गर्मियों में सेवन करें इमली का ठण्ड़ा शरबत      Publish Date : 03/04/2026

गर्मियों में सेवन करें इमली का ठण्ड़ा शरबत

                                                                                             डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा

समग्रीः एक किलोग्राम पुरानी इमली का गूदा, ढाई किलोग्राम शक्कर।

बनाने की विधिः शाम के समय इमली के गूदे को किसी चीनी मिट्टी, कलई अथवा काँच के बर्तन में दो लीटर पानी में भिगोकर रख दें। अगली सुबह इस उफान आने तक उबालकर कपड़छन कर लें। साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इसे किसी भी दशा में मलना या मसलना नहीं जाना चाहिए।

इसके बाद इस छने हुए जल में चीनी को मिलाकर पुनः पकाएँ। पकाने के दौरान जग चाश्नी शहद के समान गाढ़ी हो जाए तो उसे आँच से उतारकर ठण्ड़ा कर लेने के बाद इसे बोतल में भरकर रख लेना चाहिए।

                                   

सेवन करने का तरीकाः इस मिश्रण का 10 से 40 ग्राम अथवा 2 से 8 बड़ा चम्मच तक लेकर उसे बराबर मात्रा में पानी के साथ मिलाकर आप इस शरबत का सेवन दिन में तीन से चार बार तक कर सकते हैं। इमली का यह शरबत बहुत स्वादिष्ट होता है जो गर्मी को दूर कर आपके शरीर को शीतलता प्रदान करता है। अतः इस शरबत का प्रयोग गर्मियों के दिनों में करना बहुत अधिक लाभ प्रदान करता है।

शरबत से प्राप्त लाभः

इमली का यह शरबत, प्यास, लू से होने वाली बेचेनी, भोजन के प्रति अरूचि, मितली, उल्टी, गर्मी के चलते होने वाली बेचेनी और पित्त के विकारों को शांत करता है। इसका सेवन करने से कब्ज की समस्या भी दूर हो जाती है। इमली का यह शरबत भाँग, गाँजा और शराब के नशे का भी शमन करता है। इसके साथ ही इमली के शरबत का सेवन करने से गर्मी से राहत प्राप्त होती है और शरीर को शीतलता मिलती है।

इमली का पना

इमली का पना बनाकर इसका सेवन करने से भी गर्मी से काफी राहत प्राप्त होती है। इमली के पने को इस विधि से तैयार किया जा सकता है:-

बनाने की विधिः

इमली का पना बनाने के लिए इमली के गूदे को उचित पानी की मात्रा में आधा घंटे के लिए भिगोकर रख देना चाहिए। आधा घंटे के बाद इसे एक अथवा आधा लीटर पानी में थोड़ा सा उबाल कर ठण्ड़ा होने के बाद इसे मसलकर छान लेना चाहिए। तैयार इस मिश्रण में स्वाद के अनुसार नमक, भुने हुए जीरे का चूर्ण, भुना हुआ धनिया का चूर्ण, पिसी हुई काली मिर्च तथा थोड़ा सा गुड़ अथवा शक्कर मिलाकर इसे घूँट-घूँट कर सेवन कर सकते हैं।

इमली के पना से प्राप्त लाभः

इस प्रकार से बनाया गया यह इमली का पना बहुत ही स्वादिष्ट, पित्त एवं गर्मी नाशक और क्षुधावर्द्वक गुणों से भरा होता है। बहुत से लोग इसका सेवन शौक के तौर पर भी करते हैं, जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक सिद्व होता है।

लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।