
किडनी की समस्या से ग्रस्त मरीजों के लिए उचित डाइट प्लान Publish Date : 16/04/2026
किडनी की समस्या से ग्रस्त मरीजों के लिए उचित डाइट प्लान
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
किडनी से जुड़ी किसी भी तरह की बीमारी गंभीर ही मानी जाती है। किडनी से संबंधित कई रोगों के कारण लोगों की मृत्यु तक भी हो सकती है। इसलिए ऐसी बीमारी के प्रति लापरवाही नहीं बरती जा सकती। आज अनेक लोग किडनी से जुड़े अनेक तरह के रोग से पीड़ित हैं, और रोजाना डॉक्टर के बताए अनुसार दवाओं का सेवन कर रहे हैं, लेकिन क्या आपको यह पता है कि किडनी की बीमारी का इलाज कराने के दौरान मरीजों को उचित डाइट चार्ट भी अपनाने की आवश्यकता होती है। इसलिए आज की हमारी इस ब्लॉग पोस्ट में किडनी के मरीजों के लिए एक उचित एवं स्वास्थ्यवर्धक डाइट प्लान की जानकारी दी जा रही है, किडनी के मरीजों से अपील है कि वह इस डाइट प्लान को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं और अपनी किडनी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाएं-
किडनी की समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए डाइट प्लान

किडनी के रोगी इस डाइट चार्ट को अपनाने से न केवल अपनी किडनी की बीमारी पर उचित नियंत्रण पा सकेंगे, बल्कि समग्र स्वास्थ लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे।
किडनी की बीमारी में क्या खाएं?
किडनी के विकार से ग्रस्त लोगों का आहार योजना कुछ ऐसी होनी चाहिएः-
अनाजः गेहूं, चावल, दालः मूंग आदि।
फल एवं सब्जियां: अनार, पपीता, शिमला मिर्च, प्याज, ककड़ी, टिण्डा, परवल, लौकी, तोरई, करेला, कददू, मूली, खीरा, कुंदरू, गोभी, शिमला मिर्च आदि के साथ ही
अन्यः हल्का खाना, लहसुन, धनिया, पुदीना, जायफल, जैतून का तेल और सूरजमुखी का तेल आदि का प्रयोग करना लाभ प्रदान करता है।
नोटः
1 कटोरी चावल (मांड रहित) सप्ताह में केवल 1-2 बार ले सकते हैं।
- आधा चम्मच सेंधा नमक (मरीज की बीमारी के अनुसार ज्यादा, कम या बंद भी कर सकते हैं) को 24 घण्टे में एक बार सेवन करें।
- एक चम्मच रिफाइण्ड का तेल/सरसों का तेल /मूंगफली का तेल 24 घण्टे में सेवन करें।
- केवल एक लीटर द्रव्य पदार्थ (मरीज की बीमारी के अनुसार ज्यादा, कम भी कर सकते है) का 24 घण्टे के अन्तराल में सेवन करते रहें।
- कोई भी सब्जी या फलों का जूस आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।
- मधुमेह (डायबिटीज) की अवस्था में चावल मांड रहित सेवन करें।
- मूंग दाल बनाने से पहले 45 मिनट पानी में भिगोकर रखें।
- अत्यधिक कमजोरी होने पर 10-15 Gm पनीर (वैद्य के निर्देशानुसार) सेवन करें।
- सब्जियों को अच्छी तरह उबालकर तथा पानी निथारकर उनका सेवन करें।
- यदि क्रिएटिनिन का लेवल 5.0 से अधिक हो तो फलों का सेवन नहीं करना चाहिए।
किडनी की बीमारी में क्या ना खाएं?
किडनी रोग से ग्रस्त मरीजों को इन वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिएः-
अनाजः नया धान, मैदा से बने खाद्य पदार्थ।
दालः उड़द दाल, काबुली चना, मटर, राजमा, सोयाबीन आदि से परहेज करें।
फल एवं सब्जियां: कीवी, बीन्स, टमाटर, किशमिश, खजूर, बेर, आलू, कटहल, बैंगन, अरबी (गुइया), भिंडी, जामुन, आड़ू, कच्चा आम, केला आदि।
अन्यः तेल, गुड़, समोसा, पकोड़ी, पराठा, चाट, पापड़, नया अनाज, खट्टे पदार्थ, सूखी सब्जियाँ, मालपुआ, भारी आहार जैसे छोले, ठण्डा खाना, दही, दूध से बने पदार्थ (खोया, मावा) मांसाहार, शराब धूम्रपान, ज्यादा नमक, तैलीय व मासलेदार भोजन, शहद, बेकरी उत्पाद का सेवन करने से बचकर रहें।
किडनी रोग के दौरान मरीजों का डाइट प्लानः

किडनी की बीमारी के इलाज के दौरन सुबह उठकर दांतों को साफ करने (बिना कुल्ला किये) से पहले खाली पेट 1/4 गिलास गुनगुना पानी आवश्यक रूप से पिएं।
समय आहार योजना (शाकाहार)
नाश्ता करने का समयः (8:30 -9:30 AM) तक।
1/2 कप दूध + इडली (सूजी)/1 कटोरी पोहा/दलिया (कम नमक वाला)/उपमा (सूजी)/1-2 पतली रोटी + 1 कटोरी सब्जी और पनीर (1-2 पीस)।
दिन के भोजन का समयः (01:30-02:30 PM) तक।
1-2 पतली रोटियां (विशेष रूप से मिश्रित अनाज वाला आटा) + 1 कटोरी हरी सब्जियां + कटोरी दाल (मूंगदाल)।
शाम के नाश्ते का समयः (3:30PM) तक।
1/2 कटोरी लई/चूरा/मूँग दाल + 1/2 कप दूध
रात के भोजन का समयः (08:00 – 09:00 PM) तक।
एक पतली रोटी (विशेष रूप से मिश्रित अनाज वाला आटा) + 1/2 कटोरी हरी सब्जियां
सलाहः यदि मरीज को चाय की आदत है तो इसके स्थान पर अन्य स्वास्थ्यवर्धक पेय का सेवन कर सकते हैं।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
