लिवर की समस्याओं में हमारे खान-पान की भूमिका      Publish Date : 04/05/2026

लिवर की समस्याओं में हमारे खान-पान की भूमिका

                                                                                                         डा0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा

  • क्या फैटी लिवर सिर्फ बाहर का खाना बंद करने से ही सही हो सकता है? डॉक्टरों के अनुसार जानिए कैसे ठीक होगी लिवर की समस्या।

आजकल बड़े-बजुर्गों के साथ ही 26-27 साल के युवाओं को भी फैटी लिवर की समस्या बहुत देखने में आ रही है, जिसे ठीक करने के लिए हम हेल्दी डाइट का सहारा भी ले रहे हैं। लेकिन क्या वास्तव में इतना करना ही काफी है?

वर्तमान समय में फैटी लिवर एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है। पहले इसे केवल शराब पीने वालों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज तेजी से बढ़ रही है। विशेष रूप से शहरी जीवन शैली, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसकी बड़ा कारण माना जा रहा है।

                                                         

ऐसे में इस समस्या के बारे में हमारे आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ0 सुशील शर्मा कहते हैं कि ‘अक्सर लोग सोचते हैं कि बाहर का खाना बंद कर देने से फैटी लिवर ठीक हो जाएगा, लेकिन हमारे अनुसार यह बात पूरी तरह से सही नहीं है। केवल डाइट कंट्रोल से नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल में विभिन्न प्रकार के जरूरी बदलाव करने से ही इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।’

क्या कहते हैं डॉक्टर?

डॉक्टरों के अनुसार ‘फैटी लिवर एक रिवर्सिबल कंडीशन है, यानी सही समय पर ध्यान दिया जाए तो इस समस्या को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए सिर्फ बाहर का खाना छोड़ना ही काफी नहीं होता है। बल्कि इसके लिए मरीज को अपनी पूरी जीवन शैली बदलनी होती है, जिसमें डाइट, एक्सरसाइज, नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट आदि अन्य चीजें शामिल हैं।’

वजन कम करना है सबसे आवश्यक

फैटी लिवर का सबसे बड़ा कारण मोटापा है। अगर शरीर में अतिरिक्त फैट जमा हो रहा है, तो उसका असर लिवर पर भी पड़ता है। डॉ. कहते हैं, ‘अगर कोई व्यक्ति अपने वजन का 5-10 प्रतिशत तक भी कम कर लेता है, तो लिवर में जमा फैट काफी हद तक कम हो सकता है।’

संतुलित डाइट अपनाएं

सिर्फ जंक फूड छोड़ना ही नहीं, बल्कि हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट लेना भी जरूरी है।

  • नियमित रूप से हरी सब्जियों का सेवन करना।
  • अधिक मात्रा में फलों का सेवन करना।
  • आहर प्रणाली में साबुत अनाज को शामिल करना।
  • प्रोटीन से भरपूर आहार का सेवन करना।
  • इसके साथ ही शुगर, तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

रोजाना एक्सरसाइज करें-

डॉक्टर सलाह देते हैं, फिजिकल एक्टिविटी फैटी लिवर को कंट्रोल करने में बेहद मददगार है। अतः कम से कम 30 मिनट की ब्रिस्क वॉक या हल्की एक्सरसाइज रोजाना करने से लिवर हेल्थ में सुधार आता है।

शराब और मीठे पेय से दूरी

भले ही आपको नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर हो, लेकिन शराब और शुगर ड्रिंक्स स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं। कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस और ज्यादा मीठे पेय पदार्थ लिवर में फैट बढ़ाने का काम करते हैं।

नींद और स्ट्रेस का भी रखें ध्यान

डॉ0 शर्मा बताते हैं, कम नींद और ज्यादा तनाव भी फैटी लिवर को बढ़ा सकते हैं। 7-8 घंटे की अच्छी नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट से शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है, जिससे लिवर पर दबाव कम पड़ता है।

कब बन सकती है गंभीर समस्या?

अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो फैटी लिवर आगे चलकर लिवर इंफ्लेमेशन, फाइब्रोसिस या सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का रूप भी धारण कर सकता है। इसलिए यदि आपको थकान, पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन या अचानक वजन बढ़ने जैसे लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

विशेषः

                                           

फैटी लिवर अपेन आप में कोई छोटी समस्या नहीं है, लेकिन अच्छी बात यह है कि इसे सही समय पर लाइफस्टाइल में बदलाव करके ठीक किया जा सकता है। इसके लिए केवल बाहर का खाना बंद करना ही काफी नहीं, बल्कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी आदि सब सभी तत्व मिलकर लिवर को स्वस्थ बनाने में मदद करते हैं। अगर आप आज से ही इन आदतों को अपनाते हैं, तो न सिर्फ फैटी लिवर बल्कि कई अन्य बीमारियों से भी अपने आपको बचा सकते हैं।

लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।