
सेहत से भरपूर है मीठी तुलसी Publish Date : 01/05/2026
सेहत से भरपूर है मीठी तुलसी
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
मीठी तुलसी यानी स्टीविया को सेहत के लिए कई तरह से लाभकारी माना जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से आपका बचाव भी कर सकती है और कई समस्याओं के उपचार में भी काम आ सकती है।
तमाम विशेषज्ञ बताते हैं कि जब बहुत ज्यादा चीनी खाने की आदत पड़ जाती है, तो यह आमतौर पर स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित होती है। ऐसे में अगर हमारे पास चीनी का विकल्प है और हमें उसकी मिठास पसंद हो, तो हम उस मिठास का पूरा आनंद ले सकेंगे और स्वस्थ भी रह सकेंगे। ऐसे ही विकल्पों में प्रमुखता से शामिल है शून्य कैलोरी और प्राकृतिक स्वीटनर का गुण समेटे मीठी तुलसी और इसे स्टीविया भी कहा जाता है।
क्या है मीठी तुलसी

मीठी तुलसी भोजन में अतिरिक्त चीनी की मात्रा को कम करने की कई रणनीतियों में से एक है ऐसी मिठास का उपयोग, जिसमें कैलोरी नहीं हो। ऐसे ही विकल्पों में भी अपनी आहार प्रणाली में प्रमुखता से शामिल है मीठी तुलसी। इसे आप चाय में या सलाद के रूप में भी शामिल कर सकते हैं। ये चीनी से भी अधिक मीठी होने के बावजूद नुकसानदेह नहीं होती है। मीठी तुलसी की मात्र तीन पत्तियां एक सोडा के कैन की 25 प्रतिशत चीनी की जगह ले सकती हैं। यह न सिर्फ डाबिटीज के रोगियों के लिए, बल्कि सभी उम्र के स्वस्थ लोगों, बच्चों व गर्भवती महिलाओं के लिए भी सुरक्षित है।
शुगर का स्तर नहीं होता प्रभावित
बेंगलुरू की न्यूट्रीशनिस्ट और फिटनेस कंसल्टेंट इरम जैदी कहती हैं, मीठी तुलसी स्वाद में बिल्कुल चीनी की तरह से ही होती है। इससे हमें स्वाद के मामले में कोई समझौता नहीं करना पड़ता है। इससे खून में शुगर या इंसुलिन का स्तर भी प्रभावित नहीं होता है।
हर जगह है उपलब्ध
प्योरसर्किल में दक्षिण एशिया क्षेत्र के प्रमुख नवनीत सिंह कहते हैं कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों का एक नया वर्ग उभर रहा है, जो कम या जीरो कैलोरी वाले उत्पादों पर स्पष्ट लेबल की मांग कर रहा है। पहले जो ऑनलाइन उपलब्ध था, वह अब पड़ोस के सुपर मार्केट में भी उपलब्ध है।
डैंड्रफ से भी राहत दिलाए
इसके लिए मीठी तुलसी के सत्त को शैंपू में मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है। इसके सत्त को रात में मुहांसों पर लगाकर सुबह साफ कर लेने से मुहांसों से भी राहत मिलती है।
मुंह की सेहत को रखे दुरुस्त
मुंह में तरह-तरह के बैक्टीरिया बनते हैं, जिनमें से काफी सेहत के लिए नुकसानदेह साबित होते हैं। मुंह में कैविटी और मसूढ़ों की सूजन की समस्या भी होती है। मीठी तुलसी यानी स्टीविया युक्त टूथपेस्ट और माउथवॉश के इस्तेमाल से इन समस्याओं पर काबू पाया जा सकता है।
हड़ियों को दे मजबूती

हड्डियों की मजबूती में कैल्शियम की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मुर्गियों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि मोठी तुलसी में कैल्शियम की भी मात्रा अच्छी होती है। जिन मुर्गियों को स्टीविया आहार दिया गया, उन मुर्गियों के अंडों में अन्य मुर्गियों के अंडों की तुलना में कैल्शियम की मात्रा अधिक पाई गई। यानी मीठी तुलसी के नियमित सेवन से हड्डियां भी मजबूत हो सकती हैं और आप ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से सुरक्षित रह सकते हैं।
मोटापे को करे नियंत्रित
निरोग स्ट्रीट के संस्थापक और आयुर्वेद एक्सपर्ट राम कुमार कहते हैं- मोटापे की एक बड़ी वजह चीनी के अधिक सेवन को भी माना जाता है। अगर आप मीठा खाने के शौकीन हैं, तो मिठास पाने के लिए मीठी तुलसी का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें न तो ग्लूकोज है और न ही कैलोरी, जिस कारण मोटापे की आशंका को कम करती है और मोटे लोगों को अपना वजन कम करने में सहायता भी करती है।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
