
सेहत से भरपूर अमरूद एवं आँवला Publish Date : 24/05/2026
सेहत से भरपूर अमरूद एवं आँवला
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
सर्दियों के मौसम में आपको अपनी डाइट में विटामिन-सी की मात्रा बढ़ाना जरूरी हो जाता है। विटामिन-सी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और ठंड के कई तरह के संक्रमण से भी दूर रखता है। इसके लिए बहुत खर्च करने की भी जरूरत नहीं है। अमरूद व आंवला ऐसे फल हैं, जिनमें विटामिन-सी ही नहीं और भी पोषक तत्व भी भरपूर भरपूर मात्रा में प्राप्त होते हैं।
अमरूद

इस मौसम में सबसे आसानी से उपलब्ध होने वाला कल है अमरूद। यही वजह है कि इसकी उपेक्षा भी सबसे अधिक होती है और इसके फायदों की अनदेखी की जाती है। गुड़गांव स्थित कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल की प्रमुख डाइटीशियन हनी टंडन खन्ना कहती है, इसमें कैलोरी काफी कम मात्रा में होती है। एक 50 ग्राम के अमरूद में 40 कैलोरी होती है। फाइबर की अधिकता आंतो की सफाई के लिए जरूरी होती है। अमरूद में एस्ट्रिजेंट का होना पेट व आंतों में संक्रमण करने वाले बैक्टीरिया की उत्पति को रोकता है। यह एसिडिटी की समस्या को कम करता है।
- अमरूद मधुमेह पीड़ितों के लिए भी फायदेमंद है। यह फल रक्त शर्करा को धीरे-धीरे ग्रहण करता है।
- अमरूद में विटामिन सी प्रचुरता में होता है। एक औसत अमरूद में संतरे से चार गुणा अधिक विटामिन सी होता है। विटामिन सी इम्युनिटी यानी रोगों से लड़ने की क्षमता को मजबूत बनाता है। कोलेजन का संतुलन बना रहता है, जिससे त्वचा ढीली नहीं पड़ती। अमरूद के छिलके व उसकी निचली परत में सबसे अधिक गुदा होता है, इसलिए इसे खाना न भूलें।
- अमरूद में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट इलाजिक एसिड होता है, जो कैंसररोधी गुणों से भरपूर है। इसमे श्री कॉम्लेक्स विटामिन और मैग्नीशियम और तांबा आदि मिनरल होते हैं। इसमें पोटैशियम भी प्रचुरता में होता है। इसे कच्चा व पकाकर दोनों तरह से खाया जा सकता है।
आंवला

विटामिन सी की प्रचुरता के अलावा आंवले का सेवन शरीर की आयरन व कैल्शियम को ग्रहण करने की क्षमता भी बढ़ाता है। ऐसे में आंवले को किशमिश, अखरोट, तिल और डेयरी उत्पाद के साथ खाना फायदा पहुंचाता है।
- आयुर्वेद में आंवले को कई गुणों के कारण जाना जाता है। पाचन को दुरुस्त करने के साथ ही यह खांसी में भी राहत देता है। आंवला एल्केलाइन यानी क्षारीय प्रकृति का फल है, ये पेट के रसायनों के स्तर को संतुलित रखता है। आंतों की भी स्वस्थ रखता है।
- मुंबई स्थित पीडी हिंदूजा हॉस्पिटल में सीनियर डाइटीशियन सीतालक्ष्मी आर. कहती है, “आवले का सेवन अपच में राहत देता है, लिवर को दुरुस्त रखता है और फेफड़ों व शरीर की सफाई करता है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।“
- आंवले का सेवन शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या को बढ़ाता है। सफेद रक्त कोशिकाएं ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जिम्मेदार होती है।
- आयरन और केरोटीन की अधिकता के कारण आंवला बालों व त्त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, त्वचा को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वी को काबू में रखते हैं। इस फल का सेवन आंखों के लिए भी अच्छा होता है। कैरोटीन की मौजूदगी दृष्टि से जुड़ी नसों को मजबूती देती है और उम्र के साथ नजर में आने वाली कमी को रोकती है।
- आंवले में क्रोमियम नामक खनिज होता है, जिसकी जरूरत शरीर को कम मात्रा में होती है, पर यह खनिज शारीरिक प्रक्रियाओं को दुरुस्त रखता है। इसमें बीटा ब्लॉकर होते हैं, जो शरीर में हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं। मधुमेह रोगियों के लिए भी आंवला फायदेमंद है। आप इसे कद्दूकस कर सलाद के साथ भी खा सकते हैं। हर रोज एक आंवला जरूर खाएं।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
