेज जैसी गंभीर समस्याएँ घर करने लगती हैं। लेकिन हम फिर भी इसको सीरियसली नहीं लेते।

समस्या यह नहीं कि लोग क्या खाते हैं बल्कि असली दिक्कत है की लोग कैसे, कब और कितना खाते हैं। इसके बाद जब टेस्ट रिपोर्ट में कोलेस्ट्रॉल हाई दिखता है, तब उन्हें होश आता है कि “अब कुछ करना पड़ेगा।” लेकिन अब इस समस्या से डरिए मत! अगर समय रहते जाग गए, तो बिना सर्जरी के भी दिल को फिर से हेल्दी बनाया जा सकता है, वह भी आयुर्वेद के द्वार। आयुर्वेद में हार्ट ब्लॉकेज का उपचार न सिर्फ सुरक्षित है बल्कि यह आपके पूरे शरीर को प्राकृतिक रूप से ठीक करने का एक वैज्ञानिक तरीका भी है। इसमें दिल की नाड़ियों को जड़ी-बूटियों और संतुलित आहार से साफ किया जाता है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए, हमारे आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ0 सुशील शर्मा के मार्गदर्शन में, हजारों लोगों को बिना सर्जरी के हृदय रोग से राहत प्राप्त कर चुके है वह भी जड़ी-बूटियों, पंचकर्म, सही खानपान और जीवनशैली में बदलाव के माध्यम से।
अब समय आ गया है कि हम स्वाद और स्वास्थ्य में एक बैलेंस स्थापित करें। आइए जानते हैं वह आयुर्वेदिक नुस्खे और जड़ी-बूटियाँ जो हमारे दिल को दुबारा जवान बना सकती हैं, सर्जरी के बिना, दर्द के बिना और ज्यादा खर्च के।
हार्ट ब्लॉकेज क्या है?

जब ब्लॉकेज अधिक हो जाती है, तो दिल तक खून और ऑक्सीजन सही तरीके से नहीं पहुंच पाती। इसका नतीजा होता है, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, जल्द ही थक जाना या दिल की धड़कन का बिगड़ जाना। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो ये हालत हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट जैसी गंभीर बीमारी का कारण भी बन सकती है।
हार्ट अटैक में इमरजेंसी प्रोटोकॉल
- जब कभी हार्ट अटैक के लक्षण नज़र आये तो 2 इंच के अदरक के टुकड़े को चबाएं और इसे तब तक चबाएं जब तक कि आपकी आंखों में आंसू न आने लगें।
- दिल पर दबाव कम करने के लिए हार्ट-सेफ पोजिशन में बैठने का अभ्यास करें।
- यह प्रक्रिया नाइट्रिक ऑक्साइड को सक्रिय करती है जो की नसों को खोल देता है।
हार्ट अटैक से बचावः
हेल्थ चेकअप - नियमित हेल्थ चेकअप के माध्यम से दिल की बीमारी का पता समय रहते ही चल जाता है।
प्रतिदिन व्यायाम करें - नियमित व्यायाम हमारे दिल को सक्रिय और मज़बूत बनाए रखता है।
पौधों पर आधारित भोजन को प्राथमिकता दें - फल-सब्ज़ियों से भरपूर डाइट से धमनियों में ब्लॉकेज नहीं बनती हैं।
प्राकृतिक औषधियाँ - अर्जुन की छाल, गुग्गुल जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ दिल को मज़बूती प्रदान करती हैं।
तनाव कम करने के उपाय - योग और प्राणायाम से मन और दिल दोनों शांत रहते हैं।
आयुर्वेद क्या कहता है?
आयुर्वेद में हार्ट ब्लॉकेज का इलाज शरीर के अंदर जमा गंदगी और दोषों के असंतुलन को दूर करके किया जाता है। आयुर्वेद मानता है कि हमारे शरीर में तीन दोष होते हैं - वात, पित्त और कफ। जब ये तीनों संतुलन में रहते हैं, तो शरीर हमारा स्वस्थ बना रहता है। लेकिन जब यह संतुलन बिगड़ता है, तो खून का बहाव रुक जाता है। यही वजह बनती है हार्ट ब्लॉकेज की।
हृदय रोग का आयुर्वेदिक समाधानः प्रमुख आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ

1. अर्जुन की छाल - दिल की ताकत बढ़ाने वाली जड़ी-बूटी, अर्जुन की छाल दिल को मज़बूत बनाकर धमनियों की गहराई से सफाई करती है।
2. गुग्गुल - कोलेस्ट्रॉल कम करने वाला आयुर्वेदिक रक्षक, गुग्गुल धमनियों में जमा फैट और सूजन को दूर करने में मदद करता है।
3. त्रिफला - यह शरीर की सफाई और पाचन के लिए उपयोगी योग है। त्रिफला शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालकर कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करता है।
4. लहसुन - दिल के रास्ते खोलने वाला घरेलू उपाय लहसुन, खून को साफ करता है और थक्के बनने से रोकता है।
5. अश्वगंधा - तनाव घटाने और दिल को आराम देने वाला अश्वगंधा तनाव कम करके दिल की मांसपेशियों को मज़बूती प्रदान करता है।
हृदय बस्ती
“हृदय” का मतलब होता है दिल और “बस्ती” का अर्थ है धारण करना या रोककर रखना। इस प्रक्रिया में गर्म औषधीय तेल को सीने पर एक विशेष बर्तन में भर कर कुछ समय तक रखा जाता है, जिससे वह त्वचा में गहराई तक जाकर दिल की मांसपेशियों को पोषण प्रदान करता है।
दिल की मांसपेशियों को मजबूत करता है - गर्म औषधीय तेल से दिल को अंदर से ताकत मिलती है।
तनाव और चिंता को कम करता है - जिससे हृदय रोग का खतरा कम होता है।
वात और पित्त दोष को संतुलित करता है - जो दिल की बीमारियों के कारण होते हैं।
हृदय क्षेत्र को डिटॉक्स करता है - यानी दिल के पास जमा हुए टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है।
ब्लड सर्कुलेशन सुधार करता है - जिससे हार्ट ब्लॉकेज धीरे-धीरे खुलने लगता है।
हृदय रोग का आयुर्वेदिक समाधान पाने के लिए हृदय बस्ती एक असरदार उपाय है।
योग और प्राणायाम
हार्ट हेल्थ के लिए कुछ योगासन और प्राणायाम अत्यंत लाभकारी हैं:
- अनुलोम-विलोम
- भस्त्रिका
- कपालभाति
- ताड़ासन
- वृक्षासन
- शशकासन
ये आसन नाड़ियों को खोलने और रक्त संचार सुधारने में मदद करते हैं । योग और प्राणायाम सबसे असरदार हार्ट ब्लॉकेज की आयुर्वेदिक दवा है।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
