ढलती उम्र में भी रहें चुस्त-दुरुस्त      Publish Date : 15/05/2026

              ढलती उम्र में भी रहें चुस्त-दुरुस्त

                                                                                                                  डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा

वैसे तो व्यायाम हर उम्र के लोगों के लिए लाभप्रद है। यदि शुरू से ही इस अच्छी आदत को अपनी दिनचर्या का अंग बना लें, तो आप अधेड़ावस्था में होने वाली अनेक शारीरिक शिकायतों से बच सकते हैं। प्रायः अधेड़ावस्था में स्वयं को स्वस्थ चुस्त-दुरुस्त रखना एक समस्या बन जाता है।

चिकित्सकीय शोध-अध्ययन

अनेक चिकित्सकीय शोध अध्ययनों से इस तथ्य की पुष्टि हुई है कि यदि आप प्रतिदिन नियमित तौर पर व्यायाम कर अपने शरीर को फिट रखते हैं, तो आपके लंबे समय तक स्वस्थ व सक्रिय जीवन जीने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। आप तन-मन से स्वस्थ-सक्रिय बने रहते हैं और ढलती उम्र के बाद भी आपको अपने दैनिक कार्यों को अंजाम देने में किसी के सहारे की जरूरत नहीं पड़ती।

उम्र और शरीर के अनुरूप व्यायाम

अधेड़ावस्था में उम्र और शारीरिक संरचना के मद्देनजर रख ही हल्के-फुल्के व्यायाम करने चाहिए। फिर भी व्यायाम करने से पूर्व अपने चिकित्सक से परामर्श लेना बेहतर रहेगा। व्यायाम करने को किस उम्र तक सीमित नहीं किया जा सकता। यह दीगर बात है कि व्यायाम की विधियां हर व्यक्ति के साथ बदलती रहती हैं। किसी शख्स की शारीरिक स्थिति और बीमारी (मेडिकल प्रॉब्लम्स) के मद्देनजर व्यायाम का स्वरूप बदल सकता है। 70 साल की उम्र के कुछ ऐसे भी शख्स हैं, जो पर्वतारोहण करते हैं, पर इसी उम्र के अन्य व्यक्ति यदि पहाड़ों पर नहीं चढ़ सकते, तो वे कम से कम हल्के-फुल्के व्यायाम तो कर ही सकते हैं। व्यायाम से संबंधित कुछ आवश्यक बातें इस प्रकार हैं:-

  • व्यायाम करने से आपके शरीर की मांसपेशियों के साथ हृदय की भी मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इस कारण दल की धड़कन सही रहते है और शरीर में रक्त संचार भी सुचारु रूप से होता है। यही नहीं, शरीर को आक्सीजन की आपूर्ति भी ज्यादा होती है। इस कारण तन-मन से आप स्वयं को तरोताजा महसूस करते हैं।
  • कसरत करने से आपके शरीरके जोड़ (ज्वाइंट मजबूत होते हैं। जोड़ों में कड़ापन नहीं आ पाता। ढलती उम्र में जोड़ों में कड़ापन आने लगता है। इस कारण कभी-कभी इस उम्र के लोगों को चलने-फिरने में दिक्कत महसूस होती है, पर व्यायाम करने से यह शिकायत पैदा ही नहीं होती।
  • ढलती उम्र में अनिद्रा और उदर विकार एक आम शिकायत है, पर व्यायाम करने से हाजमा दुरुस्त बना रहता है। यही नहीं इस उम्र में कमर का झुकना आदि शिकायतें भी नहीं होतीं।
  • अधेड़ावस्था में टहलना एक उम्दा व्यायाम है। प्रतिदिन सुबह 20-30 मिनट तक सामान्य कदमों से टहलें। पानी खूब पिएं। यदि आप अपनी उम्र के कुछ लोगों के साथ टहलें, तो यह क्रिया और भी सुखद हो जाती है।
  • योगासन करने से भी आप स्वस्थ व चुस्त-दुरुस्त बने रह सकते हैं। इस संदर्भ में किसी योगासन विशेषज्ञ से जानकारी लेना बेहतर रहेगा।

सजगता

                                           

  • यदि व्यायाम करने के 5 मिनट बाद भी आपकी नब्ज सामान्य नहीं होती. और आप कुछ परेशानी महसूस करते हैं, तो चिकित्सक से संपर्क करें।
  • व्यायाम करने के बाद कुछ समय तक विश्राम करना जरूरी है।
  • अपने शरीर की क्षमता से अधिक कसरत करना नुकसानदेह है। इसलिए कसरत करते समय जब आपको शरीर में किसी तरह की कलीफ महसूस हो, तो तत्काल व्यायाम करना बंद कर दें।
  • सख्त कसरतें करने के बजाए हल्के-फुल्के व्यामाम करें, जिससे आपके शरीर पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।

लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।