
बादाम, मिश्री और सौंफ के पानी का शानदार नुस्खा Publish Date : 15/04/2026
बादाम, मिश्री और सौंफ के पानी का शानदार नुस्खा
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
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दादी और नानी के समय का यह नुस्खा आँखों के साथ-साथ स्मरण शक्ति को भी मजबूत करने में सहायता करता है।
मोबाइल की लत एवं पोषण की कमी का सबसे अधिक दुष्प्रभाव हमारी आँखों पर पड़ता है। इसके चलते आँखों का कमजोर होना, किसी काम में मन नहीं लगना, सिर का भारीपन, डार्क सर्कल का होना और हमेशा थकान का अनुभव करना जैसे आम होते हैं, और समय के साथ-साथ ही यह लक्षण गम्भीर हो जाते है और हमें विभिन्न प्राकर के रोगादि परेशान करने लगते हैं। नानी और दादी के समय का यह नुस्खा हमें आँखों से सम्बन्धित परेशानियों से राहत प्रदान कर सकता है।
निरंतर गिरती नजर (दृष्टि) को रोकने के लिए डॉक्टर्स चश्मा पहनने की सलाह देते हैं, हमारी दादी, नानी के समय का यह एक नुस्खा हमारी आँखों के साथ ही साथ हमारी स्मरण शक्ति के लिए भी एक रामबाण उपाय है। इस नुस्खें में बादाम, मिश्री और सौंफ आदि को शामिल किया जाता है। गर्मी के मौसम से लेकर सर्दियों तक के मौसम के दौरान यह नुस्खा हमारी आँखों को शीतलता प्रदान करता है।
इस नुस्खे को बनाने के लिए सबसे पहले आप बादाम को धोकर उसे पौंछ लें और इसकी नमी को दूर करने के लिए इसे तवे पर हल्का भून लेना चाहिए। ऐसा करने से बादाम के अंदर की नमी का स्तर कम हो जाता है। इसी प्रकार से सौंफ की नमी को दूर करने के लिए उसे भी ऐसे ही भून लेना चाहिए। अब इस तैयार मिश्रण को कांच के किसी एयर टाइट जार में भरकर रख देना चाहिए।

अब रात्री के समय सोते समय मिश्री वाले गुनगुने दूध के साथ इस मिश्रण का सेवन करें। बादाम आपकी आँख एवं मस्तिष्क को शक्ति प्रदान करता है, जबकि सौंफ आपकी आंखों की रोशनी को बढ़ाने के साथ ही आपके पेट को भी शीतलता प्रदान करती है, जबकि मिश्री की तासीर भी ठण्ड़ी होने के साथ ही इसमें मिठास भी कम होती है, जिसके चलते यह नुस्खा मधुमेह के मरीजों के लिए भी उपयुक्त रहता है।
हालांकि एक तथ्य यह भी है कि मधुमेह के मरीजों को इस नुस्खे का सेवन अपने डॉक्टर की सलाह पर ही करना उपयुक्त रहता है, क्योंकि मिश्री उनके शुगर लेवल में वृद्वि भी कर सकती है।
इसके अतिरिक्त ऐसे लोग, जिन्हें दूध का सेवन करने से परेशानी होती है या दूध के पचने में उन्हें परेशानी होती है, ऐसे लोग इस नुस्खें का सेवन गुनगुने पानी के साथ भी कर सकते हैं। इसी प्रकार से जिन लोगों में आँखों के चश्में का नम्बर तेजी से बढ़ रहा या किसी की आँखों से पानी आता है, तो ऐस लोग भी इस नुस्खे का नियमित रूप से सेवन कर इसका पूरा लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही इन लोगों को नेत्र चिकित्सक से भी सलाह प्राप्त करनी चाहिए, क्योंकि यह मिश्रण केवल और केवल पोषण प्रदान करता है, और यह कोई उपचार नहीं हैं।
अतः आप अपनी आँखों, मस्तिष्क और पेट के स्वास्थ्य के लिए इस नुस्खे का प्रयोग कर अपनी परेशानियों को काफी हद तक कम करके उनसे राहत भी प्राप्त कर सकते हैं।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
