हाई पल्स प्रेशर के संकेत क्या कहते हैं?      Publish Date : 17/05/2026

          हाई पल्स प्रेशर के संकेत क्या कहते हैं?

                                                                                                                     डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा

हाई Pulse Pressure को अनदेखा करना भारी पड़ सकता है, क्योंकि यह दिल की किसी बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।

आपको बता दें कि पल्स रेट प्रति मिनट आपकी हार्ट बीट की संख्या ही दर्शाती है और पल्स प्रेशर सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर के बीच का अंतर है। हमारे आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर सुशील शर्मा से जानते हैं कि यह स्थिति हार्ट डिजीज के खतरे को किस प्रकार से बढा देती है।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हाई ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी बीमारियां काफी तेजी से बढ़ रही हैं। इसी पेरशानी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संकेत होता है पल्स प्रेशर, जिसके बारे में बहुत कम लोग सही तरीके से जानते हैं। सही जानकारी पाने और आप तक पहुंचाने के लिए हमने अपने आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ0 सुशील शर्मा से इसके बारे में बात की। डॉ0 शर्मा के अनुसार, पल्स प्रेशर शरीर की हृदय संबंधी स्थिति को समझने में अहम भूमिका निभाता है। अगर इसे समय रहते पहचान लिया जाए, तो गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।

                                        

लेकिन हममें से बहुत ही कम लोग जानते हैं होंगे कि पल्स प्रेशर क्या होता है। इसलिए आपको बता दें कि पल्स प्रेशर का मतलब सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर के बीच का अंतर होता है। उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg है, तो उसका पल्स प्रेशर 40 माना जाएगा। आमतौर पर 40 के आसपास का पल्स प्रेशर सही माना जाता है, लेकिन अगर यह लगातार 60 या उससे अधिक हो जाए, तो यह हृदय रोगों का शुरुआती संकेत हो सकता है। आइए इस विषय पर थोड़ा विस्तार से जानते हैं।

पल्स प्रेशर को लेकर क्या कहते हैं डॉक्टर?

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डॉक्टर का कहना है कि हाई पल्स प्रेशर धमनियों के सख्त होने, हार्ट पर अतिरिक्त दबाव पड़ने और ब्लड सर्कुलेशन में गड़बड़ी का संकेत देता है। बढ़ती उम्र, धूम्रपान, मोटापा, तनाव, डायबिटीज और खराब खानपान इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। कई बार मरीज को कोई स्पष्ट लक्षण महसूस नहीं होते, इसलिए नियमित स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है।

लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।