लौंग के तेल से प्राप्त होने वाले लाभ      Publish Date : 16/05/2026

           लौंग के तेल से प्राप्त होने वाले लाभ

                                                                                                                        डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा

लौंग का तेल दांत दर्द, मसूड़ों की सूजन, मुंहासे, पाचन में सुधार करने और सांस की बीमारियों में कारगर रहता है। आयुर्वेद में लौंग को कफ-वात शामक माना गया है। यह शरीर में बढ़े हुए कफ (बलगम, सर्दी) और वात (दर्द, गैस) को संतुलित करता है। इस तेल में मौजूद यूजेनॉल तत्व प्राकृतिक दर्द निवारक है। रुई के फाहे में थोड़ा सा लौंग का तेल लगाकर दर्द वाले दांत पर रखने से तुरन्त ही राहत मिल जाती है। गुनगुने पानी में इसकी एक बूंद डालकर कुल्ला करने से हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट होते हैं और सांसों की दुर्गंध दूर होती है।

इसके जीवाणुरोधी गुण मुंहासों के बैक्टीरिया को खत्म करते हैं और सूजन को कम करते हैं। इसे जैतून या तिल के तेल में मिलाकर स्कैल्प पर मालिश करने से रक्त संचार बढ़ता है, जिससे बालों का झड़ना रुकता है और नए बाल उगते हैं। अपने एंटी-सेप्टिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक गुणों के कारण यह स्वास्थ्य और त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है।

लौंग का तेल जठराग्नि को तेज कर पाचन में सहायता करता है। लौंग के तेल की तासीर गर्म होने के कारण यह सर्दी, खांसी और अस्थमा जैसी समस्याओं में कफ को बाहर निकालता है। इसमें मौजूद पलेवोनोइड्स नसों की सूजन कम करते हैं। सिरदर्द में इसे नारियल तेल में मिलाकर लगाने से राहत मिलती है।

लौंग के तेल का उपयोग करने के प्रमुख लाभ

                                       

लौंग के तेल (Clove Oil) में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और एनाल्जेसिक (दर्द निवारक) गुण होते हैं। यह मुख्य रूप से दांत दर्द और मसूड़ों की सूजन को कम करने, घावों को साफ करने, पाचन में सुधार और त्वचा व बालों को स्वस्थ रखने के लिए बहुत फायदेमंद है।

लौंग के तेल के मुख्य और प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:-

                                           

दांत दर्द में राहतः लौंग के तेल में यूजेनॉल (Eugenol) होता है, जो एक बेहतरीन प्राकृतिक दर्द निवारक है। दांत दर्द या मसूड़ों की समस्या होने पर रुई में एक बूंद तेल लगाकर दर्द वाली जगह पर लगाने से तुरंत आराम मिलता है।

त्वचा और मुंहासेः इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण मुहांसों को ठीक करने और त्वचा के संक्रमण को रोकने में मदद करते हैं। हमेशा इसे किसी कैरियर ऑयल (जैसे नारियल तेल) में मिलाकर ही त्वचा पर लगाएं।

पाचन तंत्र के लिएः पेट फूलना (गैस), अपच और पेट दर्द में लौंग के तेल की कुछ बूंदों को पेट पर मालिश करने या हल्के गुनगुने पानी के साथ लेने से आराम मिलता है।

बालों की समस्याः एंटी-फंगल गुणों के कारण यह स्कैल्प (सिर की त्वचा) के इन्फेक्शन और रूसी (Dandruff) को कम करने में काफी प्रभावी है।

मांसपेशियों और जोड़ों का दर्दः लौंग के तेल की तासीर गर्म होती है। इसे जोड़ों के दर्द, गठिया और मांसपेशियों की ऐंठन में मालिश करने से खून का दौरा बेहतर होता है और दर्द से राहत मिलती है।

इम्युनिटी और सर्दी-जुकामः इसकी खुशबू श्वसन तंत्र को साफ करने में मदद करती है। भाप लेते समय पानी में 1-2 बूंद लौंग का तेल डालने से बंद नाक और खांसी में फायदा होता है।

सावधानीः लौंग का तेल बहुत गाढ़ा और तेज होता है। संवेदनशील त्वचा पर इसे सीधे (Undiluted) लगाने से बचें और हमेशा नारियल या बादाम के तेल में मिलाकर (डाइल्यूट करके) ही इस्तेमाल करें।

लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।